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रंगदारी से पांच करोड़ रुपए की सम्पत्ति अर्जित कर चुका है गैंगस्टर अमन साहू

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रांची :- कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू रंगदारी वसूल कर पांच करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अर्जित कर चुका है। इस बात का खुलासा उसने पुलिस रिमांड पर आने के बाद किया है। खलारी पुलिस ने अमन साहू से पूछताछ की तो उसने कई चौंकानेवाली जानकारी पुलिस को दी है। अमन साहू ने रंगदारी का पैसा वसूलने के बाद रांची, रामगढ़ और हजारीबाग में कई जगहों पर जमीन खरीदी है। अमन साहू ने पुलिस को बयान दिया है कि पतरातू इलाके में उसने 5 से 6 लोगों की हत्या की है। सभी की हत्या करने के बाद शव को कोयला के डंपिंग यार्ड के रैक में फेंक देता था,

ताकि पुलिस शव बरामद नहीं कर पाए और अमन साहू का नाम हत्याकांड से ना जुड़ पाए। अमन को जब भी किसी की हत्या करनी होती थी तो वह सुजीत सिन्हा की मदद से हथियार लेता था। घटना को अंजाम देने के बाद अमन हथियार को वापस कर देता था। पुलिस को भटकाने के लिए बिहार में रखा था मोबाइलरांची पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि अमन साहू पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल अपने पास नहीं रखता था। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर अमन को पकड़ने का प्रयास कर रही थी, लेकिन अमन ने मोबाइल कटिहार में रख दिया था। अमन की तलाश में पुलिस कटिहार में छापेमारी कर रही थी और वह रांची में रहकर आसानी से कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहा था। पुलिस को कटिहार से अमन का मोबाइल मिला, तब इस बात की जानकारी हुई कि अमन धुर्वा इलाके में है। इसके बाद पुलिस ने एसआईटी का गठन किया और अमन को गिरफ्तार कर लिया। यूपी के विकास दुबे का एनकाउंटर के बाद डर गया था अमन, रांची पुलिस का कहना है कि रिमांड पर लेने के बाद अमन ने बताया कि यूपी के विकास दुबे का एनकाउंटर होने के बाद वह काफी डर गया था। पुलिस ने जैसे ही अमन को पकड़ा तो उसे लगा कि उसका भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा।

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इस वजह से वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा और कहने लगा कि वह सरेंडर कर रहा है उसे गोली ना मारा जाए। अमन ने बताया कि वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आता तो कुछ दिनों के अंदर वह कोर्ट में सरेंडर कर देता। गिरोह के सदस्यों से फोन पर बातें करता था अमनरांची पुलिस का कहना है कि चुटिया इलाके से अमन के गिरोह के पांच लोगों को पकड़ने के बाद उनसे अमन के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि अमन कभी उनसे नहीं मिला है। वह सिर्फ फोन पर बातें करता है। अमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके गिरोह के सदस्यों को अमन के सामने लाया,

तब सदस्यों को पता चला कि अमन कौन है।पढ़े-लिखे युवाओं को करता था गिरोह में शामिल अमन ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसके गिरोह के ज्यादातर सदस्य पढ़े-लिखे हैं। पढ़े-लिखे युवाओं के होने की वजह से गिरोह के सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आसानी से नहीं आते थे। पुलिस को चकमा देने के लिए वह पूरी तैयारी करके चलते थे। गिरोह के सभी सदस्यों के पास फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, प्रेस आईडी कार्ड है। पुलिस के द्वारा चेकिंग में इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल करके गिरोह के सदस्य आसानी से बच जाते हैं।

Report By :- Shadab Khan (Crime Desk) NATION EXPRESS, RANCHI

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