नगड़ी में भगवान शिव के भक्तों ने नंगे पांव दहकते अंगारों पर चलकर सदियों से चली आ रही भक्ति और परंपरा का निर्वहन किया। मंडा पूजा महोत्सव में देर रात तक नगड़ी में मेले और उत्सव सा माहौल रहा। अंगार पर चलने वाले भोक्ताओं को देखने के लिए रांची और नगड़ी के आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग यहां पहुंचे थे।

शाम होते ही मंदिर में शिव भोक्ता 21 बार आपस में गले मिले, फिर लोटन सेवा का अनुष्ठान हुआ। अब बारी थी धुवंसी (लपराभंज्जा) की। इसमें शिव भोक्ताओं को एक झूले में उल्टा लटका दिया गया। नीचे एक हवन कुंड निर्मित था। उस पर धुवन डालते हैं, इससे आग की लपट्टे निकलती है और यही उनकी अग्नि परीक्षा होती है। इस अनुष्ठान के बाद शिव भोक्ता दहकते अंगारों पर चलने को बेताब दिखे। मंदिर के पुजारी ने आग पर गंगा जल का छिड़काव कर मंत्र पढ़ा और भोक्ता नंगे पांव अंगारों पर चले।