एनकाउंटर का आफ्टर इफेक्ट : 15 लाख का दुर्दांत माओवादी रीजनल कमांडर इंदल ने किया आत्मसमर्पण, झारखंड-बिहार में दर्ज हैं 145 मामले
NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
HIGHLIGHTS
- झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर
- इनामी नक्सली ने पुलिस के सामने किया सरेंडर
- नक्सली इंदल गांझू पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था
झारखंड में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. 15 लाख के इनामी रीजनल कमांडर इंदल गंझू ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई के डर से उसने आत्मसमर्पण किया है. इस दौरान आईजी ऐवी होमकर और अन्य पुलिस अधिकारियों ने इंदल को मुख्य धारा में शामिल किया. आपको बता दें कि झारखंड में माओवादियों के खात्मे के लिए पुलिस और सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं. इस दौरान आईजी अमोल होमकर ने जानकारी देते हुए बताया कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों में हड़कंप मचा हुआ है.
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15 लाख रुपये का इनाम घोषित था
आपको बता दें कि इंदल का नाम झारखंड का कुख्यात उग्रवादियों में शामिल है. सरकार ने इंदल के खिलाफ 15 लाख के इनाम की भी घोषणा की हुई थी. इसके खिलाफ 147 से अधिक मामले दर्ज हैं. इंदल 20 सालों से माओवादी संगठनों से जुड़ा हुआ था और कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था. माना जा रहा है कि इंदल के आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन पर बड़ा हमला है.

आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर
इंदल के आत्मसर्पण के बाद आईजी अमोल होमकर ने जानकारी देते हुए बताया कि झारखंड में नक्सलियों के खात्मे को लेकर जंगलों में अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में सुरक्षा बलों को कई बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों में हड़कंप मचा हुआ है. साथ ही सरकार की आत्म समर्पण और पुर्नवास नीति के तहत नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं. इस आत्म समर्पण नीति के तहत कई बड़े नक्सलियों ने हथियार डाला है. नक्सली पलायन करने को मजबूर हैं. झारखंड में चल रही अभियान के वजह के चतरा के सभी माओवादी संगठन के सदस्य बिहार की ओर बढ़ गए हैं. हम लगातार नक्सलियों के खात्मे के लिए अभियान चला रहे हैं.