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झारखंड के ज्वलंत मुद्दों को लेकर 12 मार्च को रांची में आदिवासी मूलवासी जन आक्रोष महारैली का होगा आयोजन

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

आज आदिवासी मूलवासी समाजिक संगठनों का संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में विस्तारित कोर कमिटी की बैठक रांची प्रेस क्लब में डां करमा उरांव की अध्यक्षता में बैठक हुई।

बैठक में निम्नलिखित निर्णय एवं प्रस्ताव पारित हुए।

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स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति तथा भाषा विवाद और झारखंड के ज्वलंत मुद्दों को लेकर 12 मार्च को रांची में आहूत विराट आदिवासी मूलवासी जन आक्रोष महारैली की तैयारी का अंतिम रूप देने हेतु विस्तार से चर्चा की गई। रैली की सफलता के लिए झारखंड के विभिन्न क्षेत्र, जिलों तथा रांची के विभिन्न प्रखंडों,पंचायतों में जनसम्पर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया ताकि हजारों हजार की संख्या में लोग शामिल हो सके।

झारखंड सरकार के द्वारा निर्मित न्युक्ति नियमावली में झारखंड के सामान्य वर्ग के लोग जो दूसरे राज्य में शिक्षा ग्रहण करेंगे उन्हें नियोजन में स्थानीयता का पात्र नही माना जाएगा यह निर्णय विषमता मूलक एवं असंवैधानिक है।

जिसे संशोधन करते हुए सुपात्र माना जाए।
सर्व प्रथम राज्य सरकार सुनिश्चित करे कि राज्य में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं की प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविधालयों तक पठन पाठन हो एवं इनकी उपयोगिता को बढ़ावा दे।

बाहरी भाषाओं को नियुक्त नियमावली से विलोपित करे।

राज्य के उद्योग, व्यवसाय और कारोबार एवं ठेका पट्टा, खेल कूद संरचना में आदिवासी मूलवासी लोगों को आगे बढ़ाने इसके लिए राजकीय अभिरक्षा पूंजी एवं कौशल विकास इत्यादि मुहैया की गारंटी दे ताकि यहां के लोगों को उद्योग व्यवसाय इत्यादि में विकास सुरक्षित हो सके।
झारखंड लोक सेवा आयोग के द्वारा संचालित 6 वीं असैनिक सेवा के विविन्न पदों पर चयनित राज्य सरकार के द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों को माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा रद्द किया जाना राज्य सरकार एवं झारखंड लोक सेवा आयोग के काम काज एवं नियुक्ति नियमावली का दुरुस्त नहीं होना कारण बना है ।यह दुर्भाग्य पूर्ण स्थिति है कि राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग कानून सम्मत कार्य नही कर पा रही है और राज्य में अराजकता व्याप्त है।


राज्यपाल द्वारा केन्द्र सरकार को सनसुचित किया गया है कि स्थानीय नीति और भाषा को लेकर अशांति फैल रही है इसके लिए पूरी तरह राज्य सरकार जिम्मेदार है चुकि राज्य में 21 वर्षों में आजतक स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति तथा जनजातीय क्षेत्रीय भाषा का विकास नही होने से जन आक्रोश फैल रहा है यह जन आक्रोश स्वाभाविक है।

बैठक को अंतु तिर्की, एस अली, विभय नाथ शहदेव, प्रवीन देवघरिया, बहुरा उरांव, धर्मदयाल साहू, बल्कू उरांव, वंश लोचन राम, नन्हे कच्छप, देव सहाय मुण्डा, नौशाद खान, दिनेश उरांव, माधो कच्छप, रमजान कुरैशी,सुरेन कुमार कालिंदी, अब्दुल्ला अजहर, चामू बेक, अनिता उरांव, कंचन कुमारी दास, रविन्द्र कुमार, उमर खान, जे पी पासवान, मुजफ्फर हुसैन, सती तिर्की, मिना देवी, सुरेन्द्र लिंडा, मो जबीउल्लाह, यामिन मंसूरी ने अपने विचार प्रकट किया।

Report By :- KHUSHBOO SHARMA, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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