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Gujarat Bridge Collapse: आठ महीने की गर्भवती तड़प रही थी, लोग गिर रहे थे, हादसे में अब तक 132 लोगों की मौत, प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दहशत के लम्हों की दास्तां

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, गुजरात

मोरबी पुल हादसे में भाजपा सांसद के परिवार के 12 लोगों की मौत, बहन के यहां छाया मातम

राजकोट से भाजपा सांसद मोहन भाई कुंदरिया के परिवारीजन भी शामिल हैं। उनके परिवार के 12 सदस्यों ने दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवा दी।  भाजपा सांसद ने कहा है कि हादसे में मेरी बहन के परिवार के 12 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा, हमने मेरी बहन के जेठ की चार बेटियों, तीन दामादों और पांच बच्चों को खो दिया है।

“मैंने जो कुछ देखा वह दिल दहला देने वाला था… अपनी जिंदगी में इससे बुरा कभी नहीं देखा। मेरे सामने आठ महीने की गर्भवती महिला तड़प-तड़प कर मर गई। लोग केबल से लटके हुए थे और नदी में गिरते जा रहे थे…और मैं कुछ नहीं कर पा रहा था। “

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यह शब्द गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी के किनारे चाय बेचने वाले के हैं। लोगों को बचा न पाने की टीस उनके मन में है। रात का मंजर याद करते ही उनकी आंखें भर आती हैं। वह कहते हैं मुझे रात भर नहीं आई, मैं लोगों को बचाने की कोशिश करता रहा। फिर भी नहीं बचा सका….

Hindi Sheikh Muslim 37 Years Bride/Girl Bangalore. | Matrimonial Profile VHC6464 - Vivaah Matrimonyइस चायवाले की तरह हादसे की एक और चश्मदीद हसीना कहती हैं, “हादसे को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मरने वालों में बच्चे भी थे। वे रो रहे थे। चिल्ला रहे थे और हम कुछ नहीं कर पा रहे थे। मैं परिवार के लोगों की तरह उनको बचाने की कोशिश कर रही थी। मैंने लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपनी गाड़ी भी दी, लेकिन देर हो चुकी थी।”

अब तक सामने आ रहीं लाशें

मोरबी हादसे को हुए अब तक करीब 15 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन नदी से लाशों को निकाले जाने का सिलसिला जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 177 लोगों को बचाया जा चुका है और कई घायल हैं।

Government Takes Responsibility For Bridge Collapse: Gujarat Ministerजानबूझकर पुल हिला रहे थे लोग

इस हादसे में बाल-बाल बचे विजय के मुताबिक, जब वह और उनके परिजन पुल पर पहुंचे तो कुछ युवक जानबूझकर पुल को जोर-जोर से हिला रहे थे। इससे आने-जाने वालों को काफी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में विजय को लगा कि इस पुल पर रुकने में खतरा हो सकता है। इसके चलते वह और उनके परिजन बिना आगे बढ़े पुल से लौट आए। विजय ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पुल के स्टाफ को भी जानकारी दी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

 

Gujarat bridge collapse: Morbi death toll rises to 133; rescue operations underway | Latest News India - Hindustan Timesपुल की क्षमता 100 लोगों की 

मिली जानकारी के मुताबिक, इस पुल की क्षमता करीब 100 लोगों की ही है। वहीं, इस पुल पर आने के लिए करीब 15 रुपये की फीस भी लगती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि दिवाली के बाद वाले वीकेंड पर कमाई के लालच में इस पुल को बिना फिटनेस जांच के ही खोल दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि घटना के वक्त करीब 400 से 500 लोग पुल पर थे। ऐसे में भारी भीड़ का बोझ पुल सह नहीं पाया और टूट गया।

 

Gujarat Bridge Collapse: Gujarat govt's 'gross negligence' led to bridge collapse, alleges CPI MP | Deccan Heraldहादसे में बाल-बाल बचे विजय

विजय ने बताया कि वह रविवार (30 अक्तूबर) दोपहर के वक्त अपने परिवार के साथ मोरबी के केबल ब्रिज पर गए थे। उस वक्त पुल पर काफी लोग मौजूद थे। किसी अनहोनी के डर से वह पुल के आधे रास्ते से ही लौट गए। कुछ घंटे बाद विजय का डर सही साबित हुआ और वह पुल टूट गया। इस हादसे में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर है।

विजय ने बताई आंखों देखी

विजय के मुताबिक, जब वह और उनके परिजन पुल पर पहुंचे तो कुछ युवक जानबूझकर पुल को जोर-जोर से हिला रहे थे। इससे आने-जाने वालों को काफी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में विजय को लगा कि इस पुल पर रुकने में खतरा हो सकता है। इसके चलते वह और उनके परिजन बिना आगे बढ़े पुल से लौट आए। विजय ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पुल के स्टाफ को भी जानकारी दी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

 

Report By :- MONIKA PATEL / SUJATA MISHRA, NEWS DESK, NATION EXPRESS, गुजरात

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