2017 बैच के IPS अजय कुमार बने रामगढ़ के नए एसपी : एएसआई राहुल सिंह मौत मामले में पुराने SP विमल कुमार पर लटकी विभागीय कार्यवाही की तलवार
CITY DESK, NATION EXPRESS, रामगढ़
ASI राहुल की मौत का ज़िम्मेदार रामगढ़ SP और टाउन थाना प्रभारी अजय कुमार साहू तो नहीं ?
HIGHLIGHTS
- आईपीएस अजय कुमार बने रामगढ़ के नए एसपी, राज्य पुलिस सेवा से किए गए थे प्रमोट
- मृतक ASI के परिजनों का आरोप- टाउन थानेदार ने राहुल पर गलत करने का बनाया था दबाव
- ASI राहुल कुमार सिंह की मौत के मामले में डॉ. विमल कुमार पर हो सकती है विभागीय कार्रवाई
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राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत आईपीएस अजय कुमार को रामगढ़ का नया एसपी बनाया गया है। सोमवार शाम को गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस बाबत् नोटिफिकेशन जारी कर दी है। वहीं रामगढ़ के एसपी डॉ. विमल कुमार का तबादला स्वाभाविक नहीं है। एएसआई की मौत के बाद यह एक्शन लिया गया।
सोमवार देर शाम झारखंड सरकार गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा रामगढ़ के नए एसपी की अधिसूचना जारी कर दी गई है. जिसमें अजय कुमार जो पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, झारखंड, रांची के पद पर कार्यरत थे उन्हें पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के पद पर पदस्थापित किये जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है.
आपको बता दें कि 21 जुलाई को देर रात अचानक रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार को हटा दिया गया और मुख्यालय में योगदान देने को लेकर पत्र भी जारी कर दिया गया. इसके बाद से रामगढ़ पुलिस अधीक्षक का पद रिक्त हो गया था. सोमवार को देर शाम आईपीएस अजय कुमार को रामगढ़ जिले का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है.
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क्यों हटाए गए विमल कुमार ?
रामगढ़ के एसपी डॉ. विमल कुमार का स्थानांतरण स्वाभाविक नहीं है। रामगढ़ यातायात थाने के एएसआई राहुल कुमार सिंह की मौत के मामले में उनके विरुद्ध कार्रवाई हुई है। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी चल सकती है।
मृतक ASI राहुल सिंह ने SP के सामने लगायी थी गुहार
कई बार तो SP ने अपने कार्यालय से डांट कर भगा दिया था मृतक ASI राहुल सिंह को
रामगढ़ एसपी डॉ विमल कुमार और रामगढ़ थाना प्रभारी अजय कुमार साहू एक दूसरे के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं
पुलिस मुख्यालय ने हजारीबाग के डीआईजी सुनील भास्कर से इस पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट तलब की है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। एसपी पर आरोप है कि एएसआई राहुल कुमार सिंह प्रताड़ित हो रहे थे और इसकी शिकायत उन्होंने एसपी डा. विमल कुमार से भी की थी। शिकायत के बावजूद उन्होंने सक्रियता नहीं दिखाई।

प्रताड़ना की जानकारी संज्ञान में रहने के बावजूद चुप्पी साधना एसपी को हटाने का मुख्य कारण बना है। मृत एएसआई राहुल कुमार सिंह के रांची में रहने वाले परिजन ने प्रभावशाली लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा।
सबसे पहले डीजीपी अजय कुमार सिंह ने टाउन थानेदार अजय कुमार साहू को निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद डीजीपी की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने रामगढ़ के एसपी डा. विमल कुमार को हटाने का आदेश जारी किया।
हाजत में एक युवक की मौत से जुड़ा पूरा मामला
एएसआई राहुल कुमार सिंह यातायात थाना रामगढ़ से पहले रामगढ़ टाउन थाने में पदस्थापित थे। वहां इंस्पेक्टर अजय कुमार साहू थानेदार थे। एएसआई राहुल कुमार सिंह के परिजन के अनुसार 21 फरवरी को रामगढ़ के टाउन थाना के हाजत के बाथरूम में अनिकेत नामक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।परिजन का कहना है कि उस युवक को थानेदार अजय कुमार सिंह स्वयं पकड़कर किसी केस में लाए थे। जब उसकी थाना हाजत में मौत हो गई तो वे एएसआई राहुल कुमार सिंह पर दबाव बनाने लगे कि वह (एएसआई राहुल कुमार सिंह) स्वीकार लें कि उसे चोरी से संबंधित एक केस में लाए थे। एएसआई राहुल कुमार सिंह चोरी के एक केस का अनुसंधान कर रहे थे।

एएसआई राहुल कुमार सिंह इस बात पर अड़े रहे कि वह अनिकेत को नहीं लाए हैं और न हीं वे अपने केस में उसका नाम जोड़ सकते हैं। इसके बाद एएसआई राहुल कुमार सिंह को थानेदार प्रताड़ित करने लगे। परिजन का कहना है कि प्रताड़ना से तंग आकर ही एएसआई राहुल कुमार सिंह ने एसपी डा. विमल कुमार को आवेदन दिया था कि उन्हें टाउन थाना से हटा दिया जाए। इसी बीच लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श चुनाव आचारसंहिता लग गई।
अभी कुछ दिन पहले ही 18 जुलाई को एसपी ने एएसआई राहुल कुमार सिंह का स्थानांतरण टाउन थाना से यातायात थाना रामगढ़ में किया था। 21 जुलाई की शाम एएसआई राहुल कुमार सिंह की जहर खाने से मौत हो गई।
फोन टैपिंग मामले में विवादों में आए थे इंस्पेक्टर
अजय कुमार साहू रामगढ़ टाउन थाने से निलंबित थानेदार इंस्पेक्टर अजय कुमार साहू पहले भी विवादों में आ चुके हैं। पूर्व में उनपर अवैध तरीके से फोन टैपिंग का आरोप लगा था। इस मामले की जांच के बाद उनके विरुद्ध रांची के डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उनपर सीआईडी के राजा रानी कोठी स्थित मुख्यालय में पदस्थापन के दौरान गलत तरीके से कुछ लोगों के फोन टैप करने का आरोप था।