HEALTH DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए रिम्स क्रिटिकल केयर विभाग व टास्क फोर्स ने रिम्स प्रबंधन को आगाह किया है. देश के प्रतिष्ठित संस्थान आइआइटी व विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 15 जुलाई के बाद देश में तीसरी लहर की आशंका जतायी है. इसको देखते हुए रिम्स के डॉक्टरों की चिंता बढ़ गयी है. क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों का मनाना है कि कोरोना की पहली लहर झारखंड में देरी से पहुंची. इसलिए इसका फैलाव कम देखने को मिला. वहीं, दूसरी लहर देश व झारखंड में करीब-करीब एक साथ आयी. ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर झारखंड में जुलाई के अंत तक पहुंच सकती है. अगर पहले से तैयारी नहीं की गयी, तो स्थिति बिगड़ सकती है.
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अनुमान लगाया जा रहा है अगस्त में कोरोना की तीसरी लहर का पीक होगा. ऐसे में संक्रमितों की संख्या उस समय बढ़ेगी. अक्तूबर से कोरोना के मामले कम होने लगेंगे. नवंबर से दिसंबर के अंत तक इसका प्रभाव कम होगा. तीसरी लहर से बचाव के लिए लोगों को अभी से सुरक्षित करना होगा. लोगों को टीका का दोनों डोज लेना होगा. इसके साथ-साथ कोरोना गाइडलान का सख्ती से पालन करना होगा. ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण होने से सुरक्षित रहने की संभावना ज्यादा होगी.
विशेषज्ञों ने 15 जुलाई के बाद देश में तीसरी लहर की आशंका जतायी
क्रिटिकल केयर विभाग और टास्क फोर्स ने रिम्स को किया आगाह
कोरोना की तीसरी लहर 30 से 40 दिनों में आ सकती है. तीसरी लहर के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए टीका लेना जरूरी है. राज्य का हर व्यक्ति बेझिझक होकर टीका लगाये.
डॉ कामेश्वर प्रसाद, निदेशक, रिम्स
आइआइटी व देश के विशेषज्ञ डॉक्टरों का अनुमान है कि तीसरी लहर जुलाई के मध्य में आ जायेगी. ऐसे में हमारे स्तर से प्रबंधन को सूचित कर दिया गया है. हमारी ओर से पूरी तैयारी है.
– डॉ प्रदीप भट्टाचार्या,
क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, रिम्स
Report By :- NISHA SINGH, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, RANCHI