आज का दिन बेहद दिलचस्प: अग्नि परीक्षा से गुजरेंगे हेमंत, राजनीतिक संकट के बीच सोरेन सरकार हासिल करेगी विश्वास मत, राज्यपाल आज सार्वजनिक कर सकते हैं रिपोर्ट
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रांची में आज का दिन बेहद दिलचस्प हो सकता है क्योंकि आज राज्यपाल भारत के चुनाव आयोग की राय को भी सार्वजनिक कर सकते हैं
झारखंड के मुख्यमंत्री के विधायक के रूप में बने रहने को लेकर जारी भ्रम के बीच हेमंत सोरेन आज विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विश्वास मत प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव रखेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। विधानसभा सचिवालय द्वारा विधायकों को भेजे गए पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत प्रस्ताव लाने की इच्छा जाहिर की है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव रखेंगे. इसी तरह का अविश्वास प्रस्ताव दिल्ली विधानसभा में भी पास हुआ था. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनकी सरकार को गिराने के लिए साजिश रच रही है.
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कुछ दिन पहले दिल्ली विधानसभा में जो कुछ हुआ था उसका कल रांची के विधानसभा में उसका एक्शन रिप्ले किया जाएगा. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा में दिल्ली की तर्ज पर विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे. इस अविश्वास प्रस्ताव में जिस तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री की जीत हुई थी, उसी तरह से उन्हें भी जीतने की उम्मीद है. दोनों मुख्यमंत्रियों का मकसद भी एक ही है- ‘बीजेपी को रणनीतिक रूप से बेनकाब’ करना.
दोनों राज्यों में सत्ताधारी पार्टियों को की सरकारों पर कोई खतरा नहीं था, क्योंकि दोनों के पास स्पष्ट बहुमत है. इसलिए यह विश्वास प्रस्ताव सिर्फ खानपूर्ति प्रतीत होता है. दिल्ली विधानसभा के 70 में से आप के 62 विधायक हैं. विश्वास मत के दौरान उसके पक्ष में 58 मत पड़े. आप के 3 विधायक विदेश में थे और मंत्री सत्येंद्र जैन जेल में हैं. दूसरी ओर झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 82 सदस्यीय विधानसभा में 52 विधायक हैं. इससे पहले तीन कांग्रेस विधायकों को रिश्वत के आरोप में निलंबित कर दिया गया था जिसके बाद झामुमो गठबंधन की ताकत अब 49 विधायक है.

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव का इस्तेमाल भाजपा पर हमला करने के लिए किया था. उनका आरोप था कि बीजेपी आप के 12 विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये में खरीदने की कोशिश कर रही थी और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को एक बीजेपी नेता ने पार्टी में शामिल होने के लिए कहा था. हालांकि आप की ओर से अब तक दोनों घटनाओं का कोई सबूत नहीं दिया गया है. इसी तरह हेमंत सोरेन भी अपनी सरकार को अस्थिर करने की कथित भाजपा की कोशिश पर हमला कर सकते हैं. वे इस बात पर बोल सकते हैं कि आखिर गठबंधन के लगभग तीन दर्जन विधायकों को कांग्रेस शासित रायपुर में क्यों भेजना पड़ा.

रांची में आज का दिन बेहद दिलचस्प हो सकता है क्योंकि कल राज्यपाल भारत के चुनाव आयोग की राय को भी सार्वजनिक कर सकते हैं, जिसमें हेमंत सोरेन के ‘लाभ के पद’ संबंधी विवाद पर फैसला होगा. लोगों को आशंका है कि लाभ के पद वाले विवाद में उन्हें विधायक की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जा सकता है. हालांकि, सरकार ने कहा है कि सोरेन उस स्थिति में इस्तीफा दे देंगे और फिर से सीएम के रूप में चुने जाएंगे और शपथ लेंगे. वे छह महीने के भीतर विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे. झामुमो अपनी निरंतरता को बरकरार रखने के लिए विश्वास प्रस्ताव का इस्तेमाल कर सकते हैं.
Report By :- SIMRAN SHUKLA, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI