कड़ाके की ठंड में स्कूल नहीं खोला जाता तो कई घरों का चिराग इस तरह नहीं बुझता… 3 मासूम छात्रों की मौत का जिम्मेदार कौन ? गुडविल मिशन स्कूल का संचालक दाउद अंसारी फरार, स्कूल किया गया सील
CITY DESK, NATION EXPRESS, रामगढ़
गोला में भीषण सड़क हादसा : घटना के बाद गुडविल मिशन स्कूल बंद कर फरार हुआ संचालकमोबिन अख्तर घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित गुडविल मिशन स्कूल सरकार से घोषित छुट्टी को दरकिनार कर चलाया जा रहा था। बच्चे उसी स्कूल में पढ़ने जा रहे थे जब यह हादसा हुआ। इधर घटना के बाद स्कूल के संचालक दाउद अंसारी ने स्कूल को बंद करके उसमें ताला जड़ दिया, वहीं संचालक ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है।
रामगढ़: सड़क हादसे में स्कूली बच्चों की मौत पर गुडविल मिशन स्कूल किया गया सील
झारखंड के रामगढ़ जिले में बुधवार की सुबह सड़क हादसा हो गया जिसमें वैन चालक समेत 3 बच्चों ने अपनी जान गंवा दी है। इस हादसे के बाद हर तरफ मातम पसर गया है, लेकिन गुडविल मिशन स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। बड़ा सवाल यह उठता है कि जब राज्य सरकार की तरफ से शीतलहर और ठंड को देखते हुए 13 जनवरी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है तो फिर स्कूल कैसे खुला रखा गया था। सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों गोला का गुडविल मिशन स्कूल खुला रखा गया था। अगर कड़ाके की ठंड में स्कूल नहीं खोला जाता तो गोला के कई घरों का चिराग इस तरह नहीं बुझता। वहीं इस मामले में रामगढ़ डीसी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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बता दें कि आज सुबह स्कूली बच्चों को ले जा रहे एक ऑटो की तेज रफ्तार ट्रक से आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में 3 बच्चों और ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ऑटो में करीब 12 बच्चे स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान ओवरटेक करता हुआ एक ट्रक आया और पलट गया जिससे आलू की बोरियां ऑटो पर गिरने लगीं और बच्चे चीखने लगे। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना के बाद स्कूल बंद कर फरार हुआ संचालक दाउद अंसारी, गुडविल मिशन स्कूल किया गया सील

मोबिन अख्तर घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित गुडविल मिशन स्कूल सरकार से घोषित छुट्टी को दरकिनार कर चलाया जा रहा था। बच्चे उसी स्कूल में पढ़ने जा रहे थे जब यह हादसा हुआ। इधर घटना के बाद स्कूल के संचालक दाउद अंसारी ने स्कूल को बंद करके उसमें ताला जड़ दिया, वहीं संचालक ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि संचालक ने बच्चों को स्कूल से आनन फानन निकाल कर स्थानीय मस्जिद के पास ले गए और यहां से विभन्न वाहनों के जरिए बच्चों को घर भेज दिया गया।
स्कूल वैन हादसे में 3 बच्चों की मौत पर CM हेमंत ने जताया दुख

झारखंड के रामगढ़ जिले में सड़क हादसे में हुई 3 बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुख जताया है। मुख्यमंत्री हेमंत ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा कि वैन चालक समेत 3 बच्चों के निधन की दुखद खबर से मर्माहत हूं। मुख्यमंत्री हेमंत ने कहा कि मरांग बुरु दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे। दुर्घटना में घायल बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है।
सड़क दुर्घटना में बच्चों की मौत होने पर गुडविल मिशन विद्यालय के संचालक एवं प्राचार्य के विरुद्ध दर्ज हुई प्राथमिकी

बुधवार को गोला प्रखंड में स्थित गुडविल मिशन विद्यालय, तिरला के बच्चों द्वारा विद्यालय आने के क्रम में सड़क दुर्घटना में मौत होने संबंधित मामले में उपायुक्त रामगढ़ चंदन कुमार द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग कुमार तिवारी को मामले की तत्काल जांच करने का निर्देश दिया गया जिसके उपरांत पाया गया कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड, राँची द्वारा शीतलहर एवं ठंड के बढ़ते प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए जिले में संचालित सभी कोटि के सरकारी, गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं सभी निजी विद्यालयों में दिनांक 07.01.2025 से दिनांक 13.01.2025 तक के लिए वर्ग KG से वर्ग 08 तक की कक्षाएँ बंद की गई है इसके बावजूद विद्यालय का संचालन किया जा रहा था जिस पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी गोला द्वारा गुडविल मिशन स्कूल के संचालक एवं प्राचार्य के विरुद्ध गोला थाना में प्राथमिकी की दर्ज करा दी गई है वहीं जांच में पाया गया कि गुडविल मिशन स्कूल का संचालन बिना किसी मान्यता के किया जा रहा था जिसके उपरांत प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक श्री संजीत कुमार एवं अंचल अधिकारी गोला श्री समरेश प्रसाद भंडारी की उपस्थिति में विद्यालय को अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया गया है।

सरकारी आदेश के बाद क्यों नहीं बंद किया गया स्कूल : सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी
किसी परिवार के उपर आई विपदा किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को व्यथित कर देती है।आज ऐसा ही क्षण मेरे सामने भी आया जिसे देखकर मैं काफी व्यथित हूं। उक्त घटना में आज कई घरों के चिराग हमेशा – हमेशा के लिए गुल हो गए।उक्त बातें गिरीडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने NATION EXPRESS के साथ बात करते हुए कही। सांसद ने कहा कि बुधवार की सुबह रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित दामोदर रेस्टोरेंट के समीप सड़क दुर्घटना में वाहन चालक समेत चार स्कूली मासूम बच्चों की दुखद निधन की हृदयविदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। इस दुखद हादसे में कुछ बच्चे घायल भी हुए हैं। सूचना पाकर मैंने रामगढ़ उपायुक्त से बात कर सभी घायलों के समुचित ईलाज का निर्देश दिया है। सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा कि रामगढ़ जिले के उपायुक्त के आदेशानुसार बढ़ती ठंड को देखते हुए आगामी 13 जनवरी तक कक्षा नर्सरी से आठवीं कक्षा तक की सभी स्कूलों में छुट्टी थी गई थी उसके बावजूद भी आखिर स्कूल क्यों नहीं बंद की गई। गिरिडीह सांसद ने कहा कि रामगढ़ जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर उक्त स्कूल के संचालक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें और जहां भी ऐसे आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा हैं उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएं। सांसद ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और पीड़ित परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

गोला हादसे में मृतको के नाम इस प्रकार हैँ
1-अनमोल कुमार, पिता-कारण महतो (उम्र-5 वर्ष), कक्षा-1, पतरातू रामगढ़
2-आशीष कुमार, पिता-नेमधारी महतो (उम्र-6 वर्ष), कक्षा-1, पतरातू रामगढ़
3-नीरू कुमारी पिता मितन नायक (उम्र 6 वर्ष), सरलाखुर्द, गोला रामगढ़
4-सरफ़राज़ अंसारी पिता हलीम अंसारी (उम्र-24 वर्ष), संग्रामपुर गांव, ऑटो चालक गोला रामगढ़
घटना से शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

सरकार की ओर से ठंड को लेकर स्कूल बंद करने की घोषणा की गई। जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी सिर्फ स्थानीय स्तर पर आदेश निकालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लिए। सरकारी आदेश के बाद भी पिछले दो दिनों से स्कूल चल रहे थे, इसके बावजूद अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। ग्रामीणों का कहना है कि जिल से दूर दराज के क्षेत्र में ज्यादातर स्कूल सरकारी आदेश के बाद भुले रह जाते हैं। ऐसे स्कूल संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। अधिकारी भी सिर्फ सरकारी स्कूल पर ही अपना ध्यान केंद्रित करके रखते हैं। बच्चों की मौत सड़क हादसे में जरूर हुई है लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं शिक्षा विभाग की दोषी है। अब स्कूल संचालक पर एफआईआर का आदेश देकर एक बार फिर अधिकारी मामले से अपना पल्ला झाड़ने में जुटे हैं।
Report By:- KHUSHBOO SHARMA, CITY DESK, NATION EXPRESS, रामगढ़