साइबर अपराध में ठगे पैसे से हो रहीं आतंकी गतिविधियां : लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के पास जा रहे साइबर अ्पराध में ठगे पैसे
SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
कहते हैं कि जिस आग से दीपक जलता है उसी से घर भी. जो चीज आज वरदान है कल अभिशाप बन जाती है. ठीक उस तरह हीं जैसे-जैसे टेक्नॉलजी में उन्नति होती गई वैसे-वैसे साइबर क्राइम भी बढ़ता गया. मौजूदा समय में साइबर क्राइम बहुत तेजी से फैला है. इसके शिकार कई बार तो घटना की रिपोर्ट तक नहीं कराते. हालांकि अब इस तरह की लापरवाही करने वालों को सावधान रहने की जरुरत है. वजह है साइबर क्राइम में ठगे गए पैसों का आतंकी गतिविधियों में उपयोग होना.
साइबर अपराध में ठगे पैसे से हो रहीं आतंकी गतिविधियां
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अगर आप भी कभी साइबर अपराध का शिकार बने हैं और इसकी रिपोर्ट नहीं की है तो आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है. अपराध की दुनिया में अब एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है.जो न सिर्फ हमारे देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है. दरअसल साइबर क्राइम की दुनिया मे आतंकियों ने एंट्री ले ली है. जो पूरी दुनिया के लिए एक वैश्विक तबाही बनने की डगर पर है. साइबर अपराध के पैसे सीधे-सीधे आतंकियों के खाते मे जा रहे है जिससे वे दुनिया में अशांति फैला रहे हैं.कई भोले-भाले अमन पसंद लोगों के मेहनत से कमाए पैसे साइबर क्राइम के जरिए दुनिया भर में जेहादी मानसिकता बढ़ाने और अशांति फैलाने मे ईस्तेमाल किया जा रहे हैं. साइबर क्राइम और आतंकवाद का ये खतरनाक मेल बेहद भयावह है.
बीते दिनों झारखंड में सामने आईं हैं साइबर अपराध की कई घटनाएं
झारखंड की राजधानी रांची मे पिछले दिनों एक मामला सामने आया था. इसमें रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में रहने वाले क्रिप्टो करेंसी बाजार के निवेशक नवीन कुमार वर्मा को लालच दिया गया धा कि उसके क्रिप्टो करेंसी को दो तीन महीनों मे दोगुना कराया जा सकता है. आज की दुनिया में जहां हर एक व्यक्ति एक झटके में अमीर बन जाने का ख्वाब रखता है वहां नवीन का लालच से बच पाना कहां संभव था. साइबर क्राइम के शिकार हुए नवीन से 1 करोड़ 33 लाख की साइबर ठगी कर ली गई. इसने अपने पैसे क्रिप्टो करेंसी मे इनवेस्ट किए थे. इसी दरम्यान व्हाट्सऐप के जरिए एक महिला ने उनसे संपर्क साधा और क्रिप्टो करेंसी को दोगुना करने का झांसा दिया. जिसके बाद उसे एक ग्रुप मे जोड़ कर कहा गया कि उसे अपने क्रिप्टो करेंसी को साइबर अपराधियों के वैलेट मे डालना होगा. ऐसा करते हीं पैसे डबल की उम्मीद में जो था उससे भी हाध धोना पड़ गया.इसके अलावा धनबाद के एक शख्स ने साइबर क्राइम में फंस कर 1 करोड़ रूपए गवां दिए.एक मैट्रीमोनियल साइट के जरिए युवक को फांसा गया था. ऐसे मामलों की जांच करना बेहद कठिन होती है. झारखंड सीआईडी की साइबर सेल ने इन मामलों की जांच की इस जांच में I4C की मदद से मनी ट्रेल की जांच की गई तो पता चला कि पैसे ईरान के समर्थन वाले आतंकी संगठन के पास जा चुके हैं. जहां से पैसों की रिकवरी काफी मुश्किल है. मामले के अनुसंधान की जानकारी देते हुए झारखंड सीआईडी के डिजी अनुराग गुप्ता ने बताया कि पैसे गलत विदेशी एजेंसियों के हांथों मे चले गए है लेकिन अभी भी अनुसंधान जारी है. साथ हीं उन्होनें लोगों को चेताते हुए कहा कि अगर कुछ समय मे क्रिप्टो करेंसी को दोगुना करने की कोई बात करता है तो फेक है. इसके अलावा उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि हाल के दिनों ऐसी कई सूचनाएं सीआईडी को मिली है जिसकी जांच की जा रही है.

लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के पास जा रहे साइबर अ्पराध में ठगे पैसे
जानकारी के मुताबिक साइबर अपराध के पैसे आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के पास जा रहे हैं.हिजबुल्लाह लेबनान का शिया राजनीतिक और अर्द्धसैनिक संगठन है. यह संगठन 1982 में जब इजराइल ने दक्षिणी लेबनान पर आक्रमण किया था तब अस्तित्व में आया था. इस संगठन को ईरान और सीरिया का समर्थन प्राप्त है और उसकी अपनी सरकार है वर्तमान में इसका नेता हसन नसरूल्लाह है. इसके अलावा साइबर अपराध का पैसा चाइना तक भी जा रहा है. जिस तरह से साइबर अपराध में आतंकी संगठन और अंतराष्ट्रिय प्लेयर इसमें सामने आ रहें हैं ऐसे में सावधानी बरतना हीं एकमात्र उपाय है.
साइबर एक्सपर्ट से बातचीत के आधार पर आपसे अपील
हम आपको सचेत करना चाहते हैं कि ऐसे किसी भी झांसे में आने से बचें. अगर कोई पैसे डबल करने का लालच दे तो उससे दूर रहें. किसी भी तरह के इनवेस्टमेंट करते वक्त निजी तौर पर जांच कर लें. इसके अलावा साइबर अपराध के किसी भी तरह के अप्रिय अनुभव होने पर तुरंत साइबर पुलिस को इसकी रिपोर्ट करें. इस विषय पर हमने साइबर एक्सपर्ट से बातचीत की इस दौरान उन्होनें बताया कि वर्तमान मे कई बड़े अंतराष्ट्रीय संगठन साइबर अपराध मे लिप्त है. ये अपराधी लगातार लोगों के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहें हैं. इसी क्रम में आगे उन्होनें कहा कि कई बार लोग साइबर अपराध के मामले को दर्ज हीं नहीं कराते. लेकिन आतंकी संगठन की साइबर क्राइम मे एंट्री से छोटे से छोटे साइबर अपराध को इग्नोर करना लोगों के लिए महंगा पड़ सकता है. अगर ऐसी छोटी-बड़ी घटनाओं की लोग रिपोर्ट नहीं दर्ज कराते हैं तो भविष्य में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
Report By :- SHWETA JHA, SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI