शातिर दिमाग : ढाई करोड़ के कर्ज में दबे व्यापारी ने रची खुद की मौत की झूठी साजिश, राज खुला तो अफसर हैरान, व्यापारी, उसकी दूसरी पत्नी और पार्टनर गिरफ्तार
NEWS DESK, NATION EXPRESS, बिजनौर
गन्ना क्रेशर स्वामी ने शराबी पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी थी। खैर, शराबी बच गया, जो अस्पताल में भर्ती है। ढाई करोड़ के कर्ज में दबे व्यापारी ने यह साजिश खुद की मौत की झूठी खबर फैलाने के लिए रची थी। पुलिस ने गहनता से छानबीन करने के बाद आरोपी व्यापारी, उसकी दूसरी पत्नी और पार्टनर को गिरफ्तार कर लिया है।
बृहस्पतिवार को एसपी दिनेश सिंह ने प्रेसवार्ता करते हुए घटना का खुलासा किया। शहर कोतवाली क्षेत्र में सिरधनी रोड पर मंगलवार रात 11 बजे एक कार लावारिस हालत में खड़ी मिली। मौके पर पुलिस पहुंची तो कार स्टार्ट थी, जिसमें चालक की बराबर वाली सीट पर मदन सिंह पुत्र सरदार सिंह निवासी गांव मिर्जापुर बेकन थाना चांदपुर झुलसी हुई हालत में मिला, जो अत्यधिक नशे में था। उसे तुरंत ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह कार सुशील गुप्ता पुत्र उमेशचंद्र की निकली। सुशील गुप्ता गन्ना क्रेशर और्र इंट भट्ठा का स्वामी है।
- Advertisement -
शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी ने व्यापारी सुशील गुप्ता पुत्र उमेशचंद्र निवासी गांव मुस्तफाबाद शिवालाकलां, उसकी दूसरी पत्नी रानी निवासी पावदोई बाबर कॉलोनी ज्वालापुर हरिद्वार और पार्टनर लाल बहादुर सैनी पुत्र तेजपाल निवासी गांव मलेशिया को गिरफ्तार कर लिया है।
इनके पास से साढ़े तेरह लाख रुपये, एक पिस्टल, 35 चेक, पांच जिंदा कारतूस आदि बरामद किए गए हैं। इन्हें गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल रविंद्र कुमार वशिष्ठ, सर्विलांस प्रभारी तेजपाल सिंह, एसआई राजेंद्र सिंह, जुगेंद्र सिंह तेवतिया, शौकत अली, खालिद आदि शामिल रहे।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
आरोपी व्यापारी सुशील गुप्ता ने चांदपुर में शराब की दुकान के बाहर खड़े मदन सिंह को शराब पिलाने का लालच देकर कार में बैठाया। उसे नूरपुर में ले जाकर चिकन खिलाया और अत्यधिक नशा होने तक उसे शराब पिलाई। इसके बाद सिरधनी रोड पर आकर कार रोक ली। पीछे-पीछे स्कूटी से चल रहा आरोपी लाल बहादुर भी मौके पर पहुंच गया। फिर मदन सिंह को सीट बेल्ट बांधकर पेट्रोल छिड़कते हुए आग लगा दी। पास में ही दस लीटर पेट्रोल से भरी कैन रख दी। जिससे कार में ब्लास्ट हो सके। सामने से एक बाइक आती देख दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। हालांकि कार की खिड़कियां बंद होने की वजह से आग कुछ ही देर में बुझ गई। तब तक मदन सिंह झुलस चुका था। गनीमत रही कि वह बच गया। आरोपी ने अपने दोनों मोबाइल भी कार में ही रख दिए थे। जिससे शराबी मदन के मरने के बाद व्यापारी की मौत की खबर फैल सके।
कारोबार में घाटे और कर्ज के चलते रची साजिश
सुशील गुप्ता पर अलग-अलग बैंकों से करीब ढाई करोड़ का कर्ज है। सुशील गुप्ता ने ढाई करोड़ रुपये का बीमा भी कराया था। जिससे मौत के ड्रामे के बाद बीमा क्लेम की राशि उसके परिवार को मिल सके। व्यापारी ने पप्पू खान के नाम से अपना आधार कार्ड बनवा लिया था। मौत की अफवाह के बाद वह दूसरी पत्नी रानी के साथ हरिद्वार में रहने लगता। पिछले सात सालों से संबंध के चलते व्यापारी ने पप्पू खान बनकर रानी से निकाह भी कर लिया था। दरअसल, रानी उसके क्रेशर में काम किया करती थी। तीनों ने मिलकर यह साजिश रची और चार दिन पहले ही पचास हजार रुपये में पुरानी कार खरीद ली थी। जो पिस्टल बरामद हुआ है, उसे किताब में छिपाया गया, जिसके पन्ने पिस्टल के आकार में कटे हुए थे।
Report By :- VAISHALI PANDEY, NEWS DESK, NATION EXPRESS, बिजनौर