मौलाना मुफ्ती अजहर कासमी के द्वारा AIMIM के समर्थन के ऐलान के बाद रांची के मुसलमान हुए नाराज़….. कहा- मुसलमानों के वोट को बांटने की साजिश कर रहे हैं मौलाना
POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
झारखंड विधानसभा का चुनाव 13 और 20 नवंबर को होना है, रांची में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा वाली इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी डॉक्टर महुआ मांझी, AIMIM के प्रत्याशी महताब आलम समेत अन्य पार्टी के प्रत्याशी लोग भी आम जनता की चौखट पर जाकर उनके पक्ष में वोट देने की अपील कर रहे हैं, जिस तरह से अकबरुद्दीन ओवैसी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM अभी रांची विधानसभा से चुनाव लड़ रही है तो ऐसा लग रहा था कि रांची विधानसभा में भी त्रिकोणीय और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा लेकिन जैसे ही विधानसभा के चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है वैसे ही प्रत्याशियों के दिल की धड़कन भी तेज हो गई है और वह चुनावी का तूफानी द्वारा सुबह से शाम तक कर रहे हैं, AIMIM प्रत्याशी महताब आलम को जिस तरह की उम्मीद थी कि रांची के मुसलमान इस बार उनके साथ देंगे तो उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह रांची का मुसलमान ने पानी फेर दिया है, रांची के आम वोटर का कहना है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM वोट कटवा पार्टी है, वैसे कैंडिडेट को वोट देकर हम अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहते, मुस्लिम मतदाताओं का रुझान पूरी तरह इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी डॉक्टर महुआ मांझी की तरफ देखने को मिल रहा है,
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वहीं आज रांची के होटल के में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ए उलेमा के केंद्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अजहर कासमी ने प्रेस कांफ्रेंस करके AIMIM के प्रत्याशी महताब आलम को अपना समर्थन देने का फैसला किया है साथ ही मुफ्ती अजहर कासमी ने स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवार को समर्थन का किया ऐलान। रांची विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम के उम्मीदवार महताब आलम की समर्थन का किया ऐलान , बड़कागांव से एआईएमआईएम उम्मीदवार मोहम्मद शमीम अंसारी ,कांके विधानसभा से सीपीआई उम्मीदवार संतोष रजक , सिमरिया विधानसभा से झारखंड पार्टी के उम्मीदवार लाल किशोर दास, डुमरी विधानसभा जेकेएलएम उम्मीदवार जयराम महतो की समर्थन का ऐलान किया !

ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ए उलेमा के केंद्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अजहर कासमी के AIMIM समेत अन्य पार्टी के समर्थन में हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की खबर आग की तरह रांची शहर में फैल गया इसके बाद रांची के मुस्लिम वोटर पूरी तरह नाराज हो गए, रांची के मुस्लिम वोटर का कहना है कि अभी मौजूदा हालात को देखते हुए सभी मुसलमान को एक प्लेटफार्म पर आकर इंडिया गठबंधन का साथ देना चाहिए, ऐसे में मौलाना मुफ्ती अजहर कासमी के द्वारा AIMIM के समर्थन के ऐलान से मुस्लिम वोट में पूरी तरह बिखराव हो जाएगा, जिसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी के रांची प्रत्याशी सीपी सिंह को होगा, वही रांची के युवा मुस्लिम वोटर अकरम रशीद, परवेज अख्तर, और मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि रांची में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का कोई भी जनाधार नहीं है वे जानबूझकर अपने प्रत्याशी को खड़ा करते हैं बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसे भी सभी मुसलमान जानते हैं कि असदुद्दीन की पार्टी AIMIM भाजपा की “B” पार्टी है,
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रांची के मुस्लिम वोटर परवेज अख्तर का साफ कहना है कि ऐसे में अगर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ए उलेमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अजहर कासमी ने समर्थन का ऐलान किया है तो वह पूरी तरह गलत है उन्हें इस तरह की की हरकत नहीं करनी चाहिए वह मुसलमानो के वोट को तोड़ना चाहते हैं, अभी जिस तरह से माहौल बना हुआ है ऐसे में सांप्रदायिक ताकत बीजेपी को रोकना हर हाल में बहुत जरूरी है इसलिए रांची के मुसलमान इंडिया गठबंधन के साथ है, ऐसे विधानसभा का चुनाव हो या लोकसभा का चुनाव हो इस टाइप के मौलाना – मौलवी प्रेस कांफ्रेंस करके जैसे तैसी पार्टी को अपना समर्थन दे देते हैं और उसके एवेज में मोटी रकम वसूलते हैं, लेकिन मौलाना मुफ्ती को यह समझना चाहिए कि वोट को लेकर अपना ईमान नहीं बेचना चाहिए, मोहम्मद इमरान राजा ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने जो अपना कैंडिडेट रांची से महताब आलम को खड़ा किया है उन्हें कोई भी मुसलमान हरगिज वोट नहीं करेगा क्योंकि रांची के सारे मुसलमान इंडिया गठबंधन के साथ है और महताब आलम को 1000 के अंदर ही वोट आएगा और इनका जमानत जब्त हो जाएगा !

मुस्लिम वोटर का मानना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रत्याशी डॉक्टर महुआ मांझी को रांची के लोग भली भांति जानती और पहचानती भी है वह ऐसी अकेली महिला है जो दिन-रात आम लोगों के बीच में रहना पसंद करती हैं चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो खासकर डॉक्टर महुआ मांझी का झुकाव मुस्लिम वोटर की तरफ ज्यादा है वह उनके सुख-दुख में बराबर की भागीदार बनी रहती है, रांची के मुस्लिम वोटर का कहना है की AIMIM के प्रत्याशी महताब आलम को वह हरगिज वोट नहीं करेंगे क्योंकि इसका फायदा भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सीपी सिंह को हो जाएगा, रांची के मुस्लिम वोटर अभी भी यह मानते हैं कि AIMIM अपना कैंडिडेट इस विधानसभा क्षेत्र में खड़ा करती है जहां भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी पूरी तरह कमजोर है क्योंकि कुछ मुस्लिम वोटर AIMIM को वोट देते हैं जिससे रांची के मुसलमान के वोट में बिखरा हो जाता है और जिसका फायदा बीजेपी को हो जाता है लेकिन झारखंड की राजधानी रांची के मुस्लिम मतदाताओं को रुझान पूरी तरह झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य और कांग्रेस वाली गठबंधन की प्रत्याशी डॉक्टर महुआ मांझी की तरफ साफ देखा जा सकता है !

वहीं एनडीए के प्रत्याशी और 6 बार से रांची में विधानसभा के विधायक रहे सीपी सिंह की स्थिति भी काफी नाजुक है क्योंकि उन्हीं के लोग ये बिल्कुल नहीं चाह रहे थे कि इस बार फिर से टिकट सीपी सिंह को मिले, अंदर खाने से जो खबर आ रही है कि बीजेपी के कुछ लोग जो पहले से रांची विधानसभा सीट से टिकट की आस में बैठे हुए थे वे लोग खुलकर बीजेपी के रांची प्रत्याशी सीपी सिंह का साथ नहीं दे रहा हैं जिसका फायदा डॉक्टर महुआ मांझी को मिल सकता है,

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एआईएमआईएम प्रत्याशी को नोटा से 178 वोट कम मिला
डुमरी उपचुनाव में एआईएमआईएम प्रत्याशी अब्दुल मोबिन रिजवी की न सिर्फ जमानत जब्त हो गई थी, बल्कि एआईएमआईएम प्रत्याशी को नोटा से भी कम वोट मिला। उपचुनाव में 3650 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया, जबकि एआईएमआईएम प्रत्याशी अब्दुल मोबिन रिजवी को सिर्फ 3472 वोट मिला। यानी एआईएमआईएम प्रत्याशी को नोटा से भी 178 वोट कम मिला था।

ओवैसी को बिहार-झारखंड में पैठ बनाने में नहीं मिल रही सफलता
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को बिहार और झारखंड में पैठ बनाने में सफलता नहीं मिल रही है। बिहार में ओवैसी को पिछले विाानसभा चुनाव में सफलता मिली, लेकिन कुछ ही दिन में उनकी पार्टी के सभी विधायक आरजेडी में शामिल हो गए। वहीं मांडर विधानसभा उपचुनाव में भी ओवैसी ने बड़े ही दमखम के साथ चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी वे कांग्रेस का रास्ता रोकने में सफल नहीं हो पाए
मुस्लिम मतदाताओं को अब INDIA से उम्मीद

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डुमरी विधानसभा उपचुनाव – मांडर विधानसभा उपचुनाव से यह साफ संदेश जाता है कि मुस्लिम मतदाताओं का रुझान अब INDIA गठबंधन की ओर है। ऐसे में जब भी अल्पसंख्यकों को यह दिखेगा कि कोई वोट कटवा आ गया, तो वे INDIA गठबंधन की ओर आ जाएंगे। राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि आने वाले समय में भी गैर बीजेपी मतों का धुव्रीकरण होगा।
जब 23 नवंबर को काउंटिंग होगी तब देखना काफी दिलचस्प होगा की असदुद्दीन ओवैसी का फैक्टर रांची में काम करता है या उनके प्रत्याशी का जमानत जब्त होता है
Report By :- PALAK TIWARI / KOMAL SHARMA, POLITICAL REPORTER, NATION EXPRESS, RANCHI