DGP के कार्यकाल पर राज्य -केंद्र में विवाद जारी: गृह विभाग ने कहा- डीजीपी का संशोधित पे-स्लिप जारी करे एजी
CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब राज्य सरकार के गृह विभाग ने महालेखाकार (एजी) को पत्र भेजा है, जिसमें अनुराग गुप्ता का कार्यकाल 3 फरवरी 2025 से 2 फरवरी 2027 तक होने की बात कही गई है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि अनुराग गुप्ता के लिए 30 अप्रैल 2025 के बाद की संशोधित पे-स्लिप जारी की जाए।
गृह विभाग के संयुक्त सचिव आलोक कुमार ने पत्र में कहा है कि अनुराग गुप्ता की नियुक्ति महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक झारखंड पुलिस बल प्रमुख चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2025 के तहत हुई है। नियमावली के नियम 10 (1) के अनुसार वे दो वर्ष के लिए पद पर बने रहेंगे, भले ही उस दौरान उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी क्यों न हो जाए। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल 2025 को रिटायर हो चुके हैं।
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वेतन के लिए अनुराग गुप्ता ने भी लिखा पत्र: महालेखाकार कार्यालय ने एक मई 2025 से डीजीपी अनुराग गुप्ता की पे-स्लिप शून्य कर दी है। उन्हें मई महीने का वेतन भी नहीं मिला है। इस पर अनुराग गुप्ता ने 10 जून को महालेखाकार कार्यालय को पत्र लिखकर वेतन जारी करने की मांग की है।
केंद्र ने 30 अप्रैल 2025 के बाद डीजीपी मानने से किया है इंकार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 अप्रैल को झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अनुराग गुप्ता को 30 अप्रैल 2025 को रिटायर करने का निर्देश दिया था। केंद्र ने एआईएस (डीसीआरबी) नियमावली 1958 के नियम 16 (1) का हवाला दिया, जिसके अनुसार आईपीएस अधिकारी 60 वर्ष की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। सेवा विस्तार सिर्फ केंद्र सरकार ही दे सकती है, लेकिन अनुराग गुप्ता को ऐसा कोई विस्तार नहीं मिला है। वहीं, राज्य सरकार ने केंद्र को जवाब भेजकर अनुराग गुप्ता को नई नियुक्ति नियमावली के तहत डीजीपी बनाए रखने की बात कही। लेकिन दो दिन बाद ही केंद्र ने राज्य के जवाब को खारिज करते हुए कहा कि अनुराग गुप्ता की सेवा अवधि 30 अप्रैल 2025 को समाप्त हो चुकी है और उन्हें बनाए रखना नियमविरुद्ध है।
विवाद की पृष्ठभूमि:
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26 जुलाई 2024: अनुराग गुप्ता को प्रभारी डीजीपी बनाया गया।
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10 अक्टूबर 2024: चुनाव आयोग के निर्देश पर हटाए गए।
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28 नवंबर 2024: चुनाव के बाद फिर से प्रभार दिया गया।
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8 जनवरी 2025: राज्य सरकार ने डीजीपी चयन के लिए नई नियमावली बनाई।
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3 फरवरी 2025: नई नियमावली के तहत अनुराग गुप्ता को नियमित डीजीपी नियुक्त किया गया।
महालेखाकार ने मई से वेतन रोका
महालेखाकार कार्यालय ने एक मई 2025 से अनुराग गुप्ता की वेतन स्लिप शून्य कर दी है। मई का वेतन भी उन्हें नहीं मिला। इस पर 10 जून को अनुराग गुप्ता ने महालेखाकार को पत्र लिखकर वेतन जारी करने की मांग की है।
केंद्र सरकार का विरोध, सेवा विस्तार नहीं
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 अप्रैल 2025 को झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अनुराग गुप्ता को 30 अप्रैल 2025 को सेवानिवृत्त मानने का निर्देश दिया था। मंत्रालय ने ऑल इंडिया सर्विस (डीसीआरबी) रूल्स 1958 के नियम 16(1) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि आईपीएस अधिकारी 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त हो जाते हैं और सेवा विस्तार सिर्फ केंद्र सरकार ही दे सकती है। अनुराग गुप्ता को कोई सेवा विस्तार नहीं दिया गया है।
राज्य बनाम केंद्र: नियमों की व्याख्या में भिन्नता
राज्य सरकार का दावा है कि नई नियमावली के तहत नियुक्ति करते हुए डीजीपी का कार्यकाल दो वर्ष तक निश्चित किया गया है। लेकिन केंद्र ने राज्य के इस जवाब को खारिज करते हुए इसे नियमविरुद्ध बताया है और कहा है कि अनुराग गुप्ता की सेवा 30 अप्रैल 2025 को समाप्त हो चुकी है।