NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची
Jharkhand Bandh 2022 झारखंड के कई राजनीतिक संगठनों की ओर से 24 मार्च को ही झारखंड बंद की अपील कर दी गई है। आपको बता दें कि यह बंद झारखंड पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर बुलाई गई है। बड़ी संख्या में ग्रामीण इस बंद को लेकर सड़क पर उतर सकते हैं। ऐसे में यातायात सेवाएं झारखंड के सभी जिलों में बाधित हो सकती हैं। हालांकि झारखंड सरकार की ओर से अभी तक इस बंद के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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पिछड़ा वर्ग को आबादी के अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए: लालचंद महतो
जानकारी के अनुसार, झारखंड बंद की अपील पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा की ओर से की गई है। बीते दिनों रांची के धुर्वा स्थित विधायक क्लब सभागार में इस संगठन की बैठक हुई थी। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री लालचंद महतो इस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्होंने ही बैठक में 24 मार्च को झारखंड बंद की घोषणा कर रखी है। पूर्व मंत्री का कहना है कि पिछड़ा वर्ग को आबादी के अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए। चूंकि हेमंत सोरेन सरकार इसके लिए कोई पहल नहीं कर रही है, इसलिए उन्होंने झारखंड बंद की अपील की है। उस दिन बड़ी संख्या में आरक्षण समर्थक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। यातायात ठप रखेंगे। दुकानें बंद रखी जाएंगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि आरक्षण संबंधित मांग के प्रति सरकार का ध्यान खींचने के लिए पिछड़ी जातियों द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है।

मांग नहीं मान ली जाती है, तो जारी रहेगा आंदोलन
पूर्व मंत्री लालचंद महतो ने कहा कि जब तक आरक्षण संबंधित मांग नहीं मान ली जाती है, उनका आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड के सभी गांवों और शहरों में इस झारखंड बंद की सूचना भेज दी गई है। हर जगह तैयारी चल रही है। कहा कि आरक्षण नहीं मिलने से पिछड़ा वर्ग को काफी नुकसान हो रहा है। आबादी अधिक है, लेकिन हर जगह भागीदारी कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार अपनी घोषणा से मुकर रही है। मोर्चा के प्रधान महासचिव प्रो जयप्रकाश वर्मा की मानें तो पिछड़ों को जागरूक करने के लिए पिछड़ा जागरुकता रथ भी निकालने की योजना है।
Report By :- KHUSHBOO SHARMA, NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची