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DSP राम नारायण चौधरी का नाम सुनकर थर्राते हैं नक्सली और अपराधी…. नक्सलियों की मांद में खौफ को चुनौती देने वाले डीएसपी राम को एसएसपी और डीसी ने किया सम्मानित

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नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए डीएसपी राम नारायण चौधरी को रांची के ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में रांची के पुलिस कप्तान चंदन कुमार सिन्हा और उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने किया सम्मानित

दबंग अफसर, अपराधियों और नक्सलियों  के काल और सरकार के संकटमोचक… खलारी में डीएसपी राम नारायण चौधरी की दिलचस्प कहानी

तारीख 8 मार्च 2024 की बात है. उस वक्त वेस्ट झारखंड में राजनीतिक हवाएं बदल रही थीं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री थे, उसी समय एक डीएसपी का नाम खूब चर्चाओं में था. उनकी बेखौफ कार्यशैली ऐसी थी कि अपराधी और नक्सली खौफ खाते थे. वो नक्सलियों और अपराधियों के लिए काल थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उन पर बहुत भरोसा करती थी. यही वजह है कि शहर और ग्रामीण इलाकों में जब अपराधियों और नक्सलियों की तूती बोलने लगती तो अपराधियों-नक्सलियों पर लगाम लगाने के लिए डीएसपी राम नारायण चौधरी को ही आगे भेजा जाता था.

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नक्सलियों की मांद में खौफ को चुनौती देने वाले यह कोई और नहीं, बल्कि डीएसपी राम नारायण चौधरी हैं, जो भगवान बिरसा मुंडा की भूमि रांची से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित खलारी में डीएसपी के पद पर काम कर रहे हैं, इनके जज्बे और हौसले के आगे डर को भी डरना पड़ता है, खलारी, मैकलुस्कीगंज में ऐसी कोई सुबह नहीं होती जब इस बहादुर और तेज तर्रार डीएसपी को नक्सलियों के खतरा का सामना नहीं करना पड़ता, सूरज उगाने की पहली किरण के साथ ही चुनौतियों की सुबह शुरू होती है और रात को घनघोर अंधेरे में सर्चिंग ऑपरेशन का अभियान चलाते है ! बुढ़मू, खलारी, मैकलुस्कीगंज का एक ऐसा रोड जो कई दशकों तक माओवादियों के कब्जे में रहा. इस सड़क से कोई भी अधिकारी या नेता नहीं गुजरते थे. लेकिन अब हालात बदल गए हैं. इस रोड पर अब लोग बेखौफ लोग गुजर रहे हैं, 

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इन सब के बीच डीएसपी राम नारायण चौधरी का  हौसला इतना बुलंद है कि रोजाना जंगल में 15 से 20 किलोमीटर सर्चिंग करके ही वापस लौटते हैं, खलारी पुलिस अधीक्षक रामनारायण चौधरी के अंदर में कुल 6 थानों की जिम्मेदारी है, सभी 6 थानों के प्रभारी और पुलिस के सभी बहादुर जवानों के साथ डीएसपी राम नारायण चौधरी भी कंधे से कंधा मिलाकर एक-47 लेकर दुश्मनों से लोहा लेने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं है,

8 मार्च 2024 को खलारी डीएसपी के पद पर योगदान देने वाले बहादुर और तेज तर्रार डीएसपी राम नारायण चौधरी ने नक्सलियों के गढ़ में घुसकर उनको धूल चटाई है, उनकी बहादुर के किस्से गांव वाले के जुबान पर है, नक्सली थर थर काटते हैं, खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी जब इलाके में गश्ती पर निकलते हैं तो बड़ा सा बड़ा अपराधी और मोस्ट वांटेड नक्सली भी थर्रा उठता है, जिस तरह से पहले खलारी, मैक्लुस्कीगंज अमित कई थानों में नक्सलियों का बोलबाला रहता था वही नक्सली डीएसपी राम नारायण चौधरी के डर से बड़ा अपराधी और मोस्ट वांटेड नक्सली भी इलाका छोड़ चुके हैं, नक्सलियों और मोस्ट वांटेड क्रिमिनलों के दिल में इतना डर पैदा हो गया है कि वह जानते हैं की अपराध करने बाद वह या तो डीएसपी की गोलियों का शिकार होंगे या उन्हें पकड़ कर सलाखों के पीछे भेज देगा !

डीएसपी राम नारायण चौधरीने अपना प्रधान पदभार संभालते ही नक्सलियों के खिलाफ ऐलान ए जंग का एलान कर दिया था, डीएसपी राम नारायण चौधरी एक ही मिशन चल रहे थे कपड़े इलाके से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया और वह इसमें पूरी तरह कामयाब भी हुए, सभी थाना प्रभारी के आपसी तालमेल और डीएसपी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में पिछले 8 महीना में रांची पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है, डीएसपी रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में अभी तक 14 पिस्टल, 2 बंदूक, 2 कार्बाइन और 55 जिंदा गोली पुलिस ने बरामद कर लिया है

वहीं रांची के पुलिस कप्तान चंदन सिन्हा के दिशा निर्देश में और ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल की देखरेख में खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी ने अपनी सूझ बुझ और अपने 6 थानों के प्रभारी और बहादुर जवानों के साथ मिलकर अपने इलाके से कुल 19 क्रिमिनल, नक्सली संगठन टीएसपीसी के 13 नक्सली और पीएलएफआई के 2 कुख्यात नक्सलियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है,


पिछले कई सालों से झारखंड सरकार के द्वारा नक्सलियों के लिए आत्म समर्पण नीति के तहत रांची पुलिस और खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी के दबिश की वजह से 3 कुख्यात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया जिसमें कृष्णा गंझू, राहुल गंझू और विक्रम गंझू शामिल है, वहीं खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी को पहल से सक्रिय निर्वासित अपराधी संतु को जिला बदर किया गया, खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में आलोक गिरोह का सदस्य बंटी कुमार, मैक्लुस्कीगंज में आदमी को जिंदा जलाने का मुख्य आरोपी नरेश यादव उर्फ छोटन और रवि मुंडा को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, वहीं हाल में ही पीएलएफआई नक्सली संगठन का जोनल कमांडर कृष्ण यादव उर्फ सुल्तान जी को भी पकड़ने में पुलिस ने कामयाबी हासिल की है,

खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में रांची के मांडर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय छिनतई गिरोह का खुलासा करते हुए पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार अपराधियों में ओडिसा निवासी अउला आलोक राव, करण प्रधान, काली कबाड़ी, अउला धर्म राव और अउला तारो शामिल है। इनके पास से दो पल्सर बाइक, लूट का अपाची बाइक, लूट का पासबुक, 12 हजार 800 रुपये नकद, डिक्की तोड़ने वाला मास्टर की, चार मोबाईल और घटना के वक्त पहना हुआ हेलमेट बरामद किया था।

अवैध शराब के खिलाफ भी खलारी DSP राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई की थी ! कई भट्टियों को किया गया था ध्वस्त

झारखंड के डीजीपी के निर्देश पर रांची सहित पूरे राज्य भर में नशा विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत रांची के बुढ़मू थाना अंतर्गत ग्राम जॉब्रों में पुलिस उपाधीक्षक खलारी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी, गुप्त सूचना के आधार बुढ़मू थाना अंतर्गत ग्राम जॉब्रों में  पुलिस उपाधीक्षक खलारी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में थाना प्रभारी बुढ़मू एवं सेट बल के जवानों के साथ अवैध 3 शराब भट्टी पर छापेमारी की गई थी,  छापामारी में करीब ढाई सौ लीटर महुआ निर्मित शराब, शराब बनाने का उपकरण, गुड, अलमुनियम का बड़ा तसला 8, तथा अन्य कई सामान बरामद किया गया था। साथ ही भट्टी में रखा करीब 1000 किलो ग्राम महुआ गुड मिश्रित घोल को नष्ट किया गया था, पुलिस उपाधीक्षक खलारी को अवैध शराब की सूचना मिली थी. जिसके बाद एक टीम का गठन कर छापेमारी की गई थी. रेड में अवैध शराब की भट्टी को ध्वस्त किया गया. इसके अलावा बीस हजार किलो जावा महुआ नष्ट किया गया. पुलिस ने पांच सौ लीटर अवैध महुआ शराब की बरामदगी की थी.

DSP राम नारायण चौधरी ने घने जंगल मे खदेड़कर जिला बदर कुख्यात अपराधी संतु उरांव को धर दबोचा था

खलारी DSP राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में मांडर थाना पुलिस ने जिला बदर कुख्यात अपराधी  संतु उरांव उर्फ मुन्ना उरांव (Munna Oraon) को अवैध हथियार (Weapon) के साथ गिरफ्तार (Arrest) किया था। वह मांडर के टांगरबसली का रहने वाला है। इसके पास से एक देशी कारबाईन, एक देशी पिस्तौल मैग्जीन लगा हुआ, एक देशी पिस्तौल 0.315 बोर का और सात अलग-अलग बोर की गोलियां बरामद की गयी है। SSP चंदन कुमार सिन्हा ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि CCA (वाद सं०-09/2024 )में 23 मई से 22 नवम्बर तक जिला बदर सक्रिय अपराधकर्मी संतु उरांव उर्फ मुन्ना उरांव Ranchi के मांडर थाना क्षेत्र में बुढ़ाखुखरा गांव से कैम्बो जाने वाले रास्ते में स्थित जंगली क्षेत्र में घुमते हुए देखा गया है। सूचना के खलारी DSP राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया गया और अविलंब सत्यापन कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। टीम ने मांडर थाना क्षेत्र के बुढ़ाखुखरा से कैम्बो जाने वाले रास्ते में स्थित जंगल में छापेमारी कर अपराधी संतु उरांव को खदेड़कर पकड़ा था।

खलारी DSP रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में मिली थी रांची पुलिस को बड़ी कामयाबी… कारोबारियों के लिए दहशत का पर्याय बना टीएसपीसी का एरिया कमांडर भरतजी हुआ था गिरफ्तार

रांची के बुढ़मू, खलारी, ठाकुरगांव और मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्रों में काम करने वाले कारोबारियों के लिए दहशत का पर्याय बने टीएसपीसी के एरिया कमांडर भरतजी को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था. रांची के ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि भरतजी के साथ-साथ पुलिस ने टीएसपीसी के जोनल कमांडर अरविंद के बॉडीगार्ड रूपेश को भी दबोचा है. DSP रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में दोनों की गिरफ्तारी रांची के बुढ़मू इलाके से की गई थी. गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से तीन देसी पिस्तौल, छह कारतूस के साथ राउटर और मोबाइल भी जब्त किया गया है.

नक्सल प्रभावित गांव में रांची पुलिस की सराहनीय पहल, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी ने स्कूली बच्चों के बीच बांटे आवश्यक सामग्री

5 सितंबर को रांची जिले के नक्सल प्रभावित छापर ग्राम स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय में सामुदायिक पुलिसिंग का आयोजन किया गया था. इस सामुदायिक पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों तक सरकारी सुविधाओं को पहुंचाना और जिला प्रशासन और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय और संपर्क बनाना है. इस सामुदायिक पुलिसिंग का आयोजन रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देश पर खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में किया गया था. इन  गांवों में आमजनों को लगातार नक्सलियों के द्वारा परेशान किया जाता रहा है. इस सामुदायिक पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों इलाको में पढ़ रहे स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, स्केच, पेंसिल बॉक्स, फुटबॉल, चॉकलेट, बिस्किट और उसके अलावा आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया.  खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी ने छात्र-छात्राओं को इस कार्यक्रम के तहत जानकारी उपलब्ध कराई। यहां पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों के बीच समय बिताया। 

Report By :- SONAM JHA / PALAK TIWARI, SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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