NEWS DESK, NATION EXPRESS, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)
10वीं में आए थे सिर्फ 63 प्रतिशत नंबर
69 प्रतिशत नंबर के साथ 12वीं पास की
पहले प्रयास में बनीं आईपीएस अफसर
IPS बनने को राजस्व अधिकारी का पद ठुकराया, योगी बोले- ये मुस्लिम बेटियों का रोल मॉडल
गोरखपुर की मुस्लिम बेटी ऐमन जमाल अपनी मेहनत के दमपर, वो मुकाम हासिल किया, जहां हर किसी के पहुंचने का सपना होता है। जमाल हाईस्कूल में मात्र 63% नंबरों से पास की, लेकिन आज वो प्रतिष्ठित भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हो चुकी हैं। इससे पहले उनका चयन बिहार लोक सेवा आयोग में राजस्व अधिकारी के रूप में हुआ लेकिन उन्होंने नियुक्ति नहीं ली। जानिए इनकी सफलता की कहानी…

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संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस एग्जाम देने वाले हर कैंडिडेट का सपना सफलता हासिल करना होता है, लेकिन कई छात्रों का असफलता से हौसला टूट जाता है, जबकि कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जो मिसाल कायम करते हैं।ऐसी ही कुछ कहानी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाली ऐमन जमाल की है, जिन्होंने यूपीएससी एग्जाम पास कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया और एक रोल मॉडल रूप में उभरकर सामने आईं।

यूं चढ़ीं सफलता की सीढ़ियां
शहर के खूनीपुर मोहल्ले की ऐमन जमाल ने प्राथमिक से 12वीं कक्षा तक कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज में पढ़ाई की। वर्ष 2004 में 63 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल और वर्ष 2006 में 69 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। सेंट एंड्रयूज कॉलेज से जंतु विज्ञान विषय से 2010 में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की।

वर्ष 2016 में अन्नामलाई विश्वविद्यालय से दूरस्थ माध्यम से मानव संसाधन में डिप्लोमा किया। प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए दिल्ली स्थित रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी जामिया हमदर्द में भर्ती हुईं। वर्ष 2017 में उनका चयन केंद्रीय श्रम विभाग में हुआ। वर्ष 2018 में वे ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री शाहजहांपुर में सहायक श्रमायुक्त के पद पर नियुक्त हुईं।

केंद्रीय श्रम विभाग में चयन
ऐमन जमाल का चयन साल 2017 में चयन केंद्रीय श्रम विभाग में हुआ। इसके बाद वह साल 2018 में ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री शाहजहांपुर में सहायक श्रमायुक्त के पद पर नियुक्त हुईं। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने नौकरी के साथ ही यूपीएससी एग्जाम की तैयारी भी जारी रखी।

पहले प्रयास में बनीं आईपीएस अफसर
ऐमन जमाल ने साल 2018 में पहली बार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा दी और प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की। प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद ऐमन ने सामाजिक विज्ञान विषय से मुख्य परीक्षा दी। इंटरव्यू के बाद ऐमन ने 499वीं रैंक हासिल की और उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ।

प्राइमरी स्कूल टीचर हैं ऐमन जमाल की मां
ऐमन जमाल के पिता हसन जमाल एक व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां अफरोज बानो एक प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। ऐमन की चार बहनें और एक भाई हैं। दो बहनें और भाई डॉक्टर हैं। एक बहन एमबीए तो छोटी बहन हाईस्कूल की पढ़ाई कर रही है। ऐमन अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती है और कहती हैं कि पढ़ाई में मां ने बहुत ध्यान दिया, जिस वजह से प्रशासनिक सेवा की तैयारी की राह आसान हो गई।

ऐमन ने इंटरनेट के जरिए की पढ़ाई
ऐमन जमाल का कहना है कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए शॉर्टकट की कोई जगह नहीं है। वह कहती हैं कि आज के दौर में इंटरनेट से पढ़ाई बेहतर विकल्प बनकर उभरा है और इंटरनेट के जरिए अच्छा कंटेंट तक मिल गया, जिससे उन्हें काफी मदद मिली। इंटरनेट के जरिए पढ़ाई का खर्च भी बेहद कम आता है, लेकिन पढ़ाई पर फोकस करना बेहद जरूरी है।
सीएम योगी ने बताया रोल मॉडल
ऐमन जमाल ने कठिन मेहनत के बाद सफलता पाई, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीफ की। सीएम योगी ने गोरखनाथ में ऐमन से मुलाकात की थी और उनको बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐमन जमाल मुस्लिम महिलाओं के लिए आज रोल मॉडल बनकर उभरी हैं।

मुस्लिम लड़कियों का रोल मॉडल बताए जाने से उत्साहित ऐमन जमाल कहती हैं कि सफलता पाने का मूल मंत्र योजना, धैर्य और सही मार्गदर्शन है। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वालों को उन्होंने प्रिलिम्स और मुख्य परीक्षा के टिप्स दिए। प्रिलिम्स परीक्षा के लिए समसामयिकी की तैयारी महत्वपूर्ण है।
Report By :- AFSHA ANJUM / NIDHI TIWARI, NEWS DESK, NATION EXPRESS, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)