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Little Heart Hospital करता है मुर्दों का इलाज ! सिक्को की खनक में बेच दिया ईमान…… मरे हुए बच्चे के नाम पर खरीदवाता रहा दवाई… क्या किसी रैकेट का हिस्सेदार है लिटिल हार्ट हॉस्पिटल ?

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CRIME DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

LITTLE HEART HOSPITAL ! डॉक्टर के भेष में भेड़िया निकला डॉक्टर सत्यजीत ! नवजात की मौत के बाद भी इलाज के नाम पर पैसे वसूलता रहा अस्पताल, शव गलने के बाद किया मृत घोषित… स्वास्थ्य मंत्री ने कठोर कार्रवाई की कही बात

LITTLE HEART HOSPITAL में छोटे बच्चो की जान के साथ खिलवाड़ करता है बेरहम डॉक्टर

लिटिल हार्ट हॉस्पिटल में छोटे बच्चो का इलाज करवाना मतलब मौत को दावत देना 

अरगोड़ा थाना में हॉस्पिटल के मालिक आसुतोष शर्मा और डॉक्टर सत्यजीत कुमार के खिलाफ FIR दर्ज

सन्मार्ग फाउंडेशन के द्वारा रांची के अरगोड़ा थाना में लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज कराया गया है और अस्पताल के संचालक आशुतोष शर्मा और डॉक्टर सत्यजीत कुमार को नामज़द आरोपी बनाते हुए इस कुकृत्य के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। 

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राजधानी रांची के अरगोड़ा में LITTLE HEART HOSPITAL में एक नवजात को इंफेक्शन के कारण भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान नवजात की मृत्यु हो गयी थी लेकिन अस्पताल प्रबन्धन ने मृत बच्चे को अस्पताल में भर्ती रखा ताकि परिजनों से अस्पताल की मोटी फीस वसूली जा सके।

Little Hearts Children Hospital (child & Mother Care Centre) in Ashok Nagar,Ranchi - Best Multispeciality Hospitals in Ranchi - Justdialबच्ची के पैरेंट्स बार बार अपनी बच्ची से मिलने की बात करते थे तो हॉस्पिटल कर्मी उसे देखने तक नहीं दे रहे थे।बाद में पैरेंट्स के जिद से जब बच्ची को दिखाया गया तो उस बच्ची का मांस गलना शुरू हो गया था अब आप सोचिए की तुरंत मरने के बाद मांस कैसे गलेगा। इसका मतलब साफ है कि बच्ची पहले मर चुकी थी लेकिन हॉस्पिटल के मालिक द्वारा पैसा हड़पने हेतु बोला जा रहा था की आपकी बच्ची वेंटीलेटर पर है।जबकि बचा 05 दिन पहले ही मर चुका था।जहां अंत मे परिजनों ने समाजसेवी संस्था सन्मार्गम फाऊंडेशन के सहयोग से अरगोड़ा थाना में FIR दर्ज करा दिया । बताया जा रहा है कि राजधानी रांची के हरमू थाना क्षेत्र के सुखदेव नगर निवासी मुकेश कुमार की बेटी का जन्म सदर अस्पताल रांची में पिछले 04 जुलाई को हुआ था,जहां के डॉक्टरों ने नवजात बेटी को इंफेक्शन हो जाने के कारण इसके बेहतर ईलाज के लिए लिटिल हार्ट न्यू बॉर्न एन्ड चाइल्ड हार्ट सेंटर अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। जहां परिजनों ने 08 जुलाई को ही बच्ची को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया और बच्ची का ईलाज शुरू किया गया।इस दौरान डॉक्टरों के द्वारा परिजनों से दवाई और खून मांगाया जाता रहा लेकिन परिजनों को बच्ची से मिलने नही दिया गया।

नवजात की मौत के बाद भी 4-5 दिनों तक वेंटिलेटर पर रख की लाखों वसूली - Inside Jharkhand Newsजहां 15 दिन बीत जाने के बाद भी न तो बच्ची से मिलने दिया जा रहा था और न ही बच्ची की स्थिति बताया जा रहा था जिससे परिजन काफी परेशान हो गए और जब थक कर बच्ची से मिलने का जिद किया जाने लगा तो अस्पताल के संचालक आशुतोष शर्मा के द्वारा परिजनों को यह कहकर डराया गया कि जो कहते हैं करते जाए नही तो बच्ची को कुछ हो जाएगा तो अस्पताल उसका रिस्क नही लेगा।

लेकिन 30 जुलाई को नवजात के परिजन बच्ची से मिलने का जिद करने लगे तब अस्पताल प्रबन्धक आसुतोष चौधरी और एक डॉक्टर सत्यजीत कुमार द्वारा बताया गया की बच्ची की स्थिति ठीक नही है इसे दूसरे जगह रेफर करना होगा,इसके लिए कागजात पर परिजनों से हस्ताक्षर करने ला दवाब बनाया जाने लगा जहां बच्ची को बिना देखे कागज पर हस्ताक्षर करने से परिजनों ने मना कर दिया ।जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि आपलोग साइन कीजिये बच्ची को दे रहे हैं। तब बच्ची को बाहर निकालकर गॉड में दिया गया जहां बच्ची पहले से ही मृत थी। बच्ची को देखकर लगा को बच्ची की मृत्यु 05-06 दिन पहले ही हो चुकी है।फिर भी अस्पताल के द्वारा इसके ईलाज पर परिजनों से पैसा ठगा जाता रहा।

इस मामले को लेकर परिजनों के साथ स्वयंसेवी सामाजिक संस्था सन्मार्ग फाउंडेशन के द्वारा रांची के अरगोड़ा थाना में लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज कराया गया है और अस्पताल के संचालक आशुतोष शर्मा और डॉक्टर सत्यजीत कुमार को नामज़द आरोपी बनाते हुए इस कुकृत्य के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। साथ ही सन्मार्गम फाऊंडेशन ने सूबे के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से इस मामले को गंभीरता से ले कर आरोपी अस्पताल प्रबंधन और इस घटना में संलिप्त डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह से फिर किसी असहाय और मजबूर गरीब लोगों का शोषण ना हो सके।

मामले की कराएंगे जांचः स्वास्थ्य मंत्री
Health Minister Irfan Ansari

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. रांची के सिविल सर्जन को भेजकर पूरे मामले की जांच कराएंगे और रिपोर्ट आने के बाद अगर निजी अस्पताल संचालक दोषी पाया गया तो कठोर कार्रवाई करेंगे.

अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज

रांची के अरगोड़ा थाना में मामले को लेकर नवजात के परिजनों ने निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी है

रांची के अरगोड़ा स्थित एक LITTLE HEART HOSPITAL में हुई नवजात शिशु की मौत ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बच्चे की मृत्यु होने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। यह मामला जैसे ही सामने आया, जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने इस घटना को बेहद गंभीर माना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मृत नवजात को वेंटिलेटर पर रखा, कार्रवाई तय :- उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री

परिजनों का आरोप – मौत के बाद भी चलता रहा वेंटिलेटर

मृतक नवजात के परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे की मौत की सही जानकारी उन्हें नहीं दी। बच्चे को वेंटिलेटर पर दिखाया जाता रहा, जिससे परिजन यह मानते रहे कि उनका बच्चा जीवित है। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने लगातार बच्चे की हालत पर सवाल किए तो कई बार अस्पष्ट जवाब दिए गए। इससे परिवार का दुख और आक्रोश दोनों बढ़ गया।

प्रशासन हरकत में – जांच समिति का गठन

जैसे ही यह मामला समाचार माध्यमों के जरिए प्रशासन तक पहुंचा, उपायुक्त श्री भजंत्री ने तुरंत जांच समिति का गठन किया। इस समिति में कार्यपालक दंडाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को शामिल किया गया है। समिति का मुख्य उद्देश्य है – घटना की पूरी सच्चाई सामने लाना और यह तय करना कि कहीं अस्पताल प्रबंधन या स्टाफ की लापरवाही से यह त्रासदी तो नहीं हुई।

जांच के दायरे में आएंगे ये बिंदु

  • नवजात की वास्तविक मृत्यु का समय
  • वेंटिलेटर पर रखे जाने की परिस्थितियां
  • डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आचरण
  • परिवार को दी गई जानकारी की पारदर्शिता
  • अस्पताल के प्रबंधन की जिम्मेदारी

रांची में नवजात की मौत के बाद भी पैसे वसूलता रहा अस्पताल, शव गलने के बाद किया मृत घोषित, DC ने जांच के दिए आदेश | THENEWSPOST.in

दोष सिद्ध हुआ तो होगी कठोर कार्रवाई

उपायुक्त श्री भजंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर कोई नरमी नहीं बरतेगा। यदि जांच में यह पाया जाता है कि अस्पताल प्रबंधन या किसी भी व्यक्ति ने लापरवाही की है या जानबूझकर परिवार को गुमराह किया है, तो उनके खिलाफ नियमसंगत और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का संदेश – न्याय मिलेगा

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच समिति के निष्कर्ष का इंतजार करें। प्रशासन का कहना है कि सच्चाई पूरी तरह उजागर होगी और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

 

Report By :- KOMAL TIWARI, CRIME DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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