आपदा की घड़ी में आपकी जान माल की सुरक्षा के लिए राज्य आपदा मोचन बल का गठन, SDRF का प्रभार IPS अनीश गुप्ता संभालेंगे
NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
झारखंड के लोगों के लिए अच्छी खबर है। आपदा की घड़ी में अब आप अकेले नहीं होंगे। विपत्ति के समय आपकी जान माल की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की फौज तैयार मिलेगी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की तर्ज पर झारखंड में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए जवानों का चयन कर ट्रेनिंग का काम प्रारंभ कर दिया गया है। जैप (Jharkhand Armed Police) की अलग-अलग कंपनियों से कुल 63 जवानों और अधिकारियों का चयन SDRF के लिए किया गया है। वर्ष 2016 में राज्य स्तर पर SDRF के गठन की अधिसूचना जारी की गई। पांच वर्ष बाद अब कहीं जाकर इसपर काम शुरू हुआ है। प्रशिक्षण के बाद इन जवानों की अलग-अलग कंपनियां बनाई जाएंगी।
राज्य में गठित हो रहे राज्य आपदा मोचन बल का प्रभार JAP 1 के कमांडेट वर्ष 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी अनीश गुप्ता को दिया गया है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप SDRF के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए जवानों का चयन कर प्रशिक्षण शुरू करा दिया गया है। 42 दिनों का प्रशिक्षण करने के बाद जवान हर चुनौतियों से मुकाबले में सक्षम होंगे। अनीश गुप्ता, कमांडेंट, SDRF
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6 सप्ताह का दिया जा रहा प्रशिक्षण
SDRF के लिए चयनित जवानों को 6 सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का संचालन NDRF के अधिकारी कर रहे हैं। यह कार्य रांची के धुर्वा इलाके में चल रहा है। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकीय आपदा से लेकर आग लगने, बाढ़ आने,भूकंप आने जैसी परिस्थितियों के समय लोगों को संकट से बाहर निकालने बारे में बताया जा रहा है। संकट में फंसे लोगों को प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। 6 हफ्ते की अवधि के दौरान अलग-अलग प्रशिक्षण सत्र तय किए गए हैं। अलग-अलग निर्धारित तिथि पर अलग-अलग जानकारियां दी जा रही हैं।
JAP 1 के कमांडेंट को दिया गया SDRF का प्रभार
राज्य में गठित हो रहे राज्य आपदा मोचन बल का प्रभार JAP 1 के कमांडेट वर्ष 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी अनीश गुप्ता को दिया गया है। प्रभार मिलने के बाद कमांडेंट की ओर से JAP की अलग-अलग कंपनियों से SDRF में जवानों का प्रतिनियोजन कराया गया है। प्रशिक्षण के बाद इन जवानों की सेवाएं SDRF को हस्तांतरित कराने की योजना है। भविष्य में SDRF के लिए जवानों का चयन पुलिस बल अथवा जैप के जरिए ही होगा। वहीं चिकित्सा सहित दूसरी सेवाओं के लिए अलग से बहाली प्रक्रिया प्रारंभ करने की योजना है। हालांकि इस पर अब तक कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है।
राज्य के हर जिले में मौजूद रहेंगे जवान
वर्तमान समय में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राज्य में NDRF के जवानों की सेवाएं ली जा रही हैं। SDRF के अस्तित्व में आने के बाद राज्य के सभी 24 जिलों में SDRF के जवान मौजूद रहेंगे। यह जिला प्रशासन की अपेक्षा के अनुरूप आपदा के समय अपनी सेवाएं देंगे।
राज्य में आपद श्रेणी में डूबने के मामले सर्वाधिक
झारखंड में अब तक की आपदा का आंकलन करने के बाद यह पता चला है कि राज्य में नदी, तालाब अथवा झरने में डूबने के मामले सर्वाधिक सामने आते रहे हैं। बारिश के मौसम में राज्य के कुछ इलाकों में नदियों का जल स्तर बढ़ने पर एनडीआरएफ के जवानों की सेवाएं ली जाती हैं। इसके अलावा कोयला खदान में काम करने के दौरान मजदूरों के फंसने पर इनकी जरूरत महसूस की जाती है।
राज्य में गठित हो रहे राज्य आपदा मोचन बल का प्रभार JAP 1 के कमांडेट वर्ष 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी अनीश गुप्ता को दिया गया है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप SDRF के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए जवानों का चयन कर प्रशिक्षण शुरू करा दिया गया है। 42 दिनों का प्रशिक्षण करने के बाद जवान हर चुनौतियों से मुकाबले में सक्षम होंगे। अनीश गुप्ता, कमांडेंट, SDRF