एशिया और यूरोप के कई देशों में तबाही मचा रहा Omicron BA.2, केंद्र ने महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों को किया सचेत
HEALTH DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI
COVID-19 4th Wave: एशिया और यूरोप के कई देशों में पिछले हफ्ते से रोजाना कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है। सबसे ज्यादा बुरे हालात दक्षिण कोरिया और जर्मनी में बने हुए है। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के पीछे ओमीक्रोन के सब-वेरिएंट को वजह माना जा रहा है। नया सब-वेरिएंट स्टील्थ ओमीक्रोन (Stealth Omicron) सामने आया है, जिसे बीए.2 (BA.2) के नाम से भी जाना जाता है।

ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BA.2 की वजह से यूरोप में कोरोना के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। अगर बात करें भारत की तो, यहां फिलहाल कोरोना के मामलों में भारी गिरवाट देखी जा रही है लेकिन विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि देश में कोरोना की चौथी लहर (Covid 4th wave) आ सकती है। एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में Omicron BA.2 के मामले बढ़ने के बाद केंद्र ने पिछले सप्ताह राज्यों को कोरोना की चौथी लहर को रोकने के लिए एहतियाती उपाय करने के लिए सचेत किया था। महाराष्ट्र पहले से ही अलर्ट पर है।
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केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहले के मुकाबले पांच गुना अधिक रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखने की सलाह दी है, जिसमें टेस्टिंग, इलाज, वैक्सीनेशन और कोरोना उपयुक्त व्यवहार का पालन शामिल है। केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि प्रोटोकॉल के अनुसार प्रहरी साइटों के माध्यम से पर्याप्त संख्या में सैंपल इंसाकोग नेटवर्क को प्रस्तुत किए जाएं।

Omicron BA.2 के लक्षण
पिछले दिनों इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर के एक ताजा अध्ययन में कहा गया था कि संभव है कि कोविड-19 महामारी की चौथी लहर 22 जून से शुरू होकर अगस्त के मध्य तक रह सकती है। आईआईटी कानपुर के शोधकर्ता एस. प्रसाद राजेश भाई, शुभ्र शंकर धर और शलभ द्वारा किए अध्ययन में कहा गया है कि संभव है कि वायरस के नए वेरिएंट का व्यापक असर होगा। चिंता की बात यह है कि इसके भी लक्षण हैरान करने वाले हैं। कोरोना वायरस के किसी भी वेरिएंट के मामले में आपको पेट से जुड़े लक्षण महसूस हो सकते हैं लेकिन Omicron BA.2 में आपको आंत से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। Omicron BA.2 से पीड़ित मरीजों को मतली, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, पेट में जलन और सूजन जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
चौथी लहर की आशंका को किया एक्सपर्ट ने किया खारिज
हालांकि, कई वैज्ञानिकों का कहना है कि चौथी लहर आने का पूर्वानुमान एक कयास हो सकता है। कोविड-19 के मामलों में अगले तीन महीने में एक बार फिर तेजी आने की आशंका को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में अधिकतर लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है और एक बार वे प्राकृतिक रूप से संक्रमित हो चुके हैं। इसलिए अगर लहर आती भी है तो अस्पताल में भर्ती होने और मौतों के संदर्भ में नतीजे प्रबंध करने योग्य होंगे, बशर्ते वायरस का कोई नया वेरिएंट न आ जाए।

चेन्नई स्थित गणितीय विज्ञान संस्थान (आईएमएससी) के प्रोफेसर सिताभरा सिन्हा ने कहा कि एक्टिव मरीजों की संख्या तेजी से कम हो रही है और मौजूदा स्थिति को देखकर हम निश्चित तौर पर भविष्य में नई लहर आने के बारे में नहीं कह सकते हैं। वहीं, हरियाणा स्थित अशोका विश्वविद्यालय में भौतिक शास्त्र और जीवविज्ञान विभाग के प्रोफेसर मेनन ने पीटीआई से कहा कि मैं ऐसे किसी पूर्वानुमान पर भरोसा नहीं करता, खासतौर पर जब तारीख और समय बताया गया हो।
उन्होंने कहा कि हम भविष्य के बारे में कोई पूर्वानुमान नहीं लगा सकते हैं, क्योंकि संभावित रूप से आने वाला नया वेरिएंट अज्ञात है। हम हालांकि, सतर्क रह सकते हैं और आंकड़ों को तेजी से एकत्र कर सकते हैं ताकि प्रभावी और तेजी से कार्रवाई की जा सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भ्रमर मुखर्जी ने भी इसपर सहमति जताते हुए कहा कि आईआईटी कानपुर द्वारा लगाया गया पूर्वानुमान आंकड़ा ज्योतिष है न कि आंकड़ा विज्ञान।
Report By :- HEALTH DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI