पुलिस की दबंगई से खाकी फिर दागदार : छात्र ने एडीजी को ट्वीट किया तो थाना प्रभारी हो गए आग बबूला,छात्र को फोन पर हड़काया. कहा- रासुका का मुकदमा लिखकर जेल भेज देंगे
NEWS DESK, NATION EXPRESS, बरेली. उत्तर प्रदेश
(Uttar Pradesh) के बरेली (Bareilly) में पुलिस (Police) की ‘दबंगई’ से एक बार फिर खाकी दागदार हो गई. बरेली के शीशगढ़ में खेत के पास जल रही पराली (Stubble Burning) के फोटो और वीडियो एडीजी को ट्वीट (Tweet) करना थाना शीशगढ़ के टांडा छंगा गांव के छात्र को भारी पड़ गया. ट्वीट के बाद इंस्पेक्टर (Police Inspector) शीशगढ़ सुरेंद्र सिंह पचौरी ने छात्र को फोन पर हड़काया. इंस्पेक्टर ने छात्र को रासुका का मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी दी. इंस्पेक्टर ने कहा, ‘तेरी हिम्मत कैसे हो गई, मेरी इजाजत के बगैर ट्वीट कर दिया.’ इंस्पेक्टर और छात्र के बीच का ऑडियो वायरल हो गया है. एसएसपी ने मामले में जांच का आदेश दिया है.

बता दें, शीशगढ़ के टांडा छंगा निवासी इरशाद खां एलएलबी के छात्र हैं. उन्होंने अपने गांव के पास खेत में जल रही पराली का वीडियो ट्वीट किया था. इसको लेकर इंस्पेक्टर शीशगढ़ सत्येंद्र सिंह पचौरी चिढ़ गए. उन्होंने छात्र को जेल भेजने की धमकी दी है. इरशाद के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने उसका मोबाइल छीन लिया. उसमें से ट्वीट और कुछ जरूरी व्यक्तिगत फोटो डिलीट कर दिए. उधर, पुलिस अफसर इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के बजाय उसकी तरफदारी कर रहे हैं.
इंस्पेक्टर और छात्र के बीच हुई बातचीत
इंस्पेक्टर: हैलो, इरशाद बोल रहे हो?
इरशाद: जी अंकल, इरशाद बोल रहा हूं.
इंस्पेक्टर: इंस्पेक्टर शीशगढ़ बोल रहा हूं. क्या करते हो आप?
इरशाद: पढ़ाई करता हूं, एलएलबी स्टूडेंट हूं.
इंस्पेक्टर: क्या ट्वीट करते हो, क्या ट्वीट किया है.
इरशाद: पराली जल रही थी. उसका ट्वीट किया था.
इंस्पेक्टर: तुम्हारा दिमाग खराब है. तुम्हारी वकालत ठीक करता हूं. तहरीर क्यों नहीं दी थाने में. तुम्हारे जैसे वकील थाने में घूमते हैं.
इरशाद: अब नहीं डालेंगे सर, गलती हो गई.
इंस्पेक्टर: दिमाग खराब है, तुमने लिखकर तहरीर क्यों नहीं दी. अफवाह फैलाते हो. हमें तो सूचना दे सकते थे. मेरी इजाजत के बिना ट्वीट कैसे कर दिया. अभी चौकी पहुंचो. नहीं तो वहीं से गाड़ी में डलवाकर लाऊंगा. पांच मिनट में चौकी के अंदर पहुंचो. नहीं तो तुम्हें ठीक कर दूंगा, अफवाह फैलाते हो.
इरशाद: सर, अफवाह नहीं, हकीकत है.
इंस्पेक्टर: दिमाग खराब है. औकात भूल गए हो. तेरा दिमाग ठीक है कि नहीं. खाना खाता है कि नहीं.
इरशाद: ठीक है सर, चौकी जा रहा हूं.
इंस्पेक्टर: अभी चौकी पहुंचिए. अफवाह फैला रहा है. कोई बात थी तो बता देता. चौकी पर बता देता. मुझे फोन कर देता. मुकदमा लिखूंगा 295 का तेरे खिलाफ.
इरशाद: अंकल, गलती हो गई.
इंस्पेक्टर: तेरे जैसे जाने कितने वकालत करने वाले मिलते हैं. चौकी पर पहुंच.
इरशाद: अंकल, मैं तो बरेली में हूं.
इंस्पेक्टर: मैं तुझे वहीं पकड़वा लूंगा. तुम समाज के योग्य नहीं हो.
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इसके बाद इंस्पेक्टर फोन कर कर देते हैं. पीड़ित छात्र घबराकर दोबारा इंस्पेक्टर को फोन लगाता है.
इरशाद: नमस्कार. अंकल जी.
इंस्पेक्टर: नमस्कार.
इरशाद: अंकल जी, मुझसे गलती हो गई. मैं आज के बाद ट्वीट नहीं करूंगा.
इंस्पेक्टर: आपकी पहले एलएलबी ठीक करता हूं. जान मोहम्मद को भी बता रहा हूं. तुम जेल जाओगे.
इरशाद: अंकल, मुझे माफ कर दो. मैं आपका बेटा हूं.
इंस्पेक्टर: चौकी जाकर लिखकर दो, नहीं तो मुकदमा लिखता हूं. तुम बवाली हो. तुमने पूरे प्रदेश में अफवाह फैला दी है. तुम्हें दस साल की सजा मिलेगी. तुम पर गुंडा, गैंगेस्टर और रासुका लगाऊंगा. तुम समाज के योग्य नहीं हो.
छात्र ने आरोप लगाया कि उसका मोबाइल पुलिस ने बंद करा दिया है. इसके चलते मंगलवार सुबह से उसका मोबाइल नंबर काम नहीं कर रहा है. छात्र इरशाद का कहना है कि अगर कुछ भी हुआ तो इसके जिम्मेदार इंस्पेक्टर शीशगढ़ सुरेंद्र सिंह पचौरी, चौकी इंचार्ज मनोज कुमार व खेत मालिक चंद्रसेन होंगे.
इस मामले पर एसपी देहात संसार सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है. इंस्पेक्टर और छात्र के बीच हुई बातचीत का जो ऑडियो वायरल हुआ है, उसकी जांच कराई जा रही है. जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.