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LITTLE HEART HOSPITAL ! डॉक्टर के भेष में भेड़िया निकला डॉक्टर सत्यजीत ! नवजात की मौत के बाद भी इलाज के नाम पर पैसे वसूलता रहा अस्पताल, शव गलने के बाद किया मृत घोषित… स्वास्थ्य मंत्री ने कठोर कार्रवाई की कही बात

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CRIME DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

LITTLE HEART HOSPITAL में छोटे बच्चो की जान के साथ खिलवाड़ करता है बेरहम डॉक्टर

लिटिल हार्ट हॉस्पिटल में छोटे बच्चो का इलाज करवाना मतलब मौत को दावत देना 

अरगोड़ा थाना में हॉस्पिटल के मालिक आसुतोष शर्मा और डॉक्टर सत्यजीत कुमार के खिलाफ FIR दर्ज

राजधानी रांची के एक अस्पताल में नवजात बच्चे की मौत के बाद भी पैसा वसूलने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है. परिजनों के आरोप लगाने के बाद प्रशासन रेस हुआ और डीसी ने जांच के आदेश दिए है. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के आदेश पर एक जांच समिति गठित की गई है, जिसमें कार्यपालक मजिस्ट्रेट, जिला समाज कल्याण अधिकारी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम शामिल है. यह जांच समिति कई बिंदुओं पर जांच करेगी. उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन या संबंधित किसी भी व्यक्ति की लापरवाही या गलती साबित होती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

Little Hearts Children Hospital (child & Mother Care Centre) in Ashok Nagar,Ranchi - Best Multispeciality Hospitals in Ranchi - Justdialआपको बता दें कि अरगोड़ा स्थित लिटिल हार्ट हॉस्पिटल में बच्चे की मौत के तीन दिनों तक अलग-अलग इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप परिजनों ने लगाया है. जब बच्चे का शव सड़ने लगा, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और घर ले जाने को कहा. जब परिजनों ने बच्चे का शव देखा, तो वे दंग रह गए. शव में कीड़े लग गए थे. इसके बाद अरगोड़ा थाने में अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया. बच्चे के शव का रिम्स अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया. अब रिम्स की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस जांच को आगे बढ़ाएगी.

बच्चे के पिता मुकेश सिंह ने बताया कि बच्चे का जन्म 4 जुलाई को सदर अस्पताल में हुआ था. सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टरों की सलाह पर उसे 8 जुलाई को लिटिल हार्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. भर्ती होने के बाद से ही अस्पताल प्रबंधन बच्चे को परिवार से मिलने नहीं दे रहा था. शुक्रवार से बच्चे को पूरी तरह से छिपाकर रखा गया था. डॉक्टर बार-बार खून की मांग करते रहे, लेकिन स्थिति के बारे में जानकारी देने से बचते रहे. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनसे इलाज के नाम पर एक लाख रुपये वसूले गए. वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि परिवार को नवजात की गंभीर हालत के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था. उनके अनुसार, मौत के बाद परिवार इसके बदले पैसे की मांग कर रहा था.

नवजात की मौत के बाद भी 4-5 दिनों तक वेंटिलेटर पर रख की लाखों वसूली - Inside Jharkhand Newsनवजात की मौत के बाद भी वेंटिलेटर पर रखने का मामला: स्वास्थ्य मंत्री ने कठोर कार्रवाई की कही बात – HEALTH MINISTER IRFAN ANSARI

जधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में संचालित LITTLE HEART HOSPITAL में नवजात की मौत के बाद भी तीन दिनों तक वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किए जाने के मामले में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर यह मामला सत्य पाया गया तो उस निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हॉस्पिटल नॉर्म के अनुसार इलाज के लिए किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों से मुलाकात के लिए हर दिन सुबह-शाम का समय निर्धारित है. अगर परिजनों को मरीज से मिलने नहीं दिया जा रहा था तो इसकी शिकायत हम से करनी चाहिए थी.

मामले की कराएंगे जांचः स्वास्थ्य मंत्री
Health Minister Irfan Ansariस्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. रांची के सिविल सर्जन को भेजकर पूरे मामले की जांच कराएंगे और रिपोर्ट आने के बाद अगर निजी अस्पताल संचालक दोषी पाया गया तो कठोर कार्रवाई करेंगे.

अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज

रांची के अरगोड़ा थाना में मामले को लेकर नवजात के परिजनों ने निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी है

रांची के अरगोड़ा स्थित एक निजी अस्पताल में हुई नवजात शिशु की मौत ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बच्चे की मृत्यु होने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। यह मामला जैसे ही सामने आया, जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने इस घटना को बेहद गंभीर माना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मृत नवजात को वेंटिलेटर पर रखा, कार्रवाई तय :- उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री

परिजनों का आरोप – मौत के बाद भी चलता रहा वेंटिलेटर

मृतक नवजात के परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे की मौत की सही जानकारी उन्हें नहीं दी। बच्चे को वेंटिलेटर पर दिखाया जाता रहा, जिससे परिजन यह मानते रहे कि उनका बच्चा जीवित है। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने लगातार बच्चे की हालत पर सवाल किए तो कई बार अस्पष्ट जवाब दिए गए। इससे परिवार का दुख और आक्रोश दोनों बढ़ गया।

प्रशासन हरकत में – जांच समिति का गठन

जैसे ही यह मामला समाचार माध्यमों के जरिए प्रशासन तक पहुंचा, उपायुक्त श्री भजंत्री ने तुरंत जांच समिति का गठन किया। इस समिति में कार्यपालक दंडाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को शामिल किया गया है। समिति का मुख्य उद्देश्य है – घटना की पूरी सच्चाई सामने लाना और यह तय करना कि कहीं अस्पताल प्रबंधन या स्टाफ की लापरवाही से यह त्रासदी तो नहीं हुई।

जांच के दायरे में आएंगे ये बिंदु

  • नवजात की वास्तविक मृत्यु का समय
  • वेंटिलेटर पर रखे जाने की परिस्थितियां
  • डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आचरण
  • परिवार को दी गई जानकारी की पारदर्शिता
  • अस्पताल के प्रबंधन की जिम्मेदारी

रांची में नवजात की मौत के बाद भी पैसे वसूलता रहा अस्पताल, शव गलने के बाद किया मृत घोषित, DC ने जांच के दिए आदेश | THENEWSPOST.in

दोष सिद्ध हुआ तो होगी कठोर कार्रवाई

उपायुक्त श्री भजंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर कोई नरमी नहीं बरतेगा। यदि जांच में यह पाया जाता है कि अस्पताल प्रबंधन या किसी भी व्यक्ति ने लापरवाही की है या जानबूझकर परिवार को गुमराह किया है, तो उनके खिलाफ नियमसंगत और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का संदेश – न्याय मिलेगा

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच समिति के निष्कर्ष का इंतजार करें। प्रशासन का कहना है कि सच्चाई पूरी तरह उजागर होगी और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

Report By :- PALAK TIWARI / SHWETA SINGH, CRIME DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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