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सेवा सदन के टूटने से लाखों गरीब मरीजों के सपने टूट जाएंगे : प्रेसिडेंट अरुण छावछारिया 

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची

सेवा सदन में अवैध निर्माण के मामले में कोर्ट द्वारा नोटिस भेजे जाने के संबंध में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया. प्रेस को संबोधित करते हुए सेवा सदन के प्रेसिडेंट अरुण छावछारिया ने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा नगर मल मोदी सेवा सदन को तोड़ने का आदेश देना सिर्फ गलत ही नहीं बल्कि और व्यवहारिक की है. जनता के लिए सेवा सदन ही एकमात्र सहारा है. जहां उनका इलाज कम शुल्क में किया जाता है. यहां की गरीब जनता शहर के महंगे अस्पतालों में अपना इलाज नहीं करा सकती लाखों की उम्मीदें सेवा सदन से जुड़ी है. 200 बेड वाले अस्पताल में 400 कर्मचारियों एवं करीब 100 डॉक्टरों की आजीविका चलती है.

सेवा सदन एवं रांची नगर निगम के बीच किया गया था एमओयू 

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उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम द्वारा पारित आदेश जल्दबाजी में बिना तथ्यों की पूरी जांच किए हुए पारित किया हुआ प्रतीत होता है. जबकि, सेवा सदन पिछले 62 वर्षों से जनता की सेवा में लगा हुआ है. यहां तक कि 2007 में सेवा सदन एवं रांची नगर निगम के साथ एक एमओयू साइन किया गया था. जिसमें सेवा सदन को सदन के सामने की जमीन जहां अभी पार्किंग की जाती है.उसको दिया था एवं इसका निर्माण सेवा सदन द्वारा ही किया जाना था.
आरआरडीए द्वारा पारित नक्शे होने के बावजूद नोटिस देना गलत
Dr. Vishwakarma Ritu - General Physician Doctors - Book Appointment Online  - General Physician Doctors in Upper Bazar, Ranchi - JustDialवहीँ एक्स प्रेसिडेंट राजेंद्र कुमार सरावगी ने बताया कि नगर आयुक्त के समक्ष 1980 में आरआरडीए द्वारा पारित नक्शे को भी प्रस्तुत किया गया.लेकिन, उन्होंने उस पर संज्ञान न लेते हुए एक आव्यवहारिक आदेश पारित कर लाखों लोगों का इलाज करने से सेवारत सेवा सदन वंचित हो गया.
मेडिकल हूं बेचने का आरोप लगाना गलत
सराओगी ने कहा कि सेवा सदन सरकार के सभी नियमों का पालन करता है एवं सेवा सदन का बायो मेडिकल वेस्ट सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी प्रतिदिन उठाते हैं.सामान्य कचरा भी नगर निगम के ट्रैक्टर द्वारा नियमित रूप से उठाया जाता है. यह कहना गलत है कि सेवा सदन का कचरा सेवा सदन के नाले से बड़ा तालाब में जाता है.जहां तक नाले का सवाल है यह नाला रातू रोड पहाड़ी से शुरू होते हुए अप्पर बाजार से गुजरते हुए बड़ा तालाब तक आता है. जिसकी सफाई भी समय-समय पर सेवा सदन अपने शुल्क से करवाता आया है.
प्रबंधन को दिया गया 15 दिन का समय 
अवैध निर्माण केस की सुनवाई करते हुए मंगलवार को नगर आयुक्त मुकेश कुमार के कोर्ट ने सेवा सदन अस्पताल को तोड़ने का आदेश जारी कर दिया है.साथ ही बिना नक्शा के अस्पताल संचालन करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.अस्पताल खाली करने के लिए प्रबंधन को 15 दिन का समय दिया गया है.15 दिन में प्रबंधन को स्वेच्छा से अस्पताल को तोड़ना होगा.इसके बाद खाली नहीं होने पर निगम बलपूर्वक अस्पताल को तोड़ेगा.
22 को कोर्ट में समय मांगा था प्रबंधन ने 
अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर 22 जुलाई को नगर आयुक्त की कोर्ट में सेवा सदन अस्पताल को लेकर सुनवाई थी. इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के वकील ने नक्शा पेश करने के लिए कुछ दिनों का समय देने की मांग की थी. इसके बाद मामले की सुनवाई तीन अगस्त को हुई, जिसमें अस्पताल प्रबंधन नक्शा नहीं पेश कर पाया. इसके बाद कोर्ट ने अस्पताल को तोड़ने का आदेश दिया है.
Report By :- SHADAB KHAN, NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची

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