पहलगाम हमले में फरिश्ता बन कर आया नज़ाकत ! आतंकवादियों से भिड़े रॉइफल छीनने की कोशिश की, BJP पार्षद समेत 11 लोगों की बचाई जान
NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि नजाकत अली नामक एक स्थानीय कपड़ा व्यापारी ने अपनी जान पर खेलकर 11 पर्यटकों की जान बचाई। ये पर्यटक छत्तीसगढ़ के चिरमिरी से थे और हमले के दौरान बुरी तरह फंस गए थे।
हाइलाइट्स
- पहलगाम में हुए हमले में 28 लोगों की हत्या, ज्यादातर पर्यटक
- सोशल मीडिया पर दावा, नजाकत अली ने 11 पर्यटकों की जान बचाई
- पड़ताल में सही पाया गया सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा
- Advertisement -
https://youtu.be/mTVIjKXWU0k
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी। हमले में कई लोग घायल हैं, हमले के बीच एक व्यापारी अगर फरिश्ता बनकर नहीं आते, तो मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता था। कश्मीर के कपड़ा व्यापारी नजाकत अली ने 11 लोगों को हमले के बाद सुरक्षित निकाल लिया। दरअसल हमले के समय छत्तीसगढ़ के चिरमिरी नगर निगम इलाके के 4 दोस्त अपनी-अपनी फैमिली के साथ बैसरन घूमने आए थे। चिरमिरी निवासी कुलदीप स्थापक, शिवांश जैन, हैप्पी बधावान, अरविंद्र अग्रवाल अपनी-अपनी पत्नी और बच्चों के साथ 18 अप्रैल को गर्मी की छुट्टियां मनाने कश्मीर पहुंचे थे।

21 अप्रैल को सभी लोग पहलगाम आए थे। कुलदीप की पत्नी का नाम पूर्वा स्थापक है, जो चिरमिरी नगर निगम के वार्ड-13 से बीजेपी की पार्षद हैं। 22 अप्रैल को सभी बैसरन में मौजूद थे। शिवांश जैन ने अपने परिजनों को फोन पर जानकारी दी कि हमले से पहले भूस्खलन होने से रोड बंद हो गया था। सड़क के दोनों तरफ पर्यटक फंस गए थे। अचानक आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके कारण लोगों में भगदड़ मच गई। मौके पर नजाकत अली थे, जिन्होंने उन सभी 11 लोगों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया।

सूझबूझ से बचाईं जानें
बता दें कि हर साल सर्दी के मौसम में नजाकत अली गर्म कपड़े बेचने के लिए चिरमिरी आते हैं। जान-पहचान होने के कारण चारों दोस्तों की फैमिली उनके साथ घूम रही थी। फायरिंग के दौरान नजाकत घबराए नहीं, सूझबूझ से सभी लोगों को अपने साथ सुरक्षित निकाल लिया। फायरिंग का पता जैसे ही चिरमिरी के लोगों को लगा, उनको चिंता हो गई। नजाकत पहलगाम के ही रहने वाले हैं, जिनसे फोन पर संपर्क कर छत्तीसगढ़ के सभी परिवार कश्मीर गए थे।
हमले के बाद गए होटल
कुलदीप स्थापक के मामा राकेश परासर ने मीडिया को जानकारी दी है कि भांजे के परिवार में 3 बच्चे भी थे। हमले के समय सभी वहीं थे, इस बात की उनको चिंता हुई। आतंकी हमले के बाद नजाकत सभी को अपने साथ लॉज की ओर ले गए। अब सभी लोग कश्मीर से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं। मामा के अनुसार लोगों को सेना के वाहनों से निकाला जा रहा है। शिवांश जैन की मां के अनुसार उनका बेटा, बहू और पोता सेफ है। हमले के बाद सभी सुरक्षित होटल चले गए। किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। परिवारों ने हमले के बाद अपने परिजनों से संपर्क साधा था।
सोशल मीडिया का दावा
कृष्णा कांत नाम के शख्स ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा है, ‘एक खबर यह भी है। 11 पर्यटकों को कपड़ा व्यवसायी नजाकत अली ने बचाया। क्या आपके वॉट्सऐप तक ये बात पहुंची?’
दावे की सच्चाई
सोशल मीडिया पर पहलगाम आतंकी हमले के बाद से कई तरह की फर्जी खबरें और तस्वीरें भी शेयर की जा रही हैं। ऐसे में इस दावे की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड के साथ इंटरनेट पर तलाशा। कीवर्ड के साथ की गई पड़ताल में हमें पता चला कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा सही है। सर्च में सामने आई इन खबरों में सोशल मीडिया के दावे की पुष्टि हुई। सर्च में मिली, 23 अप्रैल 2025 की दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में एक कश्मीरी व्यापारी ने छत्तीसगढ़ के 11 पर्यटकों की जान बचाई। ये पर्यटक चिरमिरी से घूमने गए थे। हमले के दौरान वे पहलगाम में ही थे। व्यापारी नजाकत अली ने अपनी समझदारी से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इन पर्यटकों में बीजेपी पार्षद, पूर्व पार्षद और 3 बच्चे भी शामिल हैं।
खबर में बताया गया है कि भू-स्खलन के कारण सड़क पर जाम लगा था और दोनों तरफ पर्यटकों की भीड़ थी। तभी, अचानक फायरिंग शुरू हो गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। नजाकत अली हर साल सर्दियों में चिरमिरी आकर गर्म कपड़े बेचते हैं। इसलिए, वे पर्यटकों को अच्छी तरह से पहचानते थे। ऐसे में उन्होंने अपनी समझदारी दिखाई और पर्यटकों को होटल की तरफ ले गए, ताकि उनकी जान बच सके।
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में आतंकी हमला होने के बाद नजाकत अली नाम के कपड़ा व्यापारी ने 11 पर्यटकों की जान बचाई। सजग टीम की पड़ताल में यह दावा सही पाया गया।
सैयद आदिल हुसैन शाह: पर्यटकों की रक्षा में शहीद
अनंतनाग जिले के हपटनार्ड गांव के रहने वाले सैयद आदिल हुसैन शाह, जो पेशे से घुड़सवार थे, ने हमले के दौरान पर्यटकों की रक्षा करते हुए आतंकियों से भिड़ गए। उन्होंने एक आतंकी से राइफल छीनने की कोशिश की, लेकिन गोलियों की चपेट में आकर शहीद हो गए। उनकी इस वीरता को पूरे देश ने सलाम किया है।
स्थानीयों की बहादुरी की सराहना
इन दोनों कश्मीरियों की बहादुरी ने यह साबित कर दिया है कि कश्मीर के लोग आतंक के खिलाफ हैं और मानवता के पक्षधर हैं। उनकी वीरता की सराहना पूरे देश में हो रही है।
सरकारी सहायता और सम्मान
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सैयद हुसैन के परिवार को सरकारी सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, नजाकत अली को भी उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया जाएगा। पहलगाम हमले में जहां एक ओर आतंकियों ने निर्दोष लोगों की जान ली, वहीं सैयद हुसैन और नजाकत अली जैसे कश्मीरियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की रक्षा की। उनकी यह बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
Report By:- SAYYED AAFRIN HUSSAIN & HEENA MANSORI, NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, जम्मू-कश्मीर