स्मार्ट मीटर लगने के बाद रांची में ऑन स्पॉट रीडिंग और बिलिंग बंद : स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक बिजली बिल आने से उपभोक्ता परेशान
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जिस क्षेत्र में बिजली बिल बढ़ने की शिकायत सामने आ रही है, वहां स्मार्ट मीटर की जांच की जा रही है- संजय सिंह, आइटी महाप्रबंधक, जेबीवीएनएल।
झारखंड की राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक बिजली बिल आने से उपभोक्ता परेशान हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा स्मार्ट मीटर की क्रमवार जांच की गई है जिसमें स्मार्ट मीटर की रीडिंग को सही पाया गया है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं के घरों में पहुंचने वाला बिजली बिल बढ़कर आ रहा है। इस मामले की जांच की जा रही है।
स्मार्ट मीटर के खिलाफ लोग हो रहे एकजुट, स्मार्ट मीटर की परेशानी के बोझ तले दब रहे बिजली उपभोक्ता
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रांची शहर में स्मार्ट लगाने का काम जारी है. अब तक साढ़े तीन लाख में करीब डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. जिसमें अभी मात्र 15 हजार के करीब स्मार्ट मीटर को प्री-पेड किया जा सका है. प्री-पेड छोड़ कर शहर के अधिकांश इलाकों में ऑन स्पॉट बिलिंग बंद हो चुकी है. करीब दो से तीन महीने से ऑन स्पॉट रीडिंग और बिलिंग बंद है. इससे आम जनता की परेशानी बढ़ गयी है. जनता आखिर करे तो क्या करे, इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है.

50 फीसदी से अधिक मीटर रीडरों ने काम छोड़ा, बिलिंग व्यवस्था ध्वस्त
मिली जानकारी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने के बाद रांची एरिया बोर्ड में कार्यरत बिलिंग एजेंसी कांपीटेंट एनर्जी के करीब 50 प्रतिशत से अधिक उर्जा मित्र (मीटर रीडर) काम छोड़ चुके हैं. जिसके पीछे की वजह बड़ा चौंकाने वाले आ रहे हैं. एक तो स्मार्ट मीटर पंचिग नहीं होने के कारण अगर मीटर रीडर बिलिंग को जा रहे हैं, तो बिलिंग नहीं हो पा रही है. स्मार्ट मीटर लगने के बाद दो से तीन महीने तक मीटर का पंचिंग नहीं हो पाई है. वहीं दूसरी ओर यह भी बातें सामने आ रही हैं कि एजेंसी नियमित रूप से ऊर्जा मित्रों को पैसे का भुगतान नहीं कर रहा है. जबकि कई यह बात भी सामने आयी है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडरों की फील्ड की कमाई बंद हो गयी है. इससे भी मीटर रीडर काम छोड़ कर जा रहे हैं. मगर इसको लेकर जेबीवीएनएल प्रबंधन गंभीर नहीं है. रांची जीएम और जीएम रेवन्यू अलग-अलग तर्क दे रहे हैं. इससे जनता की समस्या कम होते नहीं दिख रही है. एजेंसी के इनचार्ज आदेश सिंह ने बताया कि वे अब काम छोड़ चुके हैं, इसलिए इसके बारे में वे जवाब नहीं दे सकते हैं. जबकि मिली जानकारी के अनुसार अभी आदेश सिंह ही एजेंसी का काम देख रहे हैं.

क्या कहते हैं जीएम रेवन्यू
जेबीवीएनएल के जीएम रेवन्यू शुभंकर झा ने बताया कि रांची एरिया बोर्ड और सर्किल अफसर को स्पष्ट निर्देश दिया चुका है कि अगर कंपनी ठीक से काम नहीं कर रहा है. काम छोड़ने पर मीटर रीडरों की बहाली नहीं कर रहा है तो उसके खिलाफ लिखित रूप से दें, एजेंसी पर कार्रवाई होगी. यह यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर कंपनी मीटर रीडर को फिल्ड में नहीं उतार पा रहा है तो अपने आदमी से ऑन स्पॉट बिलिंग कराए.
क्या कहते हैं रांची जीएम
रांची जीएम पीके श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकांश मीटर पंचिग किए जा चुके हैं. अगर कंपनी इसका बहाना बनाती है तो पूरी तरह से गलत है. एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया जा चुका है कि जल्द व्यवस्था सुधारे और ऊर्जा मित्र से ऑन स्पाट बिलिंग कराएं तो नहीं तो एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कारवाई की जाएगी. अगर जरूरत पड़ी तो खुद के आदमी हायर करके बिलिंग करायी जाएगी.

स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक बिजली बिल आने से उपभोक्ता परेशान
राजधानी में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक बिजली बिल आने से उपभोक्ता परेशान हैं। कई लोग बढ़ी हुई बिजली बिल में सुधार के लिए महीनों से बिजली कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी बिजली बिल में सुधार नहीं हो रहा है, जिससे लोगों में बिजली विभाग के प्रति काफी नाराजगी है।
मीटर की जांच होने के बावजूद बढ़कर आ रहा बिजली बिल
वहीं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा स्मार्ट मीटर की क्रमवार जांच की गई है, जिसमें स्मार्ट मीटर की रीडिंग को सही पाया गया है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं के घरों में पहुंचने वाला बिजली बिल बढ़कर आ रहा है। राजधानी के पुंदाग, डोरंडा, कोकर, हिंदीपीढ़ी, अपर बाजार समेत कई बड़े इलाकों में स्मार्ट मीटर से अधिक बिजली बिल के मामले सामने आ रहे हैं।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदलने की कवायत शुरू
बता दें कि झारखंड की राजधानी रांची में जीनियस कंपनी द्वारा अब तक एक लाख 20 हजार स्मार्ट मीटर घरों में लगाई जा चुकी है , जिसमें से पहले फेज में बिजली विभाग द्वारा 2700 स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदलने का काम किया गया था।
अब बचे हुए 1 लाख 17 हजार प्रीपेड स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदलने की कवायत शुरू हो चुकी है। यह एक लाख 17 हजार स्मार्ट प्रीपेड मीटर को 2 अक्टूबर तक प्रीपेड मोड में बदल दिया जाएगा।
अवैध वसूली के मामले आ चुके हैं सामने
शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान जीनियस कंपनी द्वारा कई क्षेत्र में अवैध पैसे की वसूली का मामला भी सामने आ चुका है। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर की जगह पर पुराना बिजली मीटर लोगों के घरों में दोबारा लगा दिया जाए। स्मार्ट मीटर की सेवा जबरन उपभोक्ताओं में थोपी जा रही है। यह सुविधा के नाम पर लोकतंत्र की हत्या है क्योंकि कई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की सेवा लेना नहीं चाहते हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग द्वारा उनके घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने की वजह से उपभोक्ताओं के घर अधिक बिजली बिल पहुंच रहा है
Report By :- SHIWANI TIWARI, CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI