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अंजुमन चुनाव आज : अध्यक्ष और महासचिव पद के लिए होगा दिलचस्प मुकाबला, वोटर्स नए चेहरे पर भरोसा करेंगे या पुराने चेहरे को ही देंगे तवज्जो

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अंजुमन इस्लामिया चुनाव में वोटिंग कम होने की आशंका : प्रत्याशियों में बढ़ी बेचैनी, अधिकांश लोग अपना वोट देने से हो सकते हैं वंचित

अंजुमन इस्लामिया चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

आज हज हाउस में सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा अंजुमन चुनाव

मंगलवार को होगी काउंटिंग

रोमांचक हुआ अंजुमन चुनाव

पल-पल बदल रहा है चुनाव का समीकरण

कई निर्दलीय वैसे चेहरे भी चुनावी मैदान में है जिन्हें समाज एक साफ-सुथरी छवि वाला उम्मीदवार मानता है, उम्मीद की जा रही है कि वोटर इस बार उन्हें ही वोट देगा

मगर अभी भी वोटरों का रुझान दिख रहा है की अंजुमन चुनाव में वैसे उम्मीदवार को जीता कर गद्दी सौंपेंगे जो काबिलियत और सलाहियत से भरा हो जो जाति और बिरादरी से ऊपर उठकर काम करें!

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आखिरकार लंबे इंतजार के बाद अंजुमन इस्लामिया का चुनाव आज रांची के कडरू स्थित हज हाउस में सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, राजधानी  रांची में काफी इंतजार के बाद आखिर कर अंजुमन चुनाव का बिगुल बज चुका है अंजुमन चुनाव के अध्यक्ष के लिए हाजी मुख्तार और इमरान अहमद के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है दोनो की ओर से जनता को लुभाने के लिए कई वादों की झड़ी लगाई जा रही है लेकिन कयास यह लगाया जा रहा है कि रांची के मुसलमान इस बार बदलाव चाहते हैं चुनाव में इस बार वोटरों के मन में कई सवाल है कयास लगाया जा रहा है कि इस बार अंजुमन की टीम पूरी तरह युवाओं के हाथ में होगी

Technology will be used a lot in the assembly elections 2022 Handicapped and elderly will vote sitting at home - UP Assembly Election 2022: विधानसभा चुनाव-2022 में तकनीक का होगा खूब इस्तेमाल,

अध्यक्ष पद :- 

इबरार अहमद

मुख्तार अहमद

मुस्लिम कौम के लिए हर कदम पर खड़े रहने वाले हाजी मुख्तार अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार, इबरार अहमद से पूरी मुस्लिम कौम नाराज

अभी कई मामले ऐसे आए जिससे रांची के मुसलमानों के दिल में इबरार अहमद के लिए खराब छवि बन चुकी है इबरार अहमद की टीम में हाजी मुख्तार ने भी खुद को इबरार की टीम से अलग कर लिया है और वह इस बार अंजुमन के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में खड़े हैं हाजी मुख्तार की छवि साफ-सुथरी है और जब भी मुसलमानों को उनकी जरूरत होती है वह हर जगह मौजूद रहते हैं चाहे खुशी हो चाहे गम हो हाजी मुख्तार गरीबों की सेवा में तत्पर रहते हैं ,  झारखंड के राजधानी रांची में जब भी संप्रदायिक मामला हुआ है उसको शांत कराने में हाजी मुख्तार का अहम रोल रहा है, वह हमेशा मुसलमानों के लिए तत्पर रहते हैं!

अगर हम महासचिव पद की बात करें तो कुल 6 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं जिसमे

महासचिव पद : 

मोहम्मद जबीउल्लाह

मोहम्मद नौशाद,

डॉक्टर असलम परवेज 

डॉक्टर तारिक हुसैन

मोहम्मद फिरोज जिलानी

मतिउर रहमान 

महासचिव पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार डॉक्टर असलम परवेज को माना जा रहा है क्योंकि रांची में हुए दंगे को रोकने में उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और लोगों को वह काफी पसंद भी आ रहे हैं,जनरल सेक्रेटरी के लिए अंजुमन का चुनाव लड़ रहे डॉक्टर असलम परवेज अपनी साफ छवि के लिए जाने जाते हैं आंकड़ों के मुताबिक डॉ असलम परवेज जनरल सेक्रेटरी के रेस में सबको पछाड़ते हुए थोड़ा आगे नजर आ रहे हैं, डॉक्टर असलम परवेज समाज के सभी लोगों के लिए हमेशा सजग प्रहरी के तौर पर खड़े रहते हैं, 2 दशक से लगातार लोगों के दुख दर्द में वह शामिल होते रहे हैं, डॉक्टर असलम परवेज रांची शहर और आसपास के इलाकों के अलग-अलग तंजीमें, पंचायत, मदरसे और मस्जिदों के मेंबर की पहली पसंद बन चुके हैं! जनरल सेक्रेटरी के उम्मीदवार के रेस में आगे निकलते नजर आ रहे हैं डॉक्टर असलम परवेज

संयुक्त सचिव:- 

मोहम्मद शाहिद

नेहाल अहमद

सादिक लतीफ

मंसूर आलम और

मोहम्मद शमीम अख्तर 

वहीं अगर बात नायब सदर (वाइस प्रेसिडेंट) के पोस्ट के लिए सात उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में अपनी किस्मत

आजमा रहे हैं

वाइस प्रेसिडेंट

मोहम्मद नौशाद

नदीम खान

अनवर हुसैन

सज्जाद इदरीसी

आसिफ अली

अब्दुल खालिक 

मोहम्मद मोइन उद्दीन शामिल है

मजलिस ए आमला में भी 60 पढ़े लिखे और युवा चेहरा मैदान में उतरकर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं!

मजलिस – ए – आमला

शाहिद अख्तर, अयूब रजा खान, मोहम्मद लतीफ आलम,  मोहम्मद नकीब, मोहम्मद

शहजाद बबलू,  अफजल खान, मोहम्मद जैदी अंसारी,  शाहीन अहमद, शकील अहमद, मोहम्मद अकील अख्तर,

मोहम्मद संजय आलम,  मोहम्मद फिरोज कमाल,  अब्दुल हसीब,  मोहम्मद आरिफ, 

हाजी मोहम्मद बिलाल कुरेशी,  सैयद इम्तियाज हुसैन,  मोहम्मद शकील मोहम्मद, 

अकबर शेख मोहम्मद,  उमर मोहम्मद,  अनवर सैयद,  मुकुंद शाह,  अजमत अली,  मोहम्मद आबिद, 

 जावेद अहमद खान, मोहम्मद साजिद,  मोहम्मद अली,  मोहम्मद हसनैन,  नदीम अख्तर,

वसीम अकरम,  मोहम्मद अशफाक,  आलम मोहम्मद,  कामरान अहमद,  मोहम्मद नदीम जावेद, 

अहमद मोहम्मद,  शकील अहमद,  फिरोज अख्तर,  मोहम्मद जावेद अख्तर,  मोहम्मद अकबर जफर, 

अतीक उर रहमान,  नौशाद अंसारी,  मोहम्मद इबरार आलम,  मोहम्मद शमीम,  मोहम्मद फजल, 

करीम मोहम्मद,  जकी अहमद,  मोहम्मद इरफान आलम,  जकी उल हक सैयद मोहम्मद, 

तनवीर मोहम्मद,  तनवीर आलम और मोहम्मद सलीम 

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इस बार के अंजुमन चुनाव में सबसे रोमांचक लड़ाई अध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए हो रहा है कभी ऊंट टीम अमीन की तरफ बैठता है तो कभी टीम अमन के तरफ दोनों टीम के सदर पद के उम्मीदवार इस बात पर जोर लगा रहे हैं कि उनकी पूरी टीम जीत कर आए मगर दोनों टीम के अलावा कई नए और युवा चेहरे जो इस बार अंजुमन चुनाव में निर्दलीय की भूमिका में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं उनकी दावेदारी भी काफी मजबूत मानी जा रही है देखना दिलचस्प होगा कि रांची के वोटर्स किस टीम को अपना बहुमूल्य वोट देकर अंजुमन की गद्दी पर विराजमान करते हैं! रांची के वोटर्स काम करने वाले लोगों को वोट देकर विजय बनाते हैं या जात बिरादरी में फंस कर उलझ जायेंगे!

अंजुमन इस्लामिया चुनाव में वोटिंग कम होने की आशंका : प्रत्याशियों में बढ़ी बेचैनी, अधिकांश लोग अपना वोट देने से हो सकते हैं वंचित

अंजुमन चुनाव को लेकर रांची के मुसलमानों में उत्साह अपने चरम पर है लेकिन इस बार के चुनाव में अनुमान यह लगाया जा रहा है कि वोटों का प्रतिशत काफी कम होगा इस बार का चुनाव 29 अगस्त सोमवार को कडरू स्थित हज हाउस में होना है साथ ही साथ प्रत्याशियो के दिल में यह डर समा गया है कि वोटों का प्रतिशत कम होने से कहीं उन्हें हार का सामना ना करना पड़े, अंजुमन चुनाव में जो भी वोटर है उसमें से ज्यादातर लोग नौकरी पेशा, डॉक्टर,  वकील शामिल है,  हफ्ते की शुरुआत सोमवार से होती है इसलिए अपने अपने कार्यालय में लोगों को काम का प्रेशर भी अत्यधिक रहती है और सोमवार को ही अंजुमन का चुनाव भी होना है अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या लोग अपना कामकाज छोड़कर अंजुमन चुनाव में लंबी कतार लगाकर वोट देने आएंगे ? या सोमवार होने की वजह से वह अपने काम में मशगूल रहेंगे ! रांची का एक प्रतिनिधिमंडल सीओ से मिलकर अंजुमन चुनाव सोमवार के बदला रविवार को कराने की मांग कर रहा है लेकिन फिलहाल हकीकत तो यहीं है की अंजुमन का चुनाव सोमवार को है
चुनाव के जानकारों का मानना है कि अंजुमन चुनाव में हमेशा 90% से ज्यादा वोटर अपने वोट का इस्तेमाल करते आ रहे हैं लेकिन सोमवार होने की वजह से आशंका जताई जा रही है कि वोटिंग का रेट घटकर 50 से 60% तक आ सकता है रांची के वोटरों में उत्साह तो काफी है मगर सोमवार को  कार्यालय में ज्यादा कामकाज होने की वजह से अधिकांश लोग अपना वोट देने से वंचित हो जाएंगे!

मंगलवार को होगी काउंटिंग

अंजुमन चुनाव 2022 हर चुनाव से अलग इसलिए भी है कि इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि जिस दिन अंजुमन चुनाव संपन्न होता है उसी दिन काउंटिंग करा कर प्रत्याशियों की जीत का ऐलान कर दिया जाता है लेकिन इस बार अंजुमन चुनाव सोमवार को होगा जबकि कौन टीम उसके अगले दिन यानी मंगलवार को संपन्न होगा शहर के तमाम चौक चौराहे पर चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं काउंटिंग में खेला ना हो जाए इसलिए 1 दिन बाद काउंटिंग कराई जा रही है

प्यार मोहब्बत और इखलास की पेश करनी होगी अनोखी मिसाल

अंजुमन इस्लामिया मुसलमानों की एक बड़ी सामाजिक संस्था है जो मुसलमानों के हक और हुकूक के लिए लड़ाई लड़ती है और इस बार के अंजुमन चुनाव मैं कौन जीता है कौन हारता है यह तो मंगलवार को तय हो जाएगा लेकिन इस चुनाव को जंग की तरह ना लड़कर आपसी भाईचारा और मोहब्बत के साथ लड़ा जाए क्योंकि अंजुमन चुनाव तो सोमवार को खत्म हो जाएगा और मंगलवार को जो जीतेगा उसका भी घोषणा कर दिया जाएगा लेकिन अंजुमन चुनाव के बाद सभी लोग पहले की तरह ही प्यार इख्लास और मोहब्बत के साथ मिले ऐसा माहौल बनाने की पहल सभी को करनी होगी !

Report By :- KHUSHBOO SHARMA,  NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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