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ज्ञानवापी मस्जिद की क्या बात, हम तो मक्का मदीना तक पहुंच गए हैं, वहां भी हैं मक्केश्वर महादेव : शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद.

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, नागौर

शंकराचार्य निश्चलानंद बोले- 15 देश हिंदू राष्ट्र बनने को तैयार, भारत के रुख का कर रहे इंतजार

पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चालानंद सरस्वती ने नागौर में हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग के सवाल पर कहा, ‘ज्ञानवापी की क्या बात करते हैं, हम तो मक्का तक पहुंच गए हैं, वहां भी मक्केश्वर महादेव हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है, लेकिन अगर सरकार इसे हिंदू राष्ट्र घोषित करती है तो नेपाल, मॉरीशस समेत दुनिया के 15 देश हिंदू राष्ट्र घोषित होने की तैयारी में हैं।’ पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती शनिवार को नागौर पहुंचे थे।

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मक्का काबा मे विराजित प्रसिद्ध मक्‍केश्‍वर महादेव शिवलिंग | महाशक्ति

भारत के रुख का इंतजार कर रहे हैं कई देश
शंकराचार्य ने कहा कि दुनिया के 15 देश हिंदू राष्ट्र बनने की तैयारी में हैं, वे सिर्फ भारत के रुख का इंतजार कर रहे हैं। युवाओं पर वेस्टर्न कल्चर के असर पर शंकराचार्य ने कहा- मैं भी दिल्ली में पढ़ा हूं, लेकिन पाश्चात्य संस्कृति अपने पर हावी नहीं होने दी।

लंपी से गाय को बचाना होगा
लंपी बीमारी पर चिंता जताते हुए शंकराचार्य ने कहा कि मानव जीवन के लिए गाय बेहद उपयोगी है। गौ-रक्षा हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। गोवंश की हत्या पूरी संस्कृति की हत्या है। बता दें कि जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पुरी के श्रीगोवर्धनमठ के 145 वें शंकराचार्य हैं। मठ के 144 वें शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी निरंजनदेव तीर्थ महाराज ने स्वामी निश्चलानंद सरस्वती को अपना उत्तराधिकारी मानकर 9 फरवरी 1992 को गोवर्धनमठ पुरी के 145 वें शंकराचार्य पद पर आसीन किया था।

कहा- 15 देश हिंदू राष्ट्र बनने को तैयार, भारत का इंतजार कर रहे | Said- 15 countries are ready to become Hindu Rashtra, watching India's attitude - Dainik Bhaskar

 

क्या है ज्ञानवापी मस्जिद विवाद?
वाराणसी में काशी-विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर कई सालों से विवाद जारी है। हिंदू पक्ष का दावा है कि 1699 में मुगल शासक औरंगजेब ने मूल काशी विश्वनाथ मंदिर को तुड़वाकर ज्ञानवापी मस्जिद बनवाई थी। काशी विश्वनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप का निर्माण 1780 में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। यहां से मस्जिद हटाए जाने को लेकर पहली याचिका 1991 में दाखिल हुई थी। 2019 में मस्जिद के आर्कियोलॉजिकल सर्वे को लेकर याचिका दाखिल हुई थी, जो अभी अदालत में लंबित है। पिछले साल 5 महिलाओं की ओर से मस्जिद परिसर में रोजाना श्रृंगार गौरी देवी की पूजा करने की मांग वाली याचिका पर जिला अदालत ने मस्जिद का सर्वे और वीडियोग्राफी कराए जाने का आदेश दिया था।

Report By :- DIPTI AGARWAL, NEWS DESK, NATION EXPRESS, नागौर

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