मौसम की तपिश के साथ चढ़ा झारखंड का सियासी पारा : हेमंत के हाथ से फिसल रही है सीएम की कुर्सी, भाभी सीता कहीं अपने देवर हेमंत कि सरकार गिराने की साजिश में तो नहीं जुट गई ?, सीता और लोबिन हेम्ब्रम के साथ बीजेपी की डील पक्की
POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए शायद यह शेर पूरी तरह फिट बैठता है कि मुझे अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था मेरी कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था
JMM के आधा दर्जन विधायकों ने केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर शिकायत की है कि पार्टी की विधायक सीता सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश में जुटी हैं.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को पाला बदलकर भाजपा का साथ देने का दबाव बना रहे हैं। दोनों सरकार अस्थिर होने के बाद नई सरकार बनने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को मंत्री का पद देने का भी प्रलोभन दे रहे हैं।
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झारखंड के राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर

जैसे-जैसे झारखंड में मौसम की तपिश बढ़ रही है, वैसे-वैसे राज्य का सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है. राज्य के सियासी पारा के केंद्र में है झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन का परिवार. भाभी पर लग रहा है अपने ही देवर के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने का आरोप. गुरुजी के घर एक बार फिर शुरू हो चुकी है राजनीतिक नूराकुश्ती.
इस बार सीधे तौर पर गुरुजी की पुत्रवधू और जामा की विधायक सीता सोरेन पर हेमंत सरकार को अस्थिर करने का आरोप लग रहा है. झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के आधा दर्जन विधायकों ने केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर शिकायत की है कि पार्टी की विधायक सीता सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश में जुटी है. सीता सोरेन का साथ बोरियों के विधायक लॉबिन हेम्ब्रम दे रहे हैं. पार्टी नेतृत्व को विधायकों ने शिकायत की है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का निष्कासित कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल और उसका करीबी अशोक अग्रवाल सरकार को अस्थिर करने की योजना का मास्टर माइंड है.

केजरीवाल और अग्रवाल मिलकर बारी-बारी से जामा से झामुमो की विधायक सीता सोरेन के आवास पर पार्टी के विधायकों को फोन कर मिलने के लिए बुलाता है. केजरीवाल के साथ उसका करीबी अशोक अग्रवाल भी रहता है. दोनों झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को पाला बदलकर भाजपा का साथ देने का दबाव बना रहे हैं. दोनों सरकार अस्थिर होने के बाद नई सरकार बनने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को मंत्री का पद देने का भी प्रलोभन दे रहे हैं.
विधायकों की शिकायत पर शीर्ष नेतृत्व सतर्क
विधायकों की ताजा शिकायतों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का शीर्ष नेतृत्व सतर्क हो गया है. मोर्चा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक लिखित शिकायत के अलावा लगभग आधा दर्जन विधायकों ने इस साजिश की जानकारी मौखिक तौर पर शीर्ष नेतृत्व को दी है. यह भी बताया है कि इस मुहिम में लोबिन हेम्ब्रम का भी साथ मिल रहा है. सीता सोरेन जामा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि लोबिन हेम्ब्रम बोरियो के विधायक हैं. दोनों विभिन्न मौके पर खुलकर सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलते हैं.
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के बजट सत्र में सीता सोरेन और लोबिन हेम्ब्रम ने अपनी ही सरकार के खिलाफ विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना तक दिया. सीता सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन के पुत्र दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं. उन्होंने अपनी दो पुत्रियों को आगे कर एक समानांतर संगठन दुर्गा सोरेन सेना खड़ा किया है. जबकि लोबिन हेम्ब्रम लगातार सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं. उन्होंने सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है. झामुमो के विधायकों ने पत्र में जिक्र किया है कि अपने दल के इन विधायकों के रवैये से काफी व्यथित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया है कि सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रहे नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए.
पहले भी दो बार सरकार गिराने का आया है मामला
ऐसा नहीं है कि हेमंत सरकार को अस्थिर करने का मामला पहली बार सामने आया है. इससे पहले भी दो बार इस तरह के मामले सामने आए हैं. पूर्व में सबसे पहले कांग्रेस विधायक अनूप सिंह ने बीते वर्ष 22 जुलाई को रांची के कोतवाली थाना में सरकार गिराने की साजिश को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इस आरोप में पुलिस ने राजधानी के अल्बर्ट एक्का चौक के समीप एक होटल में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. कुछ लोग भागने में सफल भी हुए थे. इस मामले में मुंबई के मोहित भारतीय और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का नाम सामने आया था. बावनकुले ने इससे इन्कार किया था.

जांच के लिए रांची पुलिस मुंबई भी गई थी. इसके बाद झामुमो विधायक रामदास सोरेन ने रवि केजरीवाल और उसके करीबी अशोक अग्रवाल के खिलाफ रांची के जगन्नाथपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. सोरेन ने शिकायत की थी कि केजरीवाल और अग्रवाल मिलकर सरकार गिराने की साजिश रच रहे थे. प्रलोभन भी दिया जा रहा था. दोनों ने नई सरकार बनने पर मंत्री पद के साथ-साथ पैसे का लालच दिया. इसकी जांच चल रही है. कोर्ट से इस मामले में केजरीवाल को जमानत मिल चुका है. केजरीवाल को संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण झामुमो से निकाला गया था.
सपरिवार दिल्ली दौरे पर हैं हेमंत सोरेन
राज्य में चल रहे सियासी खेल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने परिवार के साथ दिल्ली दौरे पर हैं. बताया जाता है कि वह दिल्ली से माता वैष्णो देवी का दर्शन करने जाएंगे. गुरुवार को ही मुख्यमंत्री दिल्ली गए हैं. सोमवार को उनके रांची लौटने की संभावना है.
कांग्रेस विधायकों की भी बढ़ा दी गई है चौकसी
इधर, जानकारी के अनुसार सरकार के रणनीतिकारों ने कांग्रेस विधायकों की चौकसी बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के तेवर पिछले कुछ महीने से तल्ख हैं. पूर्व में भी कांग्रेस के विधायकों ने सरकार पर कई आरोप लगा चुके हैं. बहरहाल सरकार को लेकर नए सिरे से मची उथल-पुथल में कांग्रेस नेतृत्व भी सजग है. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय राज्य के दौरे पर भी आ रहे हैं.

जो सही है वो कहती हूं और कहती रहूंगी : सीता सोरेन
विधायक सीता सोरेन ने कहा कि मैंने पार्टी विरोधी कुछ कार्य नहीं किया है. जो सही है, वह जरूर कहती हूं. जनता सब देख रही है़ गलत होता है, तो आवाज उठाती हूं. अगर शिकायत की गयी है, तो भी सबने यह रो-रोकर लिखा होगा. अंदर से सब दुखी हैं. सरकार गिराने की साजिश का आरोप गलत है. हम अपना काम कर रहे हैं. जो लोग सरकार गिराने का प्रयास कर रहे हैं, वही मुझ पर आरोप लगा रहे हैं.

अपनी सरकार मे नहीं बोलेंगे तो कहां बोलेंगे : लॉबिन
विधायक लॉबिन हेम्ब्रम ने कहा कि मैं सरकार और संगठन के खिलाफ नहीं हू़ं. स्थानीय नीति लागू करने की बात कर रहा हू़ं. सरकार ने जो वादा किया था, चुनावी घोषणा पत्र में कहा था, उसमें 1932 के खतियान की बात थी उसे लागू करने की बात कह रहा हूं. हम कहां पार्टी और सरकार का विरोध कर रहे हैं. अपनी सरकार में नहीं बोलेंगे, तो कहां बोलेंगे. मैं भाजपा के संपर्क में नहीं हूं. मैं झारखंड के लोगों के संपर्क में हूं.
Report By :- पल्लवी पाठक/ गरिमा सिंह , स्पेशल कॉरस्पॉडेंट, नेशन एक्सप्रेस