हाथरस का सत्संग मैदान बना ‘कब्रिस्तान’: चरणों की धूल लेने की कोशिश में मिली मौत, हाथरस सत्संग कांड में FIR दर्ज, लेकिन बाबा का नाम नहीं
NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, हाथरस
बाबा के सेवादार खेतों में छिपा रहे थे लोगों का जूता-चप्पल, हर कोई छूना चाहता था पैर, आशीर्वाद लेने भागे भक्त
हाथरस हादसे पर PM मोदी-अमित शाह समेत कई नेताओं ने जताया शोक
Hathras stampede: हाथरस के पुलरई गांव में दिल दहलाने वाली घटना हुई है। भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई, जिसमें अब तक 116 लोगों की मौत हो चुकी है। यह भगदड़ दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। यूपी पुलिस ने बाबा की तलाश में मैनपुरी जिले के राम कुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट में सर्च ऑपरेशन चलाया। आईजी शलभ माथुर ने कहा कि सत्संग आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। उधर मुख्यमंत्री योगी ने हाथरस घटना (Hathras stampede) को लेकर बैठक की है। मुख्यमंत्री मौके पर भेजे गए तीनों मंत्रियों से लगातार संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार को हुए सत्संग में करीब एक से डेढ़ लाख लोगों (श्रद्धालुओं) ने हिस्सा लिया। एक विशाल मंडप बनाया गया था। सत्संग (Hathras stampede) के बाद अचानक लोग बाहर आ गए, लेकिन निकास द्वार बहुत संकरा था और सड़क पर नाली भी थी। चारों ओर कीचड़ था। इसी बीच भगदड़ मचने से एक के बाद एक लोग नाले में गिरते गए और करीब डेढ़ से दो घंटे तक वहीं दबे रहे।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मैदान में सत्संग मंडप बनाया गया था। सत्संग के बाद गुरुजी की कार चल पड़ी। लोग उनके पैर छूने के लिए दौड़े और भगदड़ मच गई। कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हादसे के बाद लोगों ने तुरंत शवों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हाथरस के सिकंदर राव ट्रॉमा सेंटर के बाहर दिल दहला देने वाला मंजर था। भगदड़ में जिन लोगों की जान चली गई और वे बेहोश थे, उन्हें एंबुलेंस में लाया गया। जब एम्बुलेंस कम हो गईं, तो लोग कारों में शवों को अस्पताल लाने लगे।
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यहां तक कि घायलों और जान गंवाने वालों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर भी पर्याप्त नहीं थे। अस्पताल में हर तरफ चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। पहले तो सत्संग (Hathras stampede) में इतने श्रद्धालु एकत्रित हुए कि संगठन और प्रशासन चरमरा गया, फिर दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या इतनी बढ़ गई कि उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए पर्याप्त वाहन नहीं थे। भगदड़ में अपने बेटे को खोने वाली एक मां ने कहा कि हम दर्शन के लिए आये थे, बहुत भीड़ थी, हम बिट्टू को गोद में लिये हुए थे। भगदड़ मच गई।
चरणों की धूल लेने की कोशिश में मिली मौत (Hathras Stampede)
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकन्दराराऊ क़स्बे के नजदीक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था। इस दौरान लाखों की संख्या में लोग सत्संग में इकट्ठा हुए थे। यह दर्दनाक हादसा उस दौरान हुआ, जब सत्संग खत्म होने के बाद बाबा के अनुयायी उनके पीछे दौड़ने लगे। वह उनके चरणों की धूल लेने की कोशिश कर रहे थे, सेवादारों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन लोगों में भगदड़ मच गई और एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और उनकी मौत हो गई, जानकारी के मुताबिक, अधिकतर लोगों की मौत आयोजन स्थल के उस पास हाइवे किनारे हुई है। बारिश होने की वजह से हाईवे की मिट्टी गीली थी और फिसलन थी।
हाथरस सत्संग कांड में पहली FIR, लेकिन बाबा का नाम नहीं

यूपी के हाथरस में मंगलवार को सत्संग में मची भगदड़ में 116 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं, 30 से अधिक लोग घायल हैं। अब यूपी पुलिस ने इस मामले में मुख्य सेवादार देव प्रकाश और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, लेकिन आपको ये जान कर हैरानी होगी कि पुलिस ने सत्संग करने वाले भोले बाबा के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की है।
पुलिस के अनुसार, सत्संग के आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी, लेकिन पुलिस से 80000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की ही अनुमति मांगी गई थी और इसी के हिसाब से प्रशासन ने सत्संग कार्यक्रम स्थल पर इंतजाम किए थे, लेकिन सत्संग में ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए थे। पुलिस का कहना है कि सत्संग के आयोजकों ने पुलिस से श्रद्धालुओं की संख्या को छिपा रखा था।

Hathras Accident: बाबा ने नहीं किया कोई सहयोग
पुलिस ने बताया कि जब सत्संग के दौरान आग लगी और भगदड़ मची, तब बाबा के सेवादार और आयोजकों ने किसी की कोई मदद नहीं की, वो सबकुछ बस चुपचाप देखते रहे और बाद में वो मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम का गठन किया गया है।
Report By :- SHRUTI PANDEY, NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, हाथरस