बड़ा भारी गुजरा शनिवार : 56 लोगों की गई जान, चाइल्ड हॉस्पिटल और गेम जोन में लगी भीषण आग, काल के गाल में समा गए 20 बच्चे
NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, दिल्ली / गुजरात/ उत्तर प्रदेश
शनिवार दोपहर से लेकर रात तक अग्निकांड की कई घटनाओं में अब तक कई बच्चों समेत 56 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. इसमें दिल्ली के अस्पताल में आग, गुजरात से राजकोट में गेम जोन में आग और उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर में दर्दनाक सड़क हादसा शामिल है.
देश के अलग-अलग हिस्सों शनिवार रात कहर बनकर टूटा. शनिवार दोपहर से लेकर रात तक अग्निकांड की कई घटनाओं में अब तक कई बच्चों समेत 56 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. इसमें दिल्ली के अस्पताल में आग, गुजरात से राजकोट में गेम जोन में आग और उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर में दर्दनाक सड़क हादसा शामिल है. हादसे में घायल हुए घायलों में कई की हालत गंभीर होने से मौतों की संख्या बढ़ने की भी आशंका है. इन हादसों में कई लोगों की लापरवाही सामने आई है. एक तरफ गर्मी से लोग परेशान रहे तो दूसरी तरफ अग्निकांड की घटनाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया. सबसे पहले बात करते हैं राजकोट गेम जोन हादसे की है. यह हादसा राजकोट के एक शॉपिंग मॉल में गेमिंग जोन में लगे आग के कराण हुई.
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दिल्ली के चाइल्ड हॉस्पिटल में आग, 7 नवजात की मौत:5 बच्चों का रेस्क्यू; आशंका- ऑक्सीजन सिलेंडर में ब्लास्ट के बाद आग लगी
Delhi Children Hospital Fire: दिल्ली के विवेक विहार स्थित एक चाइल्ड हॉस्पिटल में शनिवार 25 मई देर रात आग लग गई। हादसे में 7 नवजात की मौत हो गई। 5 का रेस्क्यू किया गया है। दो मंजिला बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर न्यू बॉर्न बेबी केयर सेंटर था। इसमें कुल 12 बच्चे भर्ती थे। दिल्ली फायर सर्विस चीफ अतुल गर्ग ने ने बताया कि अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। हालांकि, शुरुआती जांच में ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट को आग लगने का कारण बताया जा रहा है। बेबी केयर सेंटर के नीचे ग्राउंड फ्लोर पर अवैध ऑक्सीजन सिलेंडर रीफिलिंग का काम चल रहा था।
दिल्ली पुलिस ने चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक नवीन किची के खिलाफ IPC की धारा 336 (दूसरों की निजी सुरक्षा को खतरे में डालना), 304A (लापरवाही से मौत) और 34 (आपराधिक गतिविधि) के तहत FIR दर्ज की है। वह पश्चिम विहार का रहने वाला है। घटना के बाद से वह फरार है।
दम घुटने से बच्चों की मौत हुई
दमकल अधिकारी ने बताया कि उन्हें रात 11:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर दमकल की कुल 16 गाड़ियां पहुंचीं। तब तक आग की लपटें ऊपर के फ्लोर और पास की दो बिल्डिंग्स में भी फैल चुकी थी। बेबी केयर सेंटर में ऊपर जाने के लिए बाहर की तरफ से लोहे की एकमात्र घुमावदार सीढ़ी है। उसमें भी आग लग गई थी।
बेबी केयर सेंटर में भर्ती 12 बच्चों में से एक की मौत आग लगने से पहले ही हो चुकी थी। धुआं भरने के कारण अन्य 11 बच्चों की हालत गंभीर हो गई। दमकल की टीम और स्थानीय लोगों ने लकड़ी की सीढ़ियों पर चढ़कर खिड़की से अन्य 11 बच्चों को बाहर निकाला। तब तक दम घुटने से 6 बच्चों की मौत हो गई। इनके शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेजा गया है।
रेस्क्यू किए गए 5 बच्चों को एडवांस NICU अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। चाइल्ड हॉस्पिटल के दोनों तरफ दो रेसिडेंशियल बिल्डिंग से 11-12 लोगों को बचाया गया। फायर सर्विस ने करीब डेढ़ घंटे मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

ऑक्सीजन सिलेंडर रीफिलिंग के दौरान धमाके की आवाज हुई
फायर डिपार्टमेंट और पुलिस के मुताबिक, बेबी केयर सेंटर के पास किसी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन गैस की रीफिलिंग की जा रही थी। उसी दौरान धमाके की तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद पूरे बिल्डिंग में आग की लपटें फैल गई।
एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि हमारा घर पास ही है। हमें रात में फोन आया कि यहां धमाके हुए हैं। मौके पर आए तो पता चला कि बिल्डिंग के सामने वैन में ऑक्सीजन सिलेंडर में रीफिलिंग का काम चल रहा था। तभी सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। पहला सिलेंडर फटकर बिल्डिंग के अंदर गया, जिससे आग लग गई। आग लगते ही हॉस्पिटल के सभी स्टाफ बच्चों को छोड़कर भाग गए। उसके बाद एक के बाद एक तीन और सिलेंडर में ब्लास्ट हुए। हम बिल्डिंग के पीछे गए और शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बेबी केयर सेंटर के नीचे काफी समय से ऑक्सीजन रीफिलिंग का काम होता था। यहां रोज बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर लाए जाते थे। इसको लेकर पहले ही कई बार शिकायत की गई थी। हालांकि, कोई सुनवाई नहीं हुई।
अपने-अपने बच्चे की तलाश में जुटे परिजन
घटना के बाद परिजन अपने-अपने बच्चे की तलाश में जुटे हैं। एक नवजात के रिश्तेदार सुमित ने कहा- 20 मई को मेरे भाई के बच्चे को न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हम पुलिस स्टेशन गए और बच्चे की जानकारी मांगी। उन्होंने हमें अस्पताल जाने का कहा। एक बच्चे की मां ने कहा- मेरा बच्चा पिछले तीन दिनों से यहां भर्ती था। उसे सिर्फ बुखार था। आज सुबह एक रिश्तेदार से आग लगने की खबर मिली। अस्पताल से कोई जानकारी नहीं दी गई। सुबह से इधर-उधर भाग रहे हैं, लेकिन बच्चे की कोई जानकारी नहीं है।
एक अन्य बच्चे के एक रिश्तेदार ने बताया- कल हमने अपने बच्चे को देखा था। वे हमें यहां रहने नहीं दे रहे थे। अब हमें उसकी कोई कोई जानकारी नहीं मिल रही है। डीएनए टेस्ट के बाद पहचान पाएंगे कि मृतकों में हमारा बच्चा था या नहीं।
राजकोट गेम जोन में आग-12 बच्चों समेत 28 की मौत: वेल्डिंग की चिंगारी से आग भड़की, सिर्फ एक एग्जिट पॉइंट; हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी

गुजरात के राजकोट में शनिवार शाम 4.30 बजे टीआरपी गेम जोन में आग लगने से 28 लोगों की मौत हो गई। पहले 30 की मौत की जानकारी सामने आई थी। मगर SP क्राइम ने 28 की मौत की पुष्टि की। मृतकों में 12 बच्चे भी शामिल हैं। फायर ब्रिगेड की 8 टीमें करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाईं। 25 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, गेम जोन से अंदर-बाहर जाने का एक ही रास्ता था। वहीं फायर डिपार्टमेंट से NOC भी नहीं ली गई थी। चश्मदीद के मुताबिक- कालावड रोड स्थित इस गेम जोन में वीकेंड की वजह से 500 रुपए का टिकट 99 रुपए में दिया जा रहा था, इसलिए भीड़ ज्यादा थी। टीआरपी गेम जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी, पार्टनर प्रकाश जैन, राहुल राठौड़ और मैनेजर नितिन जैन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हादसे के बाद चारों ने फोन बंद कर लिया था।
आग कैसे लगी: किराए की 2 एकड़ जमीन पर तीन मंजिला गेम जोन 2020 में बनाया गया था। इसका स्ट्रक्चर लकड़ी और टीन शेड पर खड़ा था। कई जगह रिपेयरिंग और रेनोवेशन का काम भी चल रहा था। एक जगह सीढ़ी पर वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से ब्लास्ट हुआ और आसपास आग लग गई।
आग तेजी से क्यों फैली: गेम जोन का डोम कपड़े और फाइबर से बना था। स्ट्रक्चर लकड़ी, टीन और थर्मोकोल शीट से बनाया गया था। फर्श पर भी रबड़, रैग्जिन और थर्मोकोल लगा था। इसके अलावा गेज जोन में 2 हजार लीटर डीजल और 1500 लीटर पेट्रोल भी स्टोर किया गया था। इसलिए आग कुछ मिनटों में ही तेजी से फैल गई।
ज्यादा नुकसान की वजह: चश्मदीद के मुताबिक, आग नीचे से ऊपर तक कुछ ही मिनटों में फैल गई थी। तीन मंजिला स्ट्रक्चर में नीचे से ऊपर जाने के लिए केवल एक सीढ़ी थी। दूसरी और तीसरी मंजिल के लोगों को भागने का मौका नहीं मिला।
अधिकारी क्या बोले: कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा, शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि पहचान मुश्किल है। डीएनए टेस्ट कराना होगा। राजकोट के सभी गेम जोन बंद कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव के मुताबिक, टीआरपी गेम जोन के पास फायर एनओसी तक नहीं थी। सरकार ने जांच के लिए SIT बनाई है।

हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी: गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बीरेन वैष्णव और देवेन देसाई ने राज्य के 4 बड़े शहरों अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और सूरत के सभी गेम जोन की डिटेल मांगी है। कोर्ट ने चारों महानगरों की महानगरपालिकाओं को 24 घंटे में इसकी जानकारी देने को कहा है।
गेम खेलने से पहले साइन करवाए जाते थे, हादसे की जिम्मेदारी गेम जोन की नहीं होगी

गेम जोन के मालिक लोगों से एक फॉर्म में साइन करवाते थे। फॉर्म भरने के बाद ही लोगों को गेम खेलने की परमीशन दी जाती थी। इस फॉर्म के अंदर लिखा है कि अगर कोई घायल होता है या मौत हो जाती है तो गेम मालिक इसका जिम्मेदार नहीं होगा।
शाहजहांपुर में दर्दनाक सड़क हादसा
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शनिवार देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ. इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सड़क हादसे के शिकार ये सभी लोग सीतापुर जिले के रहने वाले थे. कहा जा रहा है कि ये सभी उत्तराखंड में पूर्णागिरी माता के दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया.
Report By :- ANAMIKA PANDEY / HEENA KHAN, SURBHI TIWARI, NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, दिल्ली / गुजरात/ उत्तर प्रदेश