पाकिस्तान को सबक सीखने को तैयार हम ! शाम 4 बजे “मॉक ड्रिल” डोरंडा में बजेगा चेतावनी का सायरन… घबराएं नहीं, घरों की बत्तियां बंद रखे
CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
– मॉक ड्रिल के समय अपने घरों के लाइट्स बंद रखें
– 4 बजे से शाम 7 बजे तक होगा मॉक ड्रिल
– ट्रैफिक के लिए होगी वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था
– सायरन बजते ही हो जाएगा ब्लैक आउट
– 1971 के बाद पहली बार इतना बड़ा राष्ट्रव्यापी ड्रिल
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केंद्र और राज्य सरकार से मिले निर्देश के बाद नागरिक सुरक्षा को लेकर बुधवार को रांची स्थित डोरंडा में भी मॉक ड्रिल किया जाएगा। आज शाम 4 बजे सायरन बजते ही डोरंडा में मॉक ड्रिल शुरू हो जाएगा, जो शाम 7 बजे खत्म होगा। शाम 4 बजे पहली बार तीन मिनट तक लगातार सायरन बजने के बाद मॉक ड्रिल शुरू होगा। वहीं शाम 7 बजे 30-30 सेकेंड के लिए तीन बार सायरन बजने के साथ मॉक ड्रिल खत्म होगा।
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान इलाके में रहने वाले लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक अभ्यास है और नागरिकों, संस्थानों के अलावा बुनियादी ढांचे को संभावित आपात स्थितियों के लिए तैयार करने हेतु महत्वपूर्ण है। सायरन बजते ही लोग अपने-अपने घरों और दुकानों समेत सभी जगहों की बत्ती बंद कर दें। मुख्य उदेश्य यह है कि जहां कहीं भी हवाई जहाज से अगर कोई देखता है तो उसे रोशनी ना दिखे।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बताएंगे, आपात स्थिति में कैसे खुद को रखें सुरक्षित : डीसी
डीसी ने कहा कि सोशल मीडिया में ऑडियो और वीडियो जारी कर बताया जाएगा कि जब कभी कोई घटना हो, तो कैसे लोग खुद को सुरक्षित रखें। सभी स्कूली बच्चों के पास भी यह ऑडियो व वीडियो को पहुंचाने का प्रयास होगा, ताकि उन्हें जागरूक किया जा सके।
मॉक ड्रिल शुरू होते ही ट्रैफिक रूट होगा डायवर्ट
मॉक ड्रिल शुरू होने से पहले ही बुधवार को डोरंडा इलाके में ट्रैफिक रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा। ट्रैफिक एसपी के निर्देश पर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है, जहां से वाहन सवार परिचालन कर सकेंगे। तीन घंटे तक डोरंडा में वाहन सवार अपनी गाड़ियों की लाइट भी बंद रखेंगे। सायरन बजते ही जहां हैं, सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर लाइट बंद कर दें।
एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड के अलावा पुलिस की टीम भी रहेगी
तीन घंटे के लिए इलाके में पूरी तरह से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया जाएगा। इस दौरान एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड के अलावा पुलिस की टीम भी मौजूद रहेगी। डीसी ने यह भी कहा कि यह मॉक ड्रिल पूरे जिले के लिए है। राजधानी के सभी लोग इस मॉक ड्रिल को सफल बनाएं। डोरंडा इलाके में मॉक ड्रिल को शत-प्रतिशत सफल बनाया जाएगा।
नागरिक सुरक्षा अभ्यास के लिए होने वाले मॉक ड्रिल के तीन प्रमुख उदेश्य
1. नागरिक रक्षा तंत्र की तैयारियों का परीक्षण और जरूरत के अनुसार सुधार करना।
2. नागरिकों को आपातकालीन प्रोटोकॉल और आत्म-सुरक्षा में प्रशिक्षित करना।
3. संकट के समय अधिकारियों और आम जनता के बीच समन्वय सुनिश्चित करना।
‘क्रैश ब्लैकआउट’ मॉक ड्रिल का अहम हिस्सा
इस मॉक ड्रिल में ‘क्रैश ब्लैकआउट’ अहम हिस्सा होगा. इस दौरान चिन्हित किए गए इलाके में बिजली आपूर्ति रोककर पूरी तरह अंधेरा किया जाएगा. इसके तहत दुश्मन की हवाई निगरानी या हमले से शहरों और ढांचों को छिपाने के लिए आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा. स्कूलों, कॉलेजों, ऑफिसों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के इस अभ्यास में झारखंड पुलिस, जैप सहित पुलिस के दूसरे बल संवेदनशील क्षेत्रों में मॉक ऑपरेशन कर सकते हैं.
आपात स्थिति में डायल 112 के लिए एसओपी जारी
पुलिस मुख्यालय ने आपात स्थिति में डायल 112 के उपयोग व इसके तहत बेहतर व त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए एसओपी जारी की है। आपातकालीन सेवा के लिए एक ही डायल 112 में सभी नंबर जैसे 100, 101, 108, 1098 समाहित हैं। ताकि नागरिकों को गंभीर संकट की गोल्डन अॉवर के दौरान त्वरित सहायता मिल सके। इसके लिए सभी जिलों के एसपी, अग्निशमन पदाधिकारी को एसओपी से संबंधित गाइडलाइन जारी की गई है कि कॉल आने पर कैसे त्वरित रिस्पांस करेंगे।
अभ्यास के उद्देश्य :-
- नागरिक रक्षा तंत्र की तैयारियों का परीक्षण और सुधार करना।
- नागरिकों को आपातकालीन प्रोटोकॉल और आत्म-सुरक्षा में प्रशिक्षित करना।
- संकट के समय स्थानीय अधिकारियों और आम जनता के बीच समन्वय सुनिश्चित करना।
नागरिक कार्य योजना – चरणबद्ध रूप से
1. हवाई हमले की चेतावनी सायरन
- क्या होगा : अभ्यास के दौरान निर्धारित समय पर तेज सायरन बजाए जाएंगे।
नागरिक कार्य:
- तुरंत घर के अंदर आश्रय लें।
- खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहें।
- “सब ठीक” सायरन सुनाई देने तक घर के अंदर रहें।
- यदि वाहन चला रहे हैं, तो सुरक्षित रूप से रुकें और यदि संभव हो तो घर के अंदर आश्रय लें।
2. आत्म-सुरक्षा और जीवन रक्षा प्रशिक्षण
- क्या होगा : स्थानीय प्राधिकरण, स्कूल और आरडब्ल्यूए लाइव प्रदर्शन आयोजित करेंगे या जागरूकता सामग्री वितरित करेंगे।
नागरिक कार्य:
- विस्फोट या हमले के दौरान अपनी रक्षा करना सीखें: झुकें – ढकें – पकड़ें।
- बच्चों को आपातकालीन कदम और संपर्क जानकारी सिखाएं।
- एक गो-बैग तैयार रखें जिसमें आवश्यक वस्तुएं हों जैसे:
- प्राथमिक चिकित्सा किट
- पीने का पानी
- टॉर्च और बैटरी
- बुनियादी सूखा भोजन
- व्यक्तिगत पहचान पत्र, दवाएं और आपातकालीन संपर्क सूची
3. क्रैश ब्लैकआउट अभ्यास
- क्या होगा: विशिष्ट क्षेत्रों में अस्थायी ब्लैकआउट हो सकता है।
नागरिक कार्य:
- निर्देश मिलने पर सभी घरेलू और बाहरी लाइटें बंद करें।
- खिड़कियों से प्रकाश बाहर निकलने से रोकने के लिए ब्लैकआउट पर्दे या मोटे कपड़े का उपयोग करें।
- तेज प्रकाश उत्सर्जित करने वाले उपकरणों, जैसे मोबाइल स्क्रीन या फ्लैशलाइट, का उपयोग न करें (जब तक सुरक्षा के लिए आवश्यक न हो)।
4. महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का छलावरण
- क्या होगा: प्राधिकरण पानी की टंकियों, बिजली स्टेशनों और दूरसंचार टावरों जैसे प्रमुख भवनों को छलावरण करने का अनुकरण कर सकते हैं।
नागरिक कार्य:
- प्रतिबंधित क्षेत्रों का सम्मान करें और आधिकारिक कार्य में बाधा न डालें।
- इन अभ्यासों की तस्वीरें न लें या साझा न करें।
- संघर्ष या खतरों के दौरान ऐसे बुनियादी ढांचे को छिपाने के महत्व को समझें।
5. निकासी योजना का पूर्वाभ्यास
- – क्या होगा: चयनित आवासीय कॉलोनियों, स्कूलों और कार्यस्थलों में वैकल्पिक निकासी आयोजित की जा सकती है।
नागरिक कार्य:
- अपने भवन या क्षेत्र से निकलने का सबसे छोटा और सुरक्षित मार्ग जानें।
- अभ्यास समन्वयकों या वार्डन के निर्देशों का पालन करें।
- लिफ्ट का उपयोग न करें; केवल सीढ़ियों का उपयोग करें।
- बुजुर्गों, बच्चों और विकलांग लोगों की सहायता करें।
- पूर्व-निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में इकट्ठा हों और व्यवस्था बनाए रखें।
नागरिकों के लिए अतिरिक्त तैयारी उपाय
6. संचार और समन्वय
- मोबाइल फोन चार्ज रखें लेकिन अभ्यास के दौरान केवल आपातकालीन संचार के लिए उपयोग करें।
- महत्वपूर्ण आपातकालीन संपर्क नंबर सहेजें:
- स्थानीय पुलिस स्टेशन
- नागरिक रक्षा नियंत्रण कक्ष
- निकटतम अस्पताल
- सूचित रहने के लिए स्थानीय सामुदायिक प्रतिक्रिया टीम या व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं।
7. सूचित रहें, घबराएं नहीं
- यह एक अभ्यास है – वास्तविक आपातकाल नहीं।
- घबराएं नहीं। अधिकारियों के निर्देशों का शांति से पालन करें।
- सोशल मीडिया पर असत्यापित संदेश, वीडियो या अफवाहें फैलाने से बचें।
8. स्कूल और कार्यालय की भागीदारी
- माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल में उपस्थित होने और भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
- कार्यालयों को कर्मचारियों को अभ्यास के समय और निकासी प्रोटोकॉल के बारे में सूचित करना चाहिए।
- प्रबंधन को आपातकालीन निकास, अलार्म सिस्टम और कर्मचारी तैयारियों का परीक्षण करना चाहिए।
9. नागरिक स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण
- सामुदायिक सेवा में रुचि रखने वाले नागरिक अपने स्थानीय नागरिक रक्षा इकाइयों में पंजीकरण कर सकते हैं।
- प्राथमिक चिकित्सा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया में बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
क्या है मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट एक्सरसाइज?
मॉक ड्रिल एक तरह का अभ्यास होता है, जिसका उद्देश्य यह जांचना है कि किसी भी आपात स्थिति, जैसे कि हवाई हमला या बम विस्फोट, की स्थिति में आम नागरिक और प्रशासन कितनी तेजी से और किस प्रकार प्रतिक्रिया करते हैं। यह उनकी तत्परता और सक्रियता का आकलन करने का एक तरीका है।
वहीं, ब्लैकआउट एक्सरसाइज का अर्थ है एक निश्चित समय के लिए पूरे इलाके की बिजली बंद कर देना। इसका मुख्य उद्देश्य यह दिखाना है कि यदि शत्रु देश हमला करता है, तो इलाके को अंधेरे में रखकर कैसे सुरक्षित किया जा सकता है। ऐसा करने से दुश्मन को निशाना साधने में कठिनाई होती है। बुधवार को होने वाला यह मॉक ड्रिल झारखंड के इन पांच जिलों में नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण परीक्षण होगा।
Report By :- ANKITA PANDEY / KHUSHBOO SHARMA, CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI