प्लानिंग शुरू : हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री पद से दे सकते हैं इस्तीफा, शिबू सोरेन को सौंपी जा सकती है राज्य की बागडोर
POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
सरकार द्वारा दिए गए चुनाव आयोग को जवाब से आयोग संतुष्ट नहीं होता है तो आयोग सीएम की सदस्यता खत्म करने की अनुशंसा कर सकता है. ऐसे में हेमंत पहले ही सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. तब जेएमएम गुरु जी यानी शिबू सोरेन पर दांव खेल सकता है.
झारखंड में राजनीतिक गहमागहमी के बीच गुरुवार की रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैदराबाद से रांची पहुंचे। एयरपोर्ट से बगैर किसी लाव-लश्कर और सुरक्षा के वे अपने सरकारी आवास कांके रोड आए। यहां उन्होंने अपने विश्वस्तों के साथ मंत्रणा की। विश्वस्तों से मिली जानकारी के अनुसार हेमंत सोरेन के पास क्या-क्या विकल्प हैं और वे इसके आधार पर क्या कदम उठाएं इसकी चर्चा हुई। एक विकल्प यह कि वह चुनाव आयोग से जवाब देने के लिए कुछ वक्त की मांग कर सकते हैं या आयोग को जवाब देकर उसके अगले कदम का इंतजार कर सकते हैं।
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दूसरा विकल्प वह राजभवन में इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। इस स्थिति में शिबू सोरेन को राज्य की बागडोर सौंपी जा सकती है। हालांकि हेमंत क्या कदम उठाएंगे इस पर उनकी ओर से कुछ नहीं कहा गया, पार्टी के पदाधिकारी भी मौन हैं। बहरहाल, सबकी निगाहें सीएम के अगले कदम और राजभवन पर आ टिकी हैं। बताते चलें कि उनकी अनुपस्थिति में भारतीय निर्वाचन आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है, जिसमें खनन पट्टा लेने के संदर्भ में उनका पक्ष मांगा गया है। जवाब देने की अंतिम तिथि 10 मई तय की गई है।

लीगल टीम जुटी जवाब तय करने में
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की खनन पट्टा मामले में भेजे गए नोटिस का जवाब देने की तैयारी तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री सचिवालय के मुताबिक विधि विशेषज्ञों की टीम इस कार्य में लगी हुई है। दिल्ली में भी संविधान के जानकारों से मशविरा लिया जा रहा है। इस सिलसिले में झामुमो के केंद्रीय समिति के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य दिल्ली में है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक विधायक के मुताबिक जवाब दिल्ली में ही तैयार कर भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। संभव है कि 10 मई से पहले आयोग को जवाब उपलब्ध करा दिया जाए।
बसंत सोरेन को भी निर्वाचन आयोग का नोटिस
खनन पट्टा मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निर्वाचन आयोग के नोटिस का जवाब देने की प्रक्रिया अभी चल ही रही है कि आयोग ने उनके भाई दुमका के विधायक बसंत सोरेन को भी नोटिस भेज दिया है। उन्हें एक खनन कंपनी ग्रैड माइनिंग में साझेदार बताए जाने संबंधी मुख्य विपक्षी दल भाजपा की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने यह नोटिस भेजा है। जानकारी के मुताबिक उनसे पंद्रह दिनों के अंदर जवाब देने को कहा गया है।
वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य विनोद पांडेय के अनुसार बसंत सोरेन को चुनाव आयोग से नोटिस दिए जाने की कोई जानकारी पार्टी को नहीं मिली है। इस मामले में प्रदेश भाजपा की ओर से भी लगाए गए आरोपों से संबंधित कागजात निर्वाचन आयोग की ओर से मांगे गए हैं। गोड्डा से भाजपा के सांसद निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। बताते चलें कि भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ बसंत सोरेन से संबंधित शिकायतों का पुलिंदा पिछले दिनों राज्यपाल को सौंपा था।
Report By :- SIMRAN SHUKLA, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI