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NASA की चेतावनी कयामत से भयंकर रात : आज रात धरती पर आएगा जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म तूफान, ब्लैकआउट होने और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खराब होने की आशंका

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI

कुछ महीनों से सूर्य पर रहस्यमयी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। हाल ही में 11 अप्रैल को सूरज पर मौजूद एक डेड स्पॉट (मृत धब्बे) पर जोरदार विस्फोट हुआ है, जो पृथ्वी के लिए खतरा साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्पॉट से निकलने वाले रेडिएशन के कारण धरती पर शुक्रवार को जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म (तूफान) आएगा। इससे रात में ब्लैकआउट होने और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खराब होने की आशंका है।

क्या होता है जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म?

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जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म सूरज से निकलने वाला ऐसा रेडिएशन है जो पूरे सौरमंडल को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म एक प्रकार का सोलर स्टॉर्म (सौर तूफान) है। यह सूरज से निकलने वाला ऐसा रेडिएशन है जो पूरे सौरमंडल को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। यह धरती की मैग्नेटिक फील्ड पर असर करने वाली आपदा है। इससे पृथ्वी के आसपास के वातावरण की ऊर्जा पर भी असर पड़ता है।

NOAA, NASA ने दी चेतावनी

NASA के अनुसार, आने वाला सोलर स्टॉर्म G2 कैटेगरी का है। ये काफी हद तक डैमेज कर सकता है।

सोलर स्टॉर्म के लिए नेशनल ओशिएनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के स्पेस वेदर प्रिडिक्शन सेंटर (SWPC) ने भी चेतावनी जारी की है। NOAA के मुताबिक, 15 अप्रैल को माइनर स्टॉर्म धरती को प्रभावित करेगा।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने स्टॉर्म की कैटेगरी को लेकर चेतावनी दी है। NASA के मुताबिक, आने वाला सोलर स्टॉर्म G2 कैटेगरी का है। इस लेवल का तूफान G5 जितना भयानक तो नहीं होता, लेकिन फिर भी काफी हद तक डैमेज कर सकता है।

सोलर स्टॉर्म से किन चीजों पर होगा असर?

सोलर स्टॉर्म से पृथ्वी के लोअर ऑर्बिट में घूम रहे सैटेलाइट्स प्रभावित हो सकते हैं और उनका कनेक्शन टूट सकता है।

शुक्रवार को आने वाले सोलर स्टॉर्म का असर मोबाइल नेटवर्क और बिजली के वोल्टेज से समझा जा सकता है। इसकी वजह से GPS सिग्नल और मोबाइल नेटवर्क में गड़बड़ी आ सकती है। साथ ही पृथ्वी के लोअर ऑर्बिट में घूम रहे सैटेलाइट्स भी प्रभावित हो सकते हैं। उनका कनेक्शन टूट सकता है। इससे पूरी दुनिया में रेडियो ब्लैकआउट होने की आशंका भी है।

इस जोरदार तूफान की वजह से बिजली भी जा सकती है। वोल्टेज ऊपर-नीचे होने की वजह से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खराब हो सकते हैं, इसलिए इन हालात में कोई भी डिवाइस चार्ज न करें।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

इसी साल की शुरुआत में एलन मस्क की स्पेस कंपनी के 40 सैटेलाइट्स जियोमैग्नेटिक तूफान के शिकार हुए थे। सूरज से आते हुए विस्फोट के रेडिएशन ने इन 40 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में ही मार गिराया था।

Report By :- ANUJA AWASTHI, NEWS DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI

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