कीव में रहने वाले भारतीय तुरंत शहर छोड़ें, इंडियन एंबेसी ने जारी की इमरजेंसी एडवाइजरी, यूक्रेन में फंसे भारतीयों को अब वायुसेना करेगी रेस्क्यू
NEWS DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लेकर एक और फ्लाइट रोमानिया से दिल्ली पहुंची
यूक्रेन पर रूस के हमले के छठवें दिन राजधानी कीव में आम नागरिकों पर खतरा गहरा गया है। यूक्रेन में मौजूद इंडियन एंबेसी ने सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत कीव छोड़ने को कहा है। एंबेसी की तरफ से जारी इमरजेंसी एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय जिस हाल में हैं, उसी स्थिति में तुरंत शहर से बाहर निकल जाएं। रूस और यूक्रेन के बीच जंग छठे दिन भी जारी है. यूएनजीए में यूक्रेन और रूस के बीच तनाव पर चर्चा के दौरान माहौल गरम नजर आया. दोनों देश एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे थे.
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सैटेलाइट-इमेजिंग कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज की तरफ से जारी सैटेलाइट में दिखाई दे रहा है कि रूस की सेना राजधानी कीव से लगभग 27 किलोमीटर दूर एंटोनोव हवाई अड्डे के पास तक पहुंच चुकी हैं। यहां करीब 65 किलोमीटर लंबा सैन्य ट्रकों और टैंकों का काफीला दिखाई दिया। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन का कहना है कि यूक्रेन बॉर्डर पर तैनात रूस की सेना के करीब 75% सैनिक यूक्रेन में प्रवेश कर चुके हैं।
यूक्रेन की सेना ने कहा- रूसी सेना ने खार्किव और कीव के बीच ओख़्तिरका शहर में एक मिलिट्री बेस पर गोलाबारी की, जिसमें कम से कम 70 यूक्रेनी सैनिक मारे गए। साथ ही दावा किया है कि अब तक की लड़ाई में लगभग 5,300 रूसी सैनिक मारे गए हैं। यूक्रेनी सेना ने लगभग 151 टैंक, 29 विमान और 29 हेलिकॉप्टर को तबाह कर दिया है। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने यूक्रेन में 94 लोगों की मौत और कम से कम 376 नागरिकों के घायल होने की पुष्टि की है।
पुतिन ने दी धमकी
इधर, दुनिया भर के कई देश यूक्रेन को मिलिट्री इक्विपमेंट भेजकर मदद कर रहे हैं। रूस ने इन देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन इक्विपमेंट का रूस के खिलाफ इस्तेमाल किया गया तो, इन्हें भेजने वाला देश जिम्मेदार होगा। इसके पहले भी पुतिन ने नाटो को यूक्रेन का साथ देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। वहीं, फिनलैंड और स्वीडन को नाटो में शामिल न होने के लिए चेतावनी दी थी।

जंग खत्म करने डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी
सैन्य टकराव के बीच इस संकट को हल करने की डिप्लोमैटिक कोशिशें भी जारी हैं। यूक्रेन संकट पर यूनाइटेड नेशन ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) ने इमरजेंसी डिबेट का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 29 और विपक्ष में 5 वोट पड़े। भारत समेत 13 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया। UNHRC में कुल 47 सदस्य हैं।
अमेरिका ने 12 रूसी डिप्लोमैट को अपने यहां से निकाला
दूसरी तरफ अमेरिका ने रूस के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए उसके 12 डिप्लोमैट्स को अपने यहां से निकाल दिया है। अमेरिका का कहना है कि गैर-राजनयिक ‘गतिविधियों’ के कारण UN के 12 रूसी डिप्लोमैट्स को निकाला गया है।
Report By :- ANUJA AWASTHI, NEWS DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI