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फिर डरा रहा कोरोना ? झारखंड में मिला कोरोना का पहला मरीज, मचा हड़कंप, एक्टिव केसों की संख्या 363, कोरोना से 2 मौतें

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HEALTH DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

देश के कई राज्यों में रफ्तार पकड़ रहा कोरोना, क्या फिर लगेगा लॉकडाउन ?

झारखंड में भी कोरोनावायरस की एंट्री हो गयी है. झॉलीवुड से बॉलीवुड तक फिल्म मेकिंग में अपनी पहचान बना चुके लाल विजय शाह देव कोरोना से संक्रमित पाये गये हैं. उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी है. लाल विजय शाहदेव ने रविवार को सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर खुद के कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी दी. उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि भारत में अब तक कुल 257 लोगो कोरोनो पॉजिटिव पाये गये हैं. लाल विजय शाह देव भी उसमें शामिल हो गये हैं.

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Coronavirus in Jharkhand lal vijay shah deo corona positive22 मई को मुंबई के रांची आने के क्रम में पड़े बीमार

शाहदेव ने कहा कि 22 मई को जब वह मुंबई से रांची आ रहे थे, उसी दौरान फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गयी और वह बेहोश हो गये. जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाये गये. उन्होंने लिखा है कि झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का सदस्य होने के नाते उन्हें कुछ फिल्मों का प्रिव्यू करना था, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वह यह कार्य नहीं कर पाये.

रांची के एक अस्पताल में चल रहा लाल विजय का इलाज

लाल विजय शाह देव ने कहा है कि इस समय राजधानी रांची के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. अब वह पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं. उन्होंने अपील की है कि उनके संपर्क में आये सभी वैसे लोग, जिनको सिरदर्द, बदन दर्द, बुखार, खांसी या सर्दी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हों, वे तुरंत अपना कोरोना टेस्ट करवायें.

कोरोना के ज्यादातर केस हल्के (माइल्ड) हैं और मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं। - Dainik Bhaskarदेश में 2 दिन में कोरोना से 2 मौतें:27 नए केस, एक्टिव मरीज 363 हुए; नए मामले केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक में

देश में कोरोना के नए वैरिएंट से 2 दिन में 2 मरीजों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक- बेंगलुरु में कोरोना पीड़ित 84 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है। इससे पहले ठाणे में 21 साल के युवक की मौत हुई थी। बीते दिन शनिवार को 23 नए कोरोना केस सामने आए। महाराष्ट्र के ठाणे में 8, राजस्थान-कर्नाटक में 5, उत्तराखंड-हरियाणा में 3-3, मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 और यूपी के नोएडा में एक मामला सामने आया है। कुल एक्टिव केसों की संख्या 363 पहुंच गई है।

देशभर में बढ़ते मामलों के बीच शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने समीक्षा बैठक की। इस बैठक में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR), स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR), डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के अधिकारी शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोविड के नए मामले केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से सामने आए हैं। हालांकि, ज्यादातर केस हल्के (माइल्ड) हैं और मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं।

भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के मुताबिक भारत में कोविड-19 के वेरिएंट NB.1.8.1 का एक और LF.7 प्रकार के चार मामले मिले हैं। चीन और एशिया के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। WHO ने इन्हें चिंताजनक नहीं माना है, लेकिन निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। हालांकि NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वेरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता।

भारत में JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं। गुजरात में 33 एक्टिव केस गुजरात अब तक कुल 40 मामले आ चुके, जिनमें 33 एक्टिव हैं। दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर पंकज सिंह ने बताया कि गुरुवार तक राजधानी में 23 केस दर्ज किए गए हैं। उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में 4 नए मरीज सामने आए। तीन मरीज को आइसोलेशन में रखा गया है, जबकि एक अस्पताल में भर्ती है। वहीं, हरियाणा में 48 घंटे में 5 मरीज मिले हैं। इनमें 2 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी मरीजों की कोई इंटरनेशनल ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।

JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​

JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं।

अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है।

JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं।

Report By :- SHIVANI PANDEY, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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