Nation express
ख़बरों की नयी पहचान

सियासी गर्माहट: अमित शाह-कैप्टन की मुलाकात खत्म, केंद्रीय कृषि मंत्री बन सकते हैं अमरिंदर

0 451

POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI

पंजाब के CM की कुर्सी छोड़ने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात खत्म हो गई है। शाह के आवास पर यह बैठक करीब 45 मिनट चली। जहां जेपी नड्‌डा के भी मौजूद होने की खबर है। बैठक में क्या हुआ, इसके बारे में ब्यौरा नहीं मिल सका है। हालांकि अब चर्चा है कि कल कोई बड़ा कांग्रेसी नेता भाजपा में शामिल हो सकता है। इसे कैप्टन से जोड़कर देखा जा रहा है। कैप्टन मंगलवार को दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने किसी राजनीतिक व्यक्ति से मुलाकात से इनकार किया था। फिर भी अब वह शाह से मिलने गए हैं। चर्चा है कि अमरिंदर को भाजपा राज्यसभा के रास्ते सरकार में भी ला सकती है और उन्हें कृषि मंत्री बनाया जा सकता है।

Video: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की एक घंटे से चल रही मुलाकात, पंजाब की राजनीति में धमाकापंजाब में कांग्रेस नवजोत सिद्धू के इस्तीफे के बाद उलझी हुई है। ऐसे में कैप्टन की इस मुलाकात ने पंजाब में सियासी गर्माहट को और बढ़ा दिया है। कैप्टन का दिल्ली दौरा पंजाब की सियासत के मायने से काफी अहम है। कैप्टन को अपमानित होकर CM की कुर्सी छोड़नी पड़ी। मुख्यमंत्री रहते वह अकसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलते रहे हैं। हालांकि, अब यह मुलाकात हो रही है तो इसके सीधे सियासी मायने लगाए जा रहे हैं।

- Advertisement -

कृषि कानून वापसी के जरिए बनेगी कैप्टन की राह

कैप्टन अमरिंदर सिंह की अमित शाह से मुलाकात के बाद अब कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो अब कृषि सुधार कानून कैप्टन के लिए बड़ा टास्क हो सकता है। कैप्टन अब कानून को लेकर आंदोलनकारी किसानों से मिल सकते हैं। इसे केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच मध्यस्थता से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कैप्टन यह काम पहले करेंगे या फिर केंद्रीय कृषि मंत्री के तौर पर, इसको लेकर चर्चाएं जारी हैं।

शुरु से किसान आंदोलन के समर्थन में रहे हैं कैप्टन

कैप्टन शुरु से ही किसान आंदोलन के समर्थन में रहे हैं। पंजाब में करीब एक महीने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलता रहा। इसके बाद किसान दिल्ली गए तो कैप्टन ने कोई रोक-टोक नहीं की। यहां तक कि उन्होंने केंद्र सरकार के किसानों को रोकने के निर्देश को भी ठुकरा दिया। किसानों के साथ कैप्टन के रिश्ते भी अच्छे हैं। जब उन्होंने धरने के बाद गन्ने की कीमतें बढ़ाई तो भी संयुक्त किसान मोर्चा नेताओं बलबीर राजेवाल, मनजीत सिंह राय व अन्य नेताओं ने लड्‌डू खिलाकर उनका स्वागत किया। उसके बाद सियासी तौर पर इसकी खूब चर्चा हुई थी।

अमित शाह से 45 मिनट की बैठक के बाद दूसरे रास्ते से बाहर निकल गए कैप्टन अमरिन्दर सिंहभाजपा को बता चुके विकल्प

कैप्टन ने CM की कुर्सी छोड़ी तो बड़ा सवाल था कि उनका सियासी भविष्य क्या होगा? कैप्टन से सीधे तौर पर भाजपा में शामिल होने के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने कहा कि सब विकल्प खुले हैं। वह इसके बारे में सोच रहे हैं। कैप्टन का इससे पहले 2017 में कांग्रेस हाईकमान से टकराव हुआ था। तब कैप्टन जाट महासभा बनाकर कांग्रेस काे चुनौती दी थी। कैप्टन ने बाद में इसका खुलासा किया था कि वो भाजपा में जाने का मन बना चुके थे।

कुर्सी छोड़ने के बाद सिद्धू और कांग्रेस हाईकमान पर किया था हमला

कैप्टन ने कहा था कि उन्हें अपमानित होकर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने नवजोत सिद्धू पर बड़ा हमला किया था। सिद्धू को एंटी नेशनल बताते हुए ऐलान कर दिया कि वो उन्हें पंजाब का CM नहीं बनने देंगे। सिद्धू को जीतने से रोकने के लिए मजबूत कैंडिडेट उतारेंगे। वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अनुभवहीन तक बता दिया था। कैप्टन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अजय माकन और केसी वेणुगोपाल पर भी हमला किया था। तभी कयास लगाए जा रहे थे कि वो सियासत में नई पारी शुरु करने जा रहे हैं।

PM और शाह के करीबी हैं कैप्टन

कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी समझे जाते हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को कैप्टन का राष्ट्रवादी स्टाइल खूब पसंद है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कैप्टन कई बार पार्टी लाइन तोड़ चुके हैं। जब भी देश व सेना की बात आती है तो कैप्टन केंद्र सरकार के साथ खड़े हो जाते हैं। कैप्टन CM रहते जब भी दिल्ली गए तो उन्हें प्रधानमंत्री या गृह मंत्री से मिलने में कोई परेशानी नहीं होती थी !

Report By :- ANUJA AWASTHI / MADHURI SINGH, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI

Leave A Reply

Your email address will not be published.

GA4|256711309