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आंखों के सामने झुलस गई मां… तड़पता रह गया बेटा, SMS अस्पताल में आग ने मचाया तांडव… ICU में भर्ती 8 मरीजों की मौत

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NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, जयपुर

राजस्थान के जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) अग्निकांड ने 8 मरीजों की जिंदगियां लील लीं। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के ICU वॉर्ड में आग लगने से ये दर्दनाक हादसा हुआ। जिस वक्त आग लगी, ICU में कई मरीज भर्ती थे। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हादसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया है, जबकि पांच लोगों की हालत गंभीर भी बताई जा रही है। घटना को लेकर मरीजों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

ICU में भर्ती मरीजों के रिश्तेदारों ने भयावह अनुभव साझा किए। नरेंद्र सिंह नाम के एक शख्स की अस्पताल में मां भर्ती थी। वो खाने खाने नीचे ही गया था। उसे कहां मालूम था कि इतनी सी देर में वो अपनी मां को खो देगा।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग

आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। SMS अस्पताल ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज अनुराग धाकड़ ने बताया कि हमारे ट्रॉमा सेंटर में दूसरी मंजिल पर दो ICU हैं- एक ट्रॉमा ICU और एक सेमी-ICU। हमारे वहां 24 मरीज थे; 11 ट्रॉमा आईसीयू में और 13 सेमी-आईसीयू में। ट्रॉमा आईसीयू में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग तेजी से फैल गई, जिससे जहरीली गैसें निकलीं। ज्यादातर गंभीर मरीज बेहोशी की हालत में थे।

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एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार देर रात करीब 11:20 बजे आग लगी।‘आग बुझाने की कोई सुविधा नहीं थी’

शख्स ने कहा,  “जब ICU में आग लगी, तो मुझे पता नहीं चला। मैं उस समय खाना खाने नीचे आया था। वहां आग बुझाने का कोई उपकरण नहीं था। आग बुझाने के लिए सिलेंडर या पानी भी नहीं था। कोई सुविधा नहीं थी। हादसे में मेरी मां का निधन हो गया।”

SMS Hospital Fire: आग, धुआं और चीख-पुकार के बीच बचाई मरीजों की जान, जयपुर  के इन जांबाजों को सलाम | Sawai Mansingh Hospital Major accident in Jaipur  How did the police save‘डॉक्टरों को आगाह किया, फिर भी…’

हादसे में ओम प्रकाश नाम के एक व्यक्ति ने भी अपने रिश्तेदार को खोया। उन्होंने बताया, “मेरा 25 साल का मौसी का बेटा यहां भर्ती था। रात लगभग 11:20 बजे जैसे ही धुआं निकलने लगा, मैंने डॉक्टरों को आगाह किया कि इससे मरीजों को परेशानी हो सकती है। धीरे-धीरे धुआं बढ़ने लगा। जैसे ही धुआं बढ़ा, डॉक्टर और कंपाउंडर निकल गए थे। अचानक इतना धुआं हो गया कि मरीजों को निकाल नहीं पा रहे थे। तब भी 4-5 मरीजों को निकाला गया।”

शख्स ने बताया कि दुर्भाग्य से इस घटना में मेरी मौसी के बेटे की जान चली गई। वह ठीक हो रहा था और दो-तीन दिन में उसे छुट्टी मिलने वाली थी कि इस बीच ये घटना घट गई।”

हादसे में 8 लोगों की मौत के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

एक अन्य रिश्तेदार जोगेंद्र सिंह ने स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मेरी मां ICU में भर्ती थीं। जब चिंगारी निकली, तो मैंने डॉक्टरों को चार-पांच बार बताया कि चिंगारी वहां से आ रही है, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य मानकर टाल दिया। अचानक पूरे एरिया में धुआं फैल गया और सारा स्टाफ बाहर भाग गया, जिससे मेरी मां की मदद करने या उन्हें बचाने वाला कोई नहीं बचा। मैं बाहर था जब मैंने पुलिस से पूछा, तो उन्होंने बताया कि सभी को बाहर निकाल लिया गया है। तब भी मेरी मां और भाई अस्पताल के अंदर फंसे हुए थे। किसी तरह, मैं अपने भाई को बचाने में कामयाब रहा, लेकिन अब उसकी हालत गंभीर है।”

‘जैसे ही गैस और फैली, दरवाजा बंद कर दिया’

एक मरीज के रिश्तेदार पूरन सिंह ने यह भी बताया, “जब चिंगारी निकली, तो उसके बगल में एक सिलेंडर रखा था। धुआं पूरे ICU में फैल गया, जिससे सभी घबराकर भाग गए। कुछ लोग अपने मरीजों को बचाने में कामयाब रहे, लेकिन मेरा मरीज कमरे में अकेला रह गया। जैसे ही गैस और फैली, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया।”

रणजीत सिंह राठौर के भाई अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने बताया, “मैं अस्पताल पहुंचा, लेकिन शुरुआत में मुझे अंदर नहीं जाने दिया गया। कुछ देर बाद मैं किसी तरह अंदर घुस पाया। अंदर जाकर देखा तो मेरा भाई मृत पड़ा था।”

CM भजनलाल शर्मा ने जांच के लिए बनाई कमेटी

जयपुर के SMS अस्पताल में आग लगने की सूचना मिलने पर सीएम भजनलाल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। सीएम ने घटना पर दुख जताते हुए त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जांच के लिए एक कमेटी का भी गठन कर दिया है। समिति की अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान करेंगे। समिति आग के कारणों, अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया, ट्रॉमा सेंटर और एसएमएस अस्पताल में अग्निशमन व्यवस्था, आग लगने की स्थिति में मरीजों की सुरक्षा और निकासी और भविष्य में ऐसी आग की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए अस्पताल को सुरक्षित रखने के उपायों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी ।

परिजन अपने मरीजों को लेकर एसएमएस हॉस्पिटल परिसर के बाहर सड़क पर आ गए।मरीजों के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

वहीं, घटना को लेकर मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। एक मरीज के रिश्तेदार पूरन सिंह ने आंखों देखा हाल बताया। उन्होंने कहा, “जब चिंगारी निकली, तो उसके बगल में एक सिलेंडर रखा था। धुआं पूरे ICU में फैल गया, जिससे सभी घबराकर भाग गए। कुछ लोग अपने मरीजों को बचाने में कामयाब रहे, लेकिन मेरा मरीज कमरे में अकेला रह गया। जैसे ही गैस और फैली, उन्होंने दरवाज़ा बंद कर दिया।”

एक और रिश्तेदार नरेंद्र सिंह ने कहा, “ICU में आग लग गई थी और मुझे पता भी नहीं चला। मैं उस समय खाना खाने नीचे आया था। वहां आग बुझाने का कोई उपकरण भी नहीं था- कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मेरी मां वहां भर्ती थीं।” ओम प्रकाश नाम के शख्स ने बताया, “रात लगभग 11:20 बजे धुआं फैलने लगा और मैंने डॉक्टरों को आगाह किया कि इससे मरीजों को परेशानी हो सकती है। जब तक धुआं बढ़ता, डॉक्टर और कंपाउंडर भाग चुके थे। सिर्फ 4-5 मरीजों को ही निकाला जा सका।” उन्होंने बताया कि इस हादसे में उनके रिश्तेदार की जान चली गई।

अशोक गहलोत ने भी जताया दुख

कोरोना की चपेट में आए पूर्व सीएम अशोक गहलोत, स्वाइन फ्लू की भी हुई पुष्टि -  Former CM Ashok Gehlot has been diagnosed with both swine flu as well as  Covid ntc -राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “SMS अस्पताल के ट्रामा सेंटर के ICU में आग लगने से 7 लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करने वाली है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों को शीघ्र ‌स्वस्थ करें। राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।”

Report By :- SUPRIYA SINGH, NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, जयपुर

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