NEWS DESK, NATION EXPRESS, जम्मू
इंसानियत का मूल धर्म सभी प्राणियों को पीड़ा रहित वातावरण प्रदान करना है। कोरोना काल में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जब अपनों ने ही विषम परिस्थितियों में दामन छोड़ दिया। अधिकांश जगहों पर हृदय को कंपा देने वाले मामले देखने को मिले। इसके विपरीत समाज के कुछ लोग दिन-रात सेवा भाव से कार्य करके इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं।
हम आपको जम्मू का एक ऐसा ही मामला बताने जा रहे हैं। जिसमें गुरुवार को दमकल विभाग के कर्मचारी उस समय फरिश्ता बनकर आए जब एक बेजुबान पक्षी पेड़ में फंसकर आखिरी सांसे गिन रहा था। पेड़ में फंसने के बाद पक्षी(बाज) लाख कोशिशों के बावजूद खुद को मुक्त नहीं करा पा रहा था। बेजुबान पक्षी को फड़फड़ाता देख हर किसी का दिल भर आया। कुछ समय बाद बाज की फड़फड़ाहट की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। ऐसा लग रहा था कि वह बस दम तोड़ने ही वाला है।
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इसी दौरान लोगों ने बाज के फंसे होने की जानकारी दमकल विभाग को दी। आनन-फानन दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
लोग अपनी छतों से इस रेस्क्यू ऑपरेशन को देख रहे थे। साथ ही फरिश्ता बनकर आए दमकल कर्मियों को बार-बार धन्यवाद दे रहे थे। आखिरकार वह घड़ी आई जब पक्षी को सकुशल बचा लिया गया। बता दें कि कैनाल रोड के स्थित ओल्ड यूनिवर्सिटी कैंपस पलोरडा में पेड़ में फंसे पक्षी को दमकल विभाग के कर्मचारियों ने अपनी जान पर खेलकर बचा लिया। बचाने के बाद उसे पानी पिलाकर वाइल्ड लाइफ को सौंप दिया।एक बेजुबान को जीवनदान देकर दमकल विभाग के कर्मचारियों के चेहरे की खुशी देखने लायक थी। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि इंसानियत के सिपाही जाति, धर्म या प्राणी में भेदभाव नहीं करते हैं।
Report By :-KHUSHBOO KHAN, NEWS DESK, NATION EXPRESS, जम्मू