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पल्स के बाद अब बर्लिन हॉस्पिटल पर ED की दबिश : एक और IAS अधिकारी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जा सकते हैं सलाखों के पीछे

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

ईडी को अब तक मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल की जमीन प्रीति कुमार के नाम पर है। प्रीति कुमार राज्य के एक बड़े आइएएस अधिकारी की पत्नी हैं

पल्स हॉस्पिटल के बाद अब ED की टीम ने रांची के बरियातू स्थित बर्लिन हॉस्पिटल में दबिश दी है। इससे झारखंड के एक IAS अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी पिछले कई महीनों से ED के रडार पर हैं। बहरहाल मिल रही खबरों में बताया गया है कि ED की टीम बर्लिन अस्पताल की जमीन से जुड़े कागजात की पड़ताल कर रही है। अस्पताल की जमीन को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। ये भी कहा जा रहा है कि ED की टीम अस्पताल की जमीन की मापी भी करा सकती है। इससे अस्पताल के मालिकों और प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि ED की टीम इन दिनों झारखंड में जमीन घोटाला, खनन घोटाला सहित कई अन्य घोटालों की जांच कर रही है।  जिस जमीन पर अस्पताल संचालित हो रहा है उक्त जमीन राज्य के एक बड़े आइएएस अधिकारी की पत्नी का बताया जा रहा है।

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रांची के बर्लिन अस्पताल में ED का छापा, दस्तावेज खंगालने में जुटी टीम; मिला अहम सुराग,आईएएस अधिकारी का भी नाम - Jharkhand Varta

भानु प्रताप ने पूछताछ में दी थी जानकारी

ईडी के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पूर्व में जमीन घोटाले में गिरफ्तार बड़गाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद ने ही उक्त जमीन के बारे में जानकारी दी थी। उनके घर से भी भारी मात्रा में जमीन से संबंधित दस्तावेज मिले थे तब भानु प्रताप प्रसाद गिरफ्तार किए गए थे। उनपर रांची के सदन थाने में प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी, जिसके आधार पर ईडी ने नया ईसीआइआर किया था। उस ईसीआइआर में जांच के दौरान ईडी को जानकारी मिली कि बड़गाईं अंचल का खाता संख्या 54, प्लॉट नंबर 2711 की 12 कट्ठा जमीन गलत तरीके से खरीदी गई। जमीन की खरीद भी बाजार मूल्य से काफी कम पाई गई। पहले उक्त जमीन को डॉ. नलिनी रंजन सिन्हा व ऊषा सिन्हा ने खरीदा था। उसके बाद उनसे प्रीति कुमार व टीएम ठाकुर ने जमीन खरीदी। ईडी को सूचना मिली है कि उक्त जमीन की प्रकृति बदलकर उसकी खरीद-बिक्री हुई है और उस जमीन पर बर्लिन अस्पताल का निर्माण कराया गया है।

रांची के बर्लिन हॉस्पिटल में ईडी की दबिश

जमीन के लिए दिए गए हैं एक करोड़ से अधिक
बर्लिन अस्पताल वाली जमीन को लेकर जो दस्तावेज पहले सामने आए हैं, उसके मुताबिक जमीन को एक करोड़ रुपए से अधिक देकर खरीदा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उक्त जमीन की खरीदारी के लिए अक्टूबर 2004 में 84254 रुपए, साल 2005 में पांच लाख 50 हजार, साल 2010-11 में तीन लाख 71 हजार, मई 2014 में एक करोड़ चार लाख रुपए दिए गए थे। स जमीन का खाता नंबर 54 व प्लाट नंबर 2711 है। इसी जमीन से संबंधित जानकारी बड़गाईं अंचल से ईडी ने मांगी है। जमीन 12 कट्ठा के करीब ह

पल्स के बाद अब बर्लिन हॉस्पिटल पर ED की दबिश, इस IAS अधिकारी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

बड़े आईएएस अधिकारी की पत्नी के नाम है जमीन
ईडी सूत्रों के अनुसार जिस जमीन की रिपोर्ट मांगी गई है, उसका खाता संख्या 54 और प्लॉट संख्या 2711 है। यह जमीन रांची में तैनात एक आईएएस अफसर की पत्नी के नाम पर है, जिसकी कीमत तीन करोड़ रुपए से अधिक है। यह जमीन अलग-अलग तिथि पर खरीदी गई है। इसमें अलग-अलग डीड का जिक्र है, जिसमें महिला ने यह जिक्र नहीं किया है कि उनके पति क्या करते हैं। बताया गया है कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत आय से यह जमीन खरीदी है। अगर जांच में यह मामला सही पाया गया तो एक और आईएएस अधिकारी आय से अधिक सपत्ति अर्जित करने के मामले में फंस सकते हैं

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डेढ़ दर्जन आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल 
झारखंड में हुए घोटालों का पर्दाफाश करने के लिए ED की टीम संदिग्ध लोगों को लगातार समन भेज रही है। समन और फिर पूछताछ के बाद आज की तिथि में झारखंड के प्रशासनिक अधिकारी सहित लगभग डेढ दर्जन आरोपी जेल में बंद हैं। अभी भी कई आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। खनन घोटाले में प्रदेश के सीएम हेमंत सोरेन को भी समन किया था। लेकिन वे पूछताछ के लिए ED के समक्ष हाजिर नहीं हुए। इस मामले को विपक्ष की BJP ने मुख्य मुद्दा बना रखा है। ED ने जिन प्रमुख लोगों को अब तक जेल की सलाखों के पीछे भेजा है, उनमें आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, आईएएस छवि रंजन, सीएम के विधायक प्रतिनिधिन पंकज मिश्रा और सत्ता के गलियारों से नजदीकियां रखने वाले प्रेम प्रकाश के नाम मुख्य तौर पर लिये जा सकते हैं। 

खारिज हो चुकी है पूजा सिंघल की जमानत याचिका 

बता दें कि आईएएस पूजा सिंघल फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जेल में बंद हैं। पिछले साल 6 मई को उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, जिसके बाद करोड़ों कैश बरामद हुए थे। 11 मई 2022 की शाम ईडी ने उनको गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह होटवार जेल में बंद हैं। हालांकि इस दौरान कई बार उनकी तबीयत खराब हुई, जिसके बाद उनको रिम्स में शिफ्ट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। उनकी याचिका पर पिछले 14 दिसंबर को सुनवाई हुई थी।  

Report By :- SUPRIYA SINGH, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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