त्रिमूर्ति म्यूजिकल भोजपुरी प्रतिभावान कलाकारों के लिए उपलब्ध कराएगा प्लेटफार्म, नई पीढ़ी के कलाकरों को मिलेगा अवसर
भोजपुरी ( Bhojpuri) भाषा ने देश के साथ साथ विश्व के लोगों को भी अपनी तरफ आकर्षित किया है। भोजपुरी केवल भाषा के तौर पर ही नहीं बल्कि कला के क्षेत्र में भी अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चूका है। आज भोजपुरी को भारत के बाहर अंतराष्ट्रीय मंचों पर भी सराहना मिल रही है। तेजी से बढ़ते भोजपुरी इंडस्ट्री में आज के नयी पीढ़ी के युवा कलाकार भी अपने टैलेंट के माध्यम भोजपुरी इंडस्ट्री ( Bhojpuri Industry) में अपनी कला का प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन सही मंच नहीं मिलने से आज नए कलाकारों को काफी संघर्ष का सामना करना पड़ता है।
भोजपुरी प्रतिभा को निखारने के लिए त्रिमूर्ति म्यूजिकल भोजपुरी (Trimurti Musical Bhojpuri) मौका दे रही है। त्रिमूर्ति म्यूजिकल भोजपुरी के निदेशक कुमार आलम ने बताया कि भोजपुरी प्रतिभा को निखारने के लिए उनकी कंपनी भोजपुरी के प्रतिभाशाली कलाकारों को ज्यादा से ज्यादा मौका देगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मार्केट के सिंगरों से बाहर के टैलेंट को तरजीह देकर नए सिंगरों पर ज्यादा भरोसा दिखाना और उनको ज्यादा प्रमोट करना कंपनी की पहली प्राथमिकता होगी। त्रिमूर्ति म्यूजिकल भोजपुरी संस्कृति से जुड़कर साफ़ सुथरे गाने और फिल्मों का निर्माण करेगी जिसे पूरा परिवार साथ में बैठकर देख -सुन कर मनोरंजन कर सके।
कौन हैं कुमार आलम
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कुमार आलम का जीवन काफी संघर्षों भरा रहा है। 8 जुलाई 1986 को बेगूसराय में जन्में कुमार आलम की शुरूआती शिक्षा-दीक्षा बेगुसराय में ही हुई है। बेगूसराय के साहेबपुर कमाल में भुजूंगी से इंटरमीडिएट करने के बाद कुमार आलम ने भोजपरी इंडस्ट्री की तरफ रूख किया। यहां उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा। कुमार बताते हैं 2014 में उनका माचिस की तिल्ली गाना रिलीज़ हुआ था जिसे दर्शकों का काफी प्यार भी मिला था लेकिन फिर उनके संघर्ष का सफर जारी रहा। भोजपुरी में काफी संघर्ष को देखते हुए कुमार आलम ने गायकी छोड़ 1 जनवरी 2023 को अपनी नई कंपनी त्रिमूर्ति म्यूजिकल भोजपुरी लांच की।
कुमार आलम अपनी कंपनी के भोजपुरी के नए कलाकारों को मौका देने के साथ – साथ भोजपुरी के संस्कृति के मान सम्मान को जिन्दा रखना चाहते हैं। कुमार आलम यह भी कहते हैं वैसे तो सधे हुए सुरों को मुकाम तक पहुंचाने के लिए आज के समय में कई प्लेटफॉर्म मौजूद हैं लेकिन वहां तक पहुंचना आज के छोटे शहर, गाँव-कस्बों के कलाकारों को पहुंचना आसान नहीं है। खासतौर महिला कलाकारों को कई तरीकों की चुनौतियों से जूझना पड़ता है। उनकी कंपनी त्रिमूर्ति म्यूजिकल भोजपुरी फीमेल सिंगर को साफ़ सुथरे माहौल में टैलेंट को शोकेस करने का मौका देगी।