CM हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द: आज निर्वाचन आयोग जारी करेगा अधिसूचना, पत्नी कल्पना बन सकती हैं CM
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अब गेम में भाजपा भी
कांग्रेस और झामुमो के 13 असंतुष्ट विधायकों पर भाजपा की नजर
झारखंड के CM हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले को लेकर राज्यपाल ने सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा कर दी है। सोरेन के CM रहते हुए खदान लीज का पट्टा लेने के मामले में चुनाव आयोग ने गुरुवार को राज्यपाल से उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी।
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राज्यपाल रमेश बैस ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में राय ली थी। उन्होंने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ आयोग के लीगल एक्सपर्ट व अन्य बड़े अधिकारियों से भी बात की, उसके बाद फैसला लिया। हालांकि सोरेन को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करने के मामले में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। राजभवन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। चुनाव आयोग इसकी अधिसूचना जारी करेगा। संभवतः शनिवार को इसके जारी होने की संभावना है।

सदस्यता गई तो सोरेन को सीएम पद छोड़ना होगा:-
हेमंत के पास विकल्प:
- अयोग्य ठहराए जाने के बाद सोरेन विधायक दल की बैठक बुलाएंगे। सभी विधायक उन्हें अपना नेता मानते हुए फिर से राज्यपाल के पास जाकर सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव देंगे। राज्यपाल को उक्त प्रस्ताव पर अमल करना ही होगा। राज्यपाल को विधायक दल के अनुरोध पर सोरेन को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना ही पड़ेगा। वे अनुरोध टाल नहीं सकते। दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद सोरेन के पास 6 माह का समय होगा कि वे किसी खाली सीट पर चुनाव लड़कर दोबारा निर्वाचित हों और विधायक बनें।
- हेमंत सोरेन विधायक दल से मिलकर अपनी जगह किसी अन्य को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा दें।
- तीसरा कानूनी रास्ता यह है कि सोरेन चुनाव आयोग और राज्यपाल की कार्यवाही को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दें। इस विकल्प में अधिक समय लग जाएगा।
हेमंत ने पद से इस्तीफा दिया तो पत्नी कल्पना बन सकती हैं CM
झामुमो सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी गई तो उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। भाजपा ने हेमंत सोरेन पर मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए रांची के अनगड़ा में 88 डिसमिल पत्थर माइनिंग लीज लेने का आरोप लगाया था। इसके बाद राज्यपाल ने चुनाव आयोग से इस मामले में राय मांगी थी। गुरुवार को विशेष दूत ने नई दिल्ली से रांची आकर सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग की राय राजभवन को सौंपी थी।

दो दिन से चल रही थी राजनीतिक गहमागहमी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर पद का गलत इस्तेमाल कर अपने नाम से खनन लीज लेने का आरोप था. इससे पहले दो दिन तक झारखंड की राजनीति में लगातार गहमागहमी बनी रही. गुरुवार को ही चर्चा थी कि हेमंत सोरेन की सदस्यता पर निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट राजभवन पहुंच गयी है. हालांकि, राज्यपाल रमेश बैस से रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर जब इस संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है.
राजभवन ने आज जारी किया अपना फैसला
इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि राजभवन पहुंचकर राज्यपाल निर्वाचन आयोग के फैसले के बारे में कोई जानकारी देंगे. लेकिन, देर शाम तक राजभवन से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गयी. बताया गया कि राज्यपाल इस मामले में कानूनी सलाह ले रहे हैं. आखिरकार शुक्रवार को शाम में राज्यपाल ने अपना फैसला सुना दिया.

सीएम आवास पर हुई यूपीए विधायकों की बैठक
दूसरी तरफ, हेमंत सोरेन के आवास पर शुक्रवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के सभी विधायकों को बुलाया गया. मुख्यमंत्री आवास में यूपीए विधायक दल की बैठक हुई. विधायकों और मंत्रियों ने बैठक के बाद कहा कि पूरी यूपीए एकजुट है. सरकार को कोई खतरा नहीं है. राजभवन से पत्र आने के बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी.
क्या है खनन पट्टे का मामला?
10 फरवरी को पूर्व CM रघुवर दास के नेतृत्व में BJP के एक डेलिगेशन ने गवर्नर से मुलाकात की थी। बीजेपी ने राज्यपाल से CM सोरेन की सदस्यता रद्द करने कि मांग की थी। BJP ने आरोप लगाया था कि CM सोरेन ने पद पर रहते हुए रांची के अनगड़ा में 88 डिसमिल पत्थर माइनिंग लीज लिया है। BJP का आरोप है कि यह लोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP) 1951 की धारा 9A का उल्लंघन है। गवर्नर ने BJP की यह शिकायत चुनाव आयोग को भेजी थी।
देर रात कांग्रेस ने बुलाई बैठक, कहा- सभी विधायक रांची में ही रहें
हालात को देखते हुए कांग्रेस ने देर रात विधायक दल की बैठक बुलाई। वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की। इसमें सभी विधायकों को समस्या का समाधान होने तक रांची में ही रहने को कहा गया। बैठक में 18 में से 13 विधायक मौजूद थे। तीन विधायक सस्पेंड हैं, जबकि ममता की पिछले हफ्ते ही डिलीवरी हुई है।
प्रदीप यादव बीमार हैं, लेकिन शुक्रवार सुबह तक रांची पहुंच जाएंगे। बैठक के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा-सोशल मीडिया से जानकारी मिली है कि आयोग ने सीएम की सदस्यता रद्द कर दी है। लेकिन ऐसा कोई नोटिस न तो सीएम को मिला है और न हमें।

अब गेम में भाजपा भी: कांग्रेस और झामुमो के 13 असंतुष्ट विधायकों पर भाजपा की नजर
अब भाजपा भी गेम में उतर गई है। उसकी कांग्रेस के 10 और झामुमो के तीन असंतुष्ट विधायकों पर नजर है। क्योंकि हेमंत सोरेन अगर पत्नी का नाम आगे करते हैं तो उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही पार्टी के विधायकों में नाराजगी हो सकती है। शराब नीति के विरोध में झामुमो के अपने ही विधायक सरकार के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। उधर, कांग्रेस में भी 10 विधायक ऐसे हैं, जो पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। अगर ये अंसतुष्ट भी एकजुट हो गए तो राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ सकती है।
गुरुवार शाम भाजपा कोर कमेटी की भी बैठक हुई। राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। तय हुआ कि जब तक राज्यपाल अपना फैसला नहीं सुना देते, तक तक वेट एंड वॉच की स्थिति रखी जाए। राज्यपाल का फैसला आने के बाद फिर बैठक बुलाई जाएगी।
Report By :- SHIVANGI SINGH / KHUSHBOO SHARMA, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
