CM साहब कौन करेगा हमारी रक्षा ? कानून के रखवालों ने आंदोलन शुरू कर दिया है, झारखंड पुलिस के 55 हजार जवान काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करने पर मजबूर, हेमंत सोरेन से मिले आंदोलनरत पुलिसकर्मी, सीएम ने मांगों को बताया जायज
NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
कौन सुनेगा खाकी की आवाज
हेमंत सोरेन से मिले आंदोलनरत पुलिसकर्मी, सीएम ने मांगों को बताया जायज
पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की. सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को मांगो को पूरा करने का भरोसा दिलाया. सीएम ने कहा कि आप लोगों की मांगो जायज है, इसे जल्द से जल्द पूरा किया जायेगा. उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया.
मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पांडे ने बताया कि सीएम से सकारात्मक बात हुई है. उन्होंने मांग पूरा करने की बात कही है, लेकिन जब तक लिखित में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिल जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील
मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे ने बताया कि आंदोलन मांग पूरी होने तक चलता रहेगा. किसी भी प्रकार की अफवाह या अनावश्यक बातों पर ध्यान नहीं दें. अनुशासित होकर विधि व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा में लगे रहे. जवान 11 मार्च तक काला बिल्ला लगाकर अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे.
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झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन से जुड़े राज्य भर के 73 हजार सिपाही-हवलदारों का आंदोलन बुधवार से शुरू हो गया। पहले चरण में पुलिस के जवान काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं। राजधानी रांची से लेकर राज्य के सभी जिलों ड्यूटी पर जाने से पहले पुलिस के जवानों ने अपनी वार्दी पर काला बिल्ला लगाया। झारखंड विधानसभा में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी भी काला बिल्ला लगाकर खड़े थे।
विधानसभा में भाकपा माले विधायक विनोद सिंह ने पुलिस के जवानों की मांगों का समर्थन किया। उनके समर्थन में काला बिल्ला लगाया। झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने के लिए कई बार समय मांगा, लेकिन असफलता हाथ लगी।

आंदोलन के द्वितीय चरण में आगामी 21 मार्च को सभी जिला-वाहिनी, पोस्ट व पिकेट का मेस बंद रहेगा। सभी जवान एक दिन के सामूहिक उपवास पर रहेंगे। इस पर भी सरकार ने कोई पहल नहीं की तो आंदोलन के तृतीय चरण में 31 मार्च को एसोसिएशन के पदाधिकारी-सदस्य अपने-अपने जिला, वाहिनी मुख्यालय में एक दिवसीय धरना देंगे और वहां के विभागाध्यक्ष को अपनी मांग पत्र सौंपगे। इसके बाद भी इनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन के चौथे चरण में पांच दिनों के सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।
कुछ ऐसे ही मांगों
पुलिस जवानों की मांग है कि 20 दिनों का क्षतिपूर्ति अवकाश पहले की तरह बहाल करें। पुलिसकर्मियों को मिलने वाले एक माह के अतिरिक्त वेतन में त्रुटि का निदान करें। एसीपी-एमएसीपी से संबंधित आदेश में त्रुटि का निराकरण करें। सातवें वेतन के अनुरूप वर्दी, राशन, धुलाई, विशेष कर्तव्य, आरमोरर, चालक, दुह, राइफल, तकनीकी, शिक्षण व प्रशिक्षण भत्ते लागू हों। जवानों को बेहतर इलाज के लिए मेडिक्लेम की व्यवस्था या प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया को समाप्त किया जाय। राज्य में तनाव के कारण आए दिन जवान आत्महत्या कर रहे हैं, इसे रोकने के लिए सार्थक पहल किया जाय।

उग्रवादी अभियान में लगे जवानों की सुविधा बढ़े, मनोबल बढ़ाया जाय। नए वाहिनी एवं राज्य के कई जिलों में पुलिसकर्मियों का कार्यालय, पारिवारिक आवास भवन व बैरक का निर्माण किया जाय। वर्ष 2004 के बाद बहाल जवानों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाय। शिकायत कोषांग, स्थानांतरण समिति, अनुकंपा समिति में पुलिस मेंस एसोसिएशन को सदस्य रखा जाय। मुसहरी कमेटी के अनुरूप जवानों को आठ घंटे की ड्यूटी व साप्ताहिक अवकाश प्रदान की जाय।
केंद्र के अनुरूप झारखंड पुलिस के जवानों के भी दो बच्चे-बच्चियों की पूरी शिक्षा का खर्च दिलाया जाय। राज्य के उन्नति में बलिदान देने वाले झारखंड पुलिस के जवानों के आश्रितों को भू-खंड देने के लिए नीति बनाएं व उनके जीविकोपार्जन के लिए गैस एजेंसी-पेट्रोल पंप की पात्रता की अनुशंसा की जाय। कानून व्यवस्था स्थापित करने में अपनी जान गंवाने वाले सिपाही-हवलदार को शहीद का दर्जा देते हुए राजकीय स्तर पर पुलिसकर्मी के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि के स्थान पर बंदूक से सलामी दी जाए।

पुलिसकर्मियों की ये है मांग
- 20 दिनों की क्षतिपूर्ति अवकाश पूर्व की तरह बहाल करें
- पुलिसकर्मियों को मिलनेवाली एक महीने का अतिरिक्त वेतन में त्रुटि का निदान
- एसीपी, एमएसीपी से संबंधित आदेश में त्रुटि का निराकरण
- सातवें वेतन के अनुरूप वर्दी भत्ता, राशन, धुलाई, विशेष कर्तव्य, चालक, द्रुह राइफल, तकनीकी, शिक्षण, प्रशिक्षण एंव अन्य भत्ता लागू करें
- जवानों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल सुविधा की व्यवस्था या प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया को समाप्त करें
- राज्य में तनाव के कारण आए दिन जवानों द्वारा किये जा रहे आत्महत्या को रोकने के लिए सार्थक पहल करें
- उग्रवादी अभियान में लगे जवान की सुविधा एवं मनोबल बढ़ाना
- नये वाहिनी एवं राज्य के कई जिलों में पुलिसकर्मियों का कार्यालय, पारिवारिक आवास भवन, एवं बैरक का निर्माण
Report By :- ADITI PANDIT, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
