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महिलाओं और बच्चियों के लिए कब्रगाह बना झारखंड: रेप, निर्मम हत्या, अपराध से बना डर का माहौल, महिलाओं और बच्चियों पर दरिंदों की है बुरी नजर

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SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, रांची 

HIGHLIGHTS

  • हर 6 घंटे में दुष्कर्म की एक घटना हो रही है
  • 1805, बलात्कार के प्रयास के 164 मामले सामने आये
  • दूसरी बार रेप का शिकार हुईं

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झारखंड महिलाओं और बच्चियों के लिए एक भयावह यातना गृह बनकर रह गया है.

झारखंड में महिला और बच्चियां नहीं है सुरक्षित : महिलाओं और बच्चियों पर दरिंदों की है बुरी नजर, रेप की घटनाओं के मामले में झारखंड देश में आठवें नंबर पर

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास कहते हैं कि मौजूदा राज्य सरकार के कार्यकाल में विधि-व्यवस्था बदतर होने की वजह से महिलाओं के खिलाफ अपराध बेतहाशा बढ़े हैं

हाल ही में झारखंड सुर्खियों में बना था। इस राज्य में आए दिन महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। कहीं नाबालिग बच्चियों के साथ गैंगरेप तो कहीं पर महिला को डायन बताकर हत्या कर देना। प्रदेश में जिस तरह से घटनाएं हो रहे हैं उसे ये लगने लगा है कि महिला झारखंज में सुरक्षित नहीं है।

गुमला के सेरेंगदाग में खेत में काम करने गई एक 55 वर्षीय महिला का पुलिस के दो जवानों ने गैंगरेप किया. दरिंदगी की हद यह कि उन्होंने महिला के नाजुक अंगों पर किसी धारदार चीज से वार किया. महिला रांची के रिम्स में जिंदगी-मौत से जूझ रही है. इसी जिले के पालकोट कस्बे में 40 साल का दीपक नायक पड़ोस में रहने वाली 9 साल की बच्ची को किसी बहाने पास के एक स्कूल में ले गया और उसका रेप किया. घर के लोग बच्ची की तलाश में निकले तो वह स्कूल के पास खून से लथपथ बेहोशी की हालत में मिली.

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नाबालिग का अपहरण कर किया गैंगरैप
गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के सरईदोहर गांव में दुर्गा पूजा पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने गई एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर कुछ लोगों ने उसका गैंगरेप किया. रांची के तमाड़ थाना अंतर्गत रांची बारेडीह गांव में एक 55 वर्षीय महिला को डायन करार देकर उसके अपने ही भतीजे जय स्वांसी ने धारदार हथियार से काट डाला. खूंटी के मारंगहादा गांव में मंगरा नाग ने अपनी भाभी को डायन होने के संदेह में लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला. हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना अंतर्गत नापो खुर्द गांव में शशि कुमार नामक व्यक्ति ने अपनी नवविवाहिता गर्भवती पत्नी पूजा की गोली मारकर हत्या कर दी.

Gang Rape in Jaipur : रेलवे स्टेशन के बाहर महिला से गैंगरेप, रेस्टोरेंट से पति के लिए लाने गई थी खाना - Sach Bedhadakराज्य में बढ़ रही अपराधिक गतिविधियां
दुमका में बीते 40 दिनों में लड़कियों-महिलाओं के खिलाफ रोंगटे खड़ी करने चार वारदातें हुई हैं. बीते 23 अगस्त को दुमका नगर थानाक्षेत्र में शाहरुख नामक एक युवक ने 12वीं की छात्रा अंकिता सिंह पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. अपने जख्मों के साथ हॉस्पिटल में पांच दिनों तक संघर्ष के बाद अंकिता ने दम तोड़ दिया. दो सितंबर को दुमका के दिग्घी ओपी क्षेत्र के श्रीअमड़ा में एक नाबालिग लड़की से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई और इसके बाद उसकी लाश एक पेड़ से लटका दी गई. बीते 24 सितंबर को इसी जिले के जिले के सरैयाहाट प्रखंड अंतर्गत असवारी गांव के दबंगों ने तीन महिलाओं सहित चार लोगों को डायन-ओझा करार देकर जबरन मल-मूत्र पिलाया और उन्हें लोहे की गर्म छड़ों से दागा.

Ankita Singh murder: India erupts as man allegedly burns teen alive | news.com.au — Australia's leading news siteवहीं चौथी वारदात 6 अक्टूबर की रात की है, जब दुमका जिला अंतर्गत जरमुंडी थाना क्षेत्र के भरतपुर भालकी गांव में राजेश राउत नामक शख्स ने 19 वर्षीय मारुति कुमारी के घर में घुसकर उसपर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी. मारुति ने अगले दिन इलाज के लिए रिम्स रांची लाये जाने के दौरान दम तोड़ दिया. इधर 7 अक्टूबर को लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र में पप्पू तुरी नामक एक युवक ने अपनी पत्नी के किसी और से अवैध संबंध के शक में अपनी चार वर्षीय पुत्री को जिंदा जला डाला. झारखंड को अलग राज्य बने 23 साल पूरे होने वाले हैं और इस दौरान राज्य में डायन-ओझा के संदेह में एक हजार से भी ज्यादा लोगों की हत्या हुई है. डायन हिंसा और प्रताड़ना का शिकार हुए लोगों में 90 फीसदी महिलाएं हैं.

दुमका में फिर दोहराया गया पेट्रोल कांड, शादी से इनकार करने पर प्रेमी ने प्रेमिका को जलायाअब तक कितनी हो चुकी है हत्याएं
पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि पिछले सात वर्षों में डायन-बिसाही के नाम पर झारखंड में हर साल औसतन 35 हत्याएं हुईं हैं. अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के आंकड़ों के मुताबिक 2015 में डायन बताकर 46 लोगों की हत्या हुई. साल 2016 में 39, 2017 में 42, 2018 में 25, 2019 में 27, 2020 में 28 और 2021 में 22 हत्याएं हुईं. इस वर्ष अब तक डायन के नाम पर 23 हत्याएं हुई हैं. इस तरह साढ़े सात वर्षों का आंकड़ा कुल मिलाकर 250 से ज्यादा है. डायन बताकर प्रताड़ित करने के मामलों की बात करें तो 2015 से लेकर 2020 तक कुल 4556 मामले पुलिस में दर्ज किये गये. यानी हर रोज दो से तीन मामले पुलिस के पास पहुंचते हैं.

झारखंड में डायन के नाम पर दरिंदगी बार-बार, सियासत भी लगातार

एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों के मुताबिक रेप की घटनाओं के मामले में झारखंड देश में आठवें नंबर पर है. वर्ष 2021 में राज्य में बलात्कार के 1425 मामले दर्ज किए गए. यानी औसतन हर 6 घंटे में दुष्कर्म की एक घटना हो रही है. ये वो आंकड़े है जो थाना में रजिस्टर्ड हुए. इसके अलावा झारखंड में महिलाओं पर हमला करने के 164 मामले दर्ज हुए.

क्या है अंधविश्वास की रोकथाम के लिए बनाया गया महाराष्ट्र का चर्चित जादू टोना विरोधी कानून ? : Vaigyanik Chetnaझारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता और कई सामाजिक संगठनों से जुड़े योगेंद्र यादव बताते हैं डायन, जादू-टोना अंधविश्वास राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की सबसे बड़ी वजह है. डायन प्रताड़ना के लगभग 30 से 40 प्रतिशत मामले तो पुलिस के पास पहुंच ही नहीं पाते दबंगों के खौफ की वजह से कई लोग जुल्म सहकर भी चुप रह जाते हैं. इनमें ज्यादातर महिलाएं होती हैं. कई बार प्रताड़ित करने वाले अपने ही घर के लोग होते हैं. ऐसे मामले पुलिस में तभी पहुंचते हैं, जब जुल्म की इंतेहा हो जाती है. योगेंद्र बताते हैं कि डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ना की घटनाओं के लिए लिए वर्ष 2001 में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम लागू हुआ था, लेकिन झारखंड बढ़ने के बाद डायन प्रताड़ना और हिंसा के बढ़ते मामले यह बताते हैं कि कानून की नये सिरे से समीक्षा की जरूरत है.

राष्ट्रीय मुद्दे) महिलाओं के खिलाफ हिंसा : चुनौतियां और समाधान (Violence Against Women : Challenges and Solutions) | Dhyeya IAS® - Best UPSC IAS CSE Online Coaching | Best UPSC Coaching |इन घटनाओं पर क्या कहते है पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास 
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास कहते हैं कि मौजूदा राज्य सरकार के कार्यकाल में विधि-व्यवस्था बदतर होने की वजह से महिलाओं के खिलाफ अपराध बेतहाशा बढ़े हैं. हर रोज सामने आ रही घटनाएं इसकी गवाही देती हैं. दूसरी तरफ झारखंड मुक्ति मोर्चा के राज्यसभा सांसद और झारखंड महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष महुआ माजी कहती हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं पर राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनशील है. आप देखेंगे कि जितनी भी बड़ी घटनाएं हुई हैं, उनमें अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का खुद का रुख इस मामले में पूरी तरह सख्त है.

Report By :- SUPRIYA PANDEY / ZEBA AAFREEN, SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, रांची 

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