कुदरत की मार ‘जल प्रलय’ से हाहाकार : ज़मीन खिसकने से 89 मौतें, 400 लापता, 4 गांव बहे, मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे नेवी-सेना के जवान
NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, वायनाड (केरल)
केरल के वायनाड में तेज बारिश की वजह से सोमवार देर रात 4 अलग-अलग जगहों पर लैंडस्लाइड हुई। इसमें 4 गांव बह गए। घर, पुल, सड़कें और गाड़ियां भी बह गईं। अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। 116 अस्पताल में हैं, जबकि 400 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। घटना देर रात 2 बजे की है।

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रेस्क्यू के लिए SDRF और NDRF की टीम मौके पर मौजूद है। कन्नूर से आर्मी के 225 जवानों को वायनाड के लिए रवाना किया गया है। इसमें मेडिकल टीम भी शामिल है। इसके अलावा एयरफोर्स के 2 हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजे गए हैं। हालांकि बारिश की वजह से दोनों हेलिकॉप्टर को कोझिकोड लौटना पड़ा।
5 साल पहले इसी इलाके में लैंडस्लाइड से 17 मौतें हुईं
वायनाड के 4 गांव- मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा में लैंडस्लाइड की घटना हुई है। 5 साल पहले 2019 में भी भारी बारिश की वजह से इन्हीं गांवों में लैंडस्लाइड हुई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। 5 लोगों का आज तक पता नहीं चला। 52 घर तबाह हुए थे।
मुंडक्कई गांव में सबसे ज्यादा नुकसान, यहां 250 लोग फंसे
वायनाड का मुंडक्कई गांव लैंडस्लाइड की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां रेस्क्यू टीम अब तक नहीं पहुंच सकी है। NDRF की एक टीम पैदल चलते हुए यहां तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मुंडकाई में करीब 250 लोगों के फंसे होने की खबर है। यहां कई घर बह गए है। यहां 65 परिवार रहते थे। यहीं पास के एक टी एस्टेट के 35 कर्मचारी भी लापता हैं।
चूरलमाला गांव से दो विदेशी नागरिकों को बचाया गया
जिला पंचायत अध्यक्ष समशाद मरईक्कर ने बताया कि मुंडक्कई सड़क मार्ग से पहुंचा नहीं जा सकता है। मोबाइल नेटवर्क भी ठप है। चूरलमाला गांव में भी नुकसान ज्यादा है। यहां रेस्क्यू जारी है। यहां कई घर बह गए हैं। कई लोगों को बचाया गया हैं, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। ये एक होमस्टे में रुके थे। यहां रेस्क्यू टीम एक-एक घरों की जांच कर रही है।
वायनाड में आज भी भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने आज भी वायनाड के अलावा कोझिकोड, मल्लपुरम और कासरगोड में रेड अलर्ट जारी किया है। यानी आज भी यहां भारी बारिश होने की संभावना है। इसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ सकती है।
वायनाड में लैंडस्लाइड के बाद की तस्वीरें…










वायनाड हादसे के अपडेट्स..
- वायनाड लैंडस्लाइड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कंट्रोल रूम बना दिया है। साथ ही इमरजेंसी हेल्थ सर्विस के लिए दो हेल्पलाइन नंबर 8086010833 और 9656938689 जारी किए। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के मुताबिक वैथिरी, कलपट्टा, मेप्पाडी और मनंतवडी अस्पताल अलर्ट पर हैं।
- कोझिकोड जिले के सभी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, सभी ग्रेनाइट खदानों को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए कहा गया है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायनाड में लैंडस्लाइड में मारे गए लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने केरल सरकार को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही मरने वालों के परिजन को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की। घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वायनाड की घटना पर सरकार से हर संभव मदद पहुंचाने की अपील की है। वे कल वायनाड दौरे पर जाएंगे।
- केरल के स्वास्थ्य मंत्री ऑफिस ने बताया है कि वायनाड के चूरलमाला में घायलों का इलाज करने के लिए एक मस्जिद और मदरसे में टेम्परेरी हॉस्पिटल बनाया गया है।
वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है
वायनाड, केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है।
वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी ‘थोंडारमुडी’ चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है।
Report By :- SONIA SINGH / SHEFALI SINHA, NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, वायनाड (केरल)