जेवर की चोरी की बरामदगी मामले में सिमडेगा SP शम्स तबरेज को फसाने की रची जा रही है बड़ी साजिश, CID को मिली AUDIO CLIP में जानबूझकर सिमडेगा एसपी की आवाज बताया जा रहा है
CRIME DESK, NATION EXPRESS, सिमडेगा
सिमडेगा एसपी डॉक्टर शम्स तबरेज को फंसाने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है कुछ दिनों पहले रायपुर के नवकार ज्वेलर्स से 1800 ग्राम सोना, 56 किलो चांदी सहित पुराने जेवर की चोरी की बरामदगी मामले में पुलिस अधीक्षक को जानबूझकर कुछ लोग अपना शिकार बनाना चाहते हैं जबकि डॉक्टर शम्स तबरेज अपनी ईमानदार और साफ छवि के लिए जाने जाते हैं जब से डॉक्टर शम्स तबरेज ने सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक के के पद पर योगदान दिया है उसके बाद से पूरे सिमडेगा में अमन और चैन कायम हो गया है
अपराध का ग्राफ भी काफी नीचे चला गया है शाम 7:00 बजे के बाद सिमडेगा के लोग अपने ही शहर में निकलने से डरते थे एसपी सिमडेगा ने ऐसा माहौल कायम किया जिससे नक्सलियों के बीच खौफ पैदा हो गया और सिमडेगा के लोग बिना किसी डर और भय के रात में भी अपने घरों से बड़े आराम से निकलते हैं सिमडेगा एसपी डॉक्टर शम्स तबरेज ने टीम वर्क साथ काम किया और यही नतीजा है कि सिमडेगा मैं अपराध और नक्सलवाद का खात्मा लगभग हो चुका है कई ऐसे लोग हैं जिन्हें ईमानदार आईपीएस डॉक्टर शम्स तबरेज आंखों में चुभ रहे हैं काम के प्रति पूरी तरह समर्पित सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर शम्स तबरेज के काम करने का अपना ही निराला और अनोखा अंदाज है पुलिस अधीक्षक सिमडेगा ने जिस तरह से बड़े बड़े अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा है और भू माफियाओं पर लगाम लगाया है ऐसे में कई सफेदपोश और रसूख रखने वाले लोग की आंखों में खटक रहे हैं डॉक्टर शम्स तबरेज, और यही वजह है की लूट मामले में उन्हें फंसा कर सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक के पद से हटाना चाहता है लेकिन जग जाहिर है कि सिमडेगा एसपी ने कभी भी गलत का साथ नहीं दिया है
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शनिवार को इस संबंध में पूछ जाने पर SP शम्स तबरेज ने कहा कि उनकी ओर से थानेदार के इस तरह का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। वह इस तरह की बात कैसे कर सकते हैं। वहीं इस बारे में रायपुर पुलिस की ओर कहा गया कि उनकी टीम इस मामले की जांच कर रही है। झारखंड सीआइडी की ओर से अगर कोई जानकारी मांगी जाती है तो वह जांच में सहयोग करेंगे।

कुछ ऐसा है मामला
दरअसल रायपुर के नवकार ज्वेलर्स में करीब 80 लाख रुपये की चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को सिमडेगा पुलिस की ओर से वाहन जांच अभियान के दौरान पकड़ा गया था। वह छत्तीसगढ़ में वारदात को अंजाम देने के बाद झारखंड के रास्ते फरार हो रहे थे। रायपुर पुलिस को दिए गए अपने बयान में पकड़े गए दो आरोपियों ने बताया था कि घटना को अंजाम देने के बाद गाड़ी में सवार होकर कुल नौ लोग सिमडेगा के रास्ते निकल रहे थे। इसी दौरान वाहन जांच के लिए सिमडेगा पुलिस ने गाड़ी को रोक लिया। इसके बाद पांच लोग गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।
चार लोग चोरी के सामान सहित सिमडेगा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तारी के दो दिन बाद सिमडेगा पुलिस ने बरामद सामान में से कुछ चांदी की बरामदगी और दो लोगों की गिरफ्तारी दिखाई। इसके बाद रायपुर पुलिस इन लोगों को रिमांड पर लेने झारखंड पहुंची। काफी जद्दोजहद के बाद रायपुर पुलिस दो लोगों को लेकर छत्तीसगढ़ गई। वहां पूछताछ में गिरफ्तार दो युवकों ने अपने अलग-अलग बयान में पूरी सच्चाई खोल कर रख दी। पता चला कि चोरी के बरामद सामान और पुलिस की ओर से बताए गए सामान में काफी अंतर है। आरोपियाें ने अपने बयान में दावा किया कि नवकार ज्वेलर्स से 1800 ग्राम सोना, 56 किलो चांदी सहित सभी सामान व रुपयों से भरा बैग सिमडेगा पुलिस जब्त किया था।
रायपुर पुलिस ने इसकी सूचना झारखंड पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद सिमडेगा के डीआइजी ने मामले की जांच की। इसमें सिमडेगा पुलिस के कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। मामला हाइप्रोफाइल देखकर इसकी जांच का जिम्मा सीआइडी को सौंप दिया गया है। इससे पहले जब्त माल से कम सामान की बरामदगी दिखाने पर एसआइटी ने बांसजोर ओपी प्रभारी आशीष कुमार, सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार व चालक आरक्षी शाजिद रजा खान को जेल भेज दिया। इस मामले में दो और लोगों की गिरफ्तारी की गई। कुछ और सामान बरामद किया गया।
Report By :- SONIYA SINGH / NEHA PANDEY, CRIME DESK, NATION EXPRESS, सिमडेगा