Nation express
ख़बरों की नयी पहचान

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन, अफगानिस्तान का हाल देख रो रहा है काबुलीवाला

0 522

GULZAR KHAN, CHANNEL HEAD, NATION EXPRESS, नई दिल्ली

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन…देश से भागता हर अफगानी मुड़कर मुल्क को देखना चाहता है

अफगानिस्तान के हालात हो रहे बद से बदतर

हर अफगानी का दिल रो बस नहीं रहा बल्कि फट सा गया है बैठ गया है

मैं कहां जाऊं, क्या करूं। कभी ख्वाबों में भी नहीं सोचा था ये दिन देखने को मिलेगा। आज मैं अपने आपको असहाय महसूस कर रही हूं मेरे अपने वहां छूट गए पता नहीं उनका क्या हो रहा होगा…हम कुछ ही पलों में 20 साल पीछे चले गए… 20 साल पहले मैं पैदा हुई थी, वहीं पर बड़ी हुई… मेरा कॉलेज, मेरे दोस्त सब छूट गया। रुंधा हुआ गला, नम आंखें कपकपाते हुए होंठ इस बात की तस्दीक कर रहे थे कि ज़ोया किस कदर सहमी हुई है। अफगानिस्तान में तालिबान ने कब्जा कर लिया। वहां के सियासतदान देश छोड़कर भाग गए। ज़ोया भी सबकुछ छोड़कर दिल्ली आई। ये तो महज ज़ोया है न जानें किसकी ज़ोया आज रो रही हैं।

- Advertisement -

अफगानिस्तान युद्ध - सोवियत अफगान युद्ध 1979-89, अफगान गृह युद्ध, अफगानिस्तान  युद्ध 2001-14 - YouTubeफिल्म काबुलीवाला में एक गाना है जिसको आज भी कोई सुनता है तो उसकी आंखें नम हो जाती हैं। उस गाने को प्रेम धवन ने लिखा है और मन्ना डे ने अपनी आवाज से खूबसूरत बनाया है। इस गाने को आज सुनेंगे तो यूं लगेगा कि कोई अफगानिस्‍तानी अपने मुल्‍क से जुदा होते हुए गा रहा है…

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन, तुझ पे दिल क़ुरबान… तू ही मेरी आरज़ू, तू ही मेरी आबरू तू ही मेरी जान तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम चूम लूँ मैं उस ज़ुबाँ को जिसपे आए तेरा नाम ) सबसे प्यारी सुबह तेरी, सबसे रंगीं तेरी शाम… तुझ पे दिल क़ुरबान…

मां का दिल बनके कभी सीने से लग जाता है तू
और कभी नन्हीं सी बेटी बन के याद आता है तू – २
जितना याद आता है मुझको
उतना तड़पाता है तू
तुझ पे दिल क़ुरबान …

Kandahar Indian consulate: Indian Consulate in Kandahar Afghanistan Shut  Down Amid Taliban Fighting: तालिबान से लड़ाई के डर से कंधार में भारत का  कॉन्सुलेट बंद - Navbharat Timesहर अफगानी का दिल रो बस नहीं रहा बल्कि फट सा गया है बैठ गया है। जिंदगी के कुछ साल एक किराए के घर में बिताने से उस जगह लगाव हो जाता है वहां से निकलने पर भी आंसू बहते हैं जबकि आप वहां से अपना सामान अपनी यादों का सामान लेकर जाते हैं मगर अफगानियों को सब कुछ छोड़कर बस अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। आज उनकी नम आंखें टकटकी लगागर पूरे विश्व की ओर देख रही हैं इस आस से कि शायद कोई तो होगा जिसको उनकी इस दुर्दशा पर उनकी मदद करेगा। आगे आएगा और तालिबान को रोकने की कोशिश करेगा।

अफगान पुलिस फोर्स में रहे रसूल खान कहते हैं, ‘लोग बहुत परेशान हैं। हम तालिबान से बहुत परेशान हैं।’ तालिबान के अनुभवों को याद करके रसूल खान रोने लगते हैं। उनके आंसुओं में समूचे अफगानिस्‍तान का दर्द छिपा हुआ है।आज जिस तरह के हृदयविदारक वीडियो सामने आ रहे हैं वो सहमा देने वाले हैं। हम लोग हजारों किलोमीटर दूर बैठकर केवल तस्वीरें देख रहे हैं। मगर दूसरी ओर वो लोग जो वहां फंसे हुए हैं उनके दिल में क्या बीत रहा होगा वो कोई बता नहीं सकता। अपने मादर ए वतन पर जीने और मरन की तमन्ना होती है मगर जीते जी उनको बेघर कर दिया जाए तो कितना बुरा लगता है।

मुझे आंसू पोछने होंगे', रोती हुई अफगान लड़की का VIDEO वायरल - Trending  AajTakसंयोग देखिए काबुलीवाला रबीन्द्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय रचनाओं में से एक है। यह कहानी काबुल के सौदागर की जिंदगी के आसपास घूमती रहती है। काबुलीवाला भारत में मेवे बेचनें आता है। उसकी दोस्ती धीरे-धीरे एक छोटी सी लड़की से हो जाती है। जिसे वो अपनी बेटी की तरह प्यार करता है और उसे अपने हाथों से मेवे खिलाने लगता है। काबुलीवाला से किसी से पैसों के मामले को लेकर झगडा़ हो जाता है और उसे हत्या के आरोप में जेल जाना पड़ता है। इसके बाद वो कभी बच्ची से नहीं मिल पाता।

Report By :- GULZAR KHAN, CHANNEL HEAD, NATION EXPRESS, नई दिल्ली

Leave A Reply

Your email address will not be published.

GA4|256711309