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आरोप कम -राजनीति का शोर अधिक, देश के खिलाफ गहरी साजिश, गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग

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POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session 2021) के पहले एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साजिश के अंतर्गत जासूसी कांड उछाला गया है और विपक्ष की ओर से संसद में हंगामा किया जा रहा है, बयानबाजी की जा रही है और संसद के पहले दिन से ही इतना अधिक हंगामा हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अपने नये मंत्रियों का परिचय तक नहीं करा सके। मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी के बहाने लोकतंत्र की सभी सीमाओं को तार-तार कर दिया।

यह जासूसी कांड पूरी तरह से विदेशी साजिश ही नजर आ रही है। यह महज एक संयोग ही है कि इस स्टोरी को विदेशी समचार पत्रों ने संसद के मानसून सत्र के ठीक एक दिन पहले ही प्रकाशित किया है। यह जासूसी की स्टोरी उन समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है जो पहले भी भारत विरोधी समाचार व लेखों का प्रकाशन करते रहे हैं और भारत के विरोधी दलों के राजनेता प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी सरकार की छवि को खराब करने के लिए उनको आधार मानकर उनके ऊपर सीधे हमले करते रहे हैं। यही कारण है कि देश के विरोधी दलों के आरोपों को जनता के बीच समर्थन नहीं मिला है इसके विपरीत आम जनमानस के बीच विरोधी नेताओं की छवि को ही आघात लगा है।

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जासूसी का आरोप लगाने वाले भारत विरोधी

Congressmen protested against espionage scandal kept fast - कांग्रेसियों ने जासूसी  कांड के विरोध में किया प्रदर्शन, रखा उपवासताजा जासूसी कांड पूरी तरह से बेसिर पैर का है, लेकिन उसमें जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं कि जिनका फोन टेप किया गया है यह बहुत ही शरारतपूर्ण और आपत्तिजनक और सुनियोजित है। जिससे यह पता चल रहा है कि भारत सरकार पर जासूसी का आरोप लगाने वाले लोग कितने खतरनाक हैं और भारत विरोधी हैं। यह लोग नहीं चाहते कि भारत आत्मनिर्भर बनें, यह लोग भारत की विकास यात्रा पर बाधा डालना चाहते हैं।

यह लोग नहीं चाहते कि भारत में राष्ट्रवाद की धारा मजबूत हो और यह भी नहीं चाहते कि भारत एक भारत एक श्रेष्ठ भारत बने। यह लोग पहले भी भारत में जासूसी कांड करवाकर सरकारें बदलवाते रहे हैं और इस बार भी इन लोगों ने सोचा था कि वह लोग अबकी बार जरूर मोदी सरकार को हिलाकर रख देंगे लेकिन उनकी यह योजना इस बार फेल हो गयी है।

कांग्रेस देख रही वापसी का सपना

राहुल गांधी की अगुवाई में प्रदर्शन करते कांग्रेसी सांसद (फोटो साभार- ट्विटर)आज का विपक्ष विशेषकर कांग्रेस (Congress) जब से कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) का दौर शुरू हुआ है तब से वह मतिभ्रम का शिकार होकर मोदी सरकार व राज्यों की बीजेपी सरकारों की छवि को खराब करने के लिए दिन रात एक कर रही थी तथा उसके लिए हरसंभव प्रयास किये गये लेकिन उसे सफलता हाथ नहीं लगी लेकिन अब उसे पेगासस (Pegasus Hacking Case) के रूप में एक ऐसा हथियार अमल गया है जिसक माध्यम से वह मोदी सरकार व राज्यों की बीजेपी सरकारों को गिराने का स्वप्न देख रही है तथा ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पेगासस जासूसी कांड की आढ़ में कांग्रेस की जिन राज्यों में सरकारें गिरी थीं वहां पर एक बार फिर वह वापसी की तैयारी कर रही है।

सोनिया गांधी-राहुल गांधी (फोटो साभार- सोशल मीडिया)असल बात तो यह है कि इस समय कांग्रेस का आलाकमान अपनी एक के बाद एक विफलताओं से बहुत अधिक घबरा गया है। कांग्रेस शासित सभी राज्यों में कांग्रेस आसी कलह से गुजर रही है और कांग्रेसी आलाकमान परिस्थितियों को संभालने की बजाय उसे टाल रहा है। यही कारण है कि अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय दल की बैठक में कहा कि कांग्रेस हर जगह हार रही है और उसे अपनी नहीं हमारी चिंता अधिक हो रही है। उन्होंने कहा कि वह हर बार असत्य बोलेंगे लेकिन हमें जनता के बीच सत्य ही बोलना है।

 

अमित शाह के इस्तीफे की मांग

गृहमंत्री अमित शाह बोले- DRDO तैयार कर रहा है स्वदेशी एंटी ड्रोन तकनीक,  सीमा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती - India anti drone swadeshi technology drone  attacks Amit Shah ntc - AajTakपेगाासस कांड (Pegasus Spyware Case) पर पहले विपक्ष बहुत ही आक्रामक अंदाज में कौवा कान ले गया कि अंदाज मे उड़ने लग गया और उसने गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे तक की मांग कर डाली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व अन्य कांग्रेसी नेताओं ने अपने टिवटर हैंडल पर पीएम मोदी व बीजेपी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग किया और बिना किसी जांच व सबूतों के अभाव में बीजेपी का नाम भारतीय जासूस पार्टी कर दिया।

गृहमंत्री का यह बयान बिलकुल सही है कि इस तथाकथित रिेपोर्ट के लीक होने का समय और संसद में विपक्ष का हंगामा इसे आपस में जोड़कर देखने की आवश्यकता है। यह एक विघटनकारी वैश्विक संगठन है जो भारत की प्रगति को पसंद नहीं करता है। यह कार्य केवल और केवल विश्वस्तर पर भारत को अपमानित करने और भारत के विकास के पथ को पटरी से उतारने के लिए किया गया है।

क्या है जासूसी रिपोर्ट में

Pegasus जासूसी कांडज्ञातव्य है कि यह जासूसी रिपोर्ट द गार्जियन और भारत में द वायर में प्रकाशित हुई है। द गार्जियन के अनुसार डेटाबेस में एक फोन नंबर की मौजूदगी इस बात की पुष्टि नहीं करती कि कि संबंधित डिवाइस पर जासूसी ही की गई या फिर की जानी ही थी। अत्यधिक सनसनीखेज कहानी के रूप में रिपोर्ट में कई तरह के संगीन आरोप लगाये गये हैं। लेकिन इन पर अभी तक कोई सार नजर नहीं आता।

यह पूरी तरह से वामपंथी मीडिया की गहरी साजिश है यह उन लोगों व पत्रकारों की साजिश है जिनकी दुकानें अब 2014 के बाद से बंद हो चुकी है। इस रिपेार्ट को लीक करने में वह लोग शामिल हैं जो पूर्व में गठबंधन सरकारों का मंत्रिमडल तय किया करते थे।

पेगासस जासूसी कांड- सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, SIT जांच की मांगइस रिपोर्ट के खुलासे की टाइमिंग में तो झोल ही झोल नजर आ रहा है। 2024 में लोकसभा चुनावों के पूर्व उप्र सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव आगामी 2022 में होने जा रहे हैं और यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की वापसी को रोकना है तो इसके लिए पहले उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार के विजयरथ को रोकना होगा। अगर यह लोग अपनी साजिशों में सफल हो भी जाते हैं तो 2024 में पीएम मोदी की राह और अधिक मुश्किल हो जायेगी। यही कारण है कि बीजेपी ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों व जहां पर बीजेपी विपक्ष में है वहां पर अपने विरोधी दल के नेता को कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करने के लिए मैदान में उतार भी दिया है।

इस संस्था पर कानूनों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार के आरोप

पेगासस जासूसी कांड पर बवाल…विपक्ष का सरकार से गंभीर सवाल, क्या Rahul Gandhi  की हुई जासूसी ? - YouTubeये रिपोर्ट एमनेस्टी इंटरनेशनल और फारविडन स्टोरीज नामक दो अंतराष्ट्रीय संस्थाओं ने तैयार की है जिसमें एमनेस्टी इंटरनेशनल पर पिछले वर्ष भारत में कानूनों के उल्ल्ंघन और भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे और जिसके बाद इन लोगों के अकांउंटस फ्रिज कर दिये गये थे और ये संस्था भारत सरकार पर तमाम आरोप लगाकर देश से भाग गई गयी थी। जबकि फारबिन स्टोरीज एक ऐसी संस्था है जो ऐसे स्वतंत्र पत्रकारों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराती है जिनकी जान को सरकार या दुश्मनों से खतरा होता है।

इन दोनों संस्थाओं ने मिलकर ये रिपोर्ट बनाई है जिसे भारत के कई मीडिया संस्थानों ने प्रकाशित किया है। यह लोग एक टूलकिट बनाकर जिस तरह से नामों को उजागर कर रहे हैं उससे इन लोगों के बेहद खतरनाक इरादे जगजाहिर हो रहे हैं। यह रिपोर्ट टुकडे- टुकडे गैंग से भी बहुत अधिक खतरनाक हैं। यह रिपोर्ट पूरी तरह से हिंदुत्व और भारतीयता के खिलाफ है।

इस रिपोर्ट के आधार पर जिस प्रकार से पाक पीएम इमरान खान (PM Imran Khan) का नाम जोड़ा जा रहा है और दिल्ली दंगों के गुनहगार उमर खालिद आदि का नाम जोड़ा जा रहा है उससे साफ पता चल रहा है कि यह रिपोर्ट केवल और केवल पीम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह व बीजेपी को निशाना बनाकर ही तैयार की गयी है।

कांग्रेस के इतिहास में जासूसी ही जासूसी

कभी-कभी कुछ जज सरकार चलाने का प्रयास करते हैं: रविशंकर प्रसादरिपोर्ट के प्रकाश में आने के बाद पूर्व कंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जिस प्रकार से पलटवार किया है वह भी चर्चा का विषय है और पूरे मामले में कांग्रेस को बैकफुट पर लाने वाला है। कांग्रेस का तो पूरा इतिहास ही जासूसी का रहा है। कांग्रेस नेता स्वर्गीय राजीव गांधी ने तो पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की सरकार को जासूसी के आरोप लगाकर ही गिरा दी थी।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को अपनी जासूसी का शक होने पर पत्र भी लिखा था। आपातकाल के दौरान कांग्रेस तो विरोधी नेताओं का दमन ही जासूसी के दम पर कर रही थी। अभी हाल ही में जब राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच विवाद चल रहा था तब सचिन ग्रुप ने मुख्यमंत्री पर फोन टैपिंग के आरोप लगाये थे। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की सरकार में भी जासूसी हो रही थी और उस पर करोड़ों रूपये खर्च हो रहे थे।

अब मामले की जांच का समय

Neither has any 'mandi' shut nor has MSP stopped, says PM Modi; Cong, TMC  stage walkoutयह बात तो सही है कि पेगासस की यह कहानी बहुत ही शरारतपूर्ण है क्योंकि जिन संस्थाओ ने रिपेार्ट तैयार की है वह कभी भी मजबूत और विकासशील भारत के समर्थक नहीं रहे हैं और उन पर भारत में देशद्रोही हरकतें करने क आरोप लगते रहे हैं। भारत में जिस मीडिया संस्था द वायर ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है उसे दिल्ली हाईकोर्ट सहित देश की कई अदालतें फटकार भी लगा चुकी हैं और द वायर की भूमिका बहुत ही संदिग्ध रहती है। आज ऐसी संस्थाएं छटपटा रही हैं कि उनका भारत में बाजार बंद हो गया है उनकी दुकान बंद हो गयी है। वह लोग भारत में अपनी दुकान खोलने के लिए इस प्रकार की विकृत हरकतें कर रहे हैं।

Modi Cabinet Expansion: Modi Government 2.0's first cabinet expansion  today, know on what basis new faces will be included - Daily Indiaअतः अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मजबूत सरकार इस पूरे मामले के हर पहलू की गहराई से हर बिंदु की जांच करवाये और दूध का दूध और पानी का पानी करें। सरकार को जांच अवष्य करवानी चाहिये ताकि विपक्ष का मुंह भी बंद होगा और फिर विदेषी साजिषों का भंडाफोड भी आसानी से होगा। सरकार को यह जांच इतने विस्तृत दायरे में करवानी चाहिये कि यदि कोई पीड़ित व्यक्ति सामने आकर अपनी जांच करवाना चाहे तो उसे भी उसमें शामिल किया जाये और अगर उसकी बात व आरोप झूठे साबित होते है तो उसके ऊपर मानहानि का आपराधिक मुकदमा सरकार की ओर से चलाया जाना चाहिये ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। अगर यह आरोप झूठे हैं तो सरकार को आगे आकर रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्थाओं पर भी मुकदमा करना चाहिये।

जांच के मैदान से दूर हटेगा विपक्ष

Sonia, Rahul sit close; Mulayam, Akhilesh absentयहां पर सबसे बड़ी बात यह है कि यदि आरोप झूठे हैं और तथ्यहीन और बिना किसी सबूत के लगाये जा रहे हैं तो यह विपक्ष पहले से ही जांच के मैदान से दूर हटेगा क्योंकि देश के विरोधी दलों के नेताओं को देश की न्यायपालिका, सीबीआई और ईडी पर भरेासा नहीं रह गया है। विपक्ष मांग कर रहा है कि पूरे मामले की संसद की समिति बनाकर जांच हो वहां पर भी वह अल्पमत में है। असल बात तो यह है कि वह केवल हंगामा कर मोदी सरकार को डरा रहा है और केवल अपनी राजनीति को चमकाना चाह रहा है।

Lok Sabha "Hungama" - YouTubeसबसे बड़ी बात तो यह है कि पूरे प्रकरण से यह बात तो साफ हो गयी है कि यह लोग जिस प्रकार से सरकार पर हमला बोल रहे हैं उससे साफ हो गया है कि इनके दिल मेें डर तो बहुत बड़ा है और यह भी सत्य हो गया है कि सरकारी एजंसियो ने इन लोगो की देश विरोधी हरकतो को पकड़ लिया है क्योंकि सरकार को इस बात का अधिकार प्राप्त है कि वह देश विरोधी गतिविधियों में षामिल लोगों की किसी भी प्रकार की निगरानी कर सकती है अैार फोन आदि टेप कर सकती है।

सरकार को यह जाने का पूरा हक है कि क्या कोई संस्था राजनैतिक दल नेता व संस्था आदि देश विरोधी गतिविधियो में नहीं शामिल है। आज देश के राजनैतिक दल वास्तव में सुपारी गैंग बनकर बयानबाजी कर रहे हैं।

Report By :- MADHURI SINGH, EDITOR – IN – CHIEF /ANUJA AWASTHI, POLITICAL EDITOR /  GULZAR KHAN, CHANNEL HEAD, NATION EXPRESS, NEW DELHI

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