Nation express
ख़बरों की नयी पहचान

एक बीवी, 4 गर्लफ्रेंड, 10 बॉडीगार्ड, लग्जरी गाड़ियां और 15 लोगों की टीम… फ्रॉड IAS का गजब का ‘मायाजाल’ और लग्जरी लाइफ का पर्दाफाश

0 74

NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, गोरखपुर (UTTAR PARDESH)

फर्जी आईएएस अधिकारी ललित किशोर पीआरओ और 10 गनर तक साथ रखता था। उसकी अय्याशी का हाल यह था कि उसका मासिक खर्च पांच लाख रुपये था। पढ़ें चौंकाने वाले खुलासे।

गोरखपुर की गलियों में पिछले पांच महीनों से एक ऐसा खेल चल रहा था, जिसमें चमक बहुत थी, पर सच की रोशनी बिल्कुल नहीं। एक किराये के मकान से उठता था रुतबे का धुआं, नीली बत्ती की झिलमिल, लाइफस्टाइल में एलीटनेस का तड़का और दावा कि “मैं 2022 बैच का IAS हूं।” लेकिन सच सामने आया तो परत दर परत खुलता गया एक शातिर दिमाग का साम्राज्य। सीतामढ़ी का रहने वाला ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार, कभी एक कोचिंग में गणित पढ़ाता था।

- Advertisement -

MAC, PHD की राह पर चलने वाला ये युवक 2023 में एडमिशन के नाम पर दो लाख लेने के आरोप में कोचिंग से निकाला गया। पकड़े जाने के बाद उसने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले राज खोले। पुलिस जांच से खुलासा हुआ कि 10–12 गनर, हर एक की तनख्वाह 30,000 रुपये, एक मैनेजर, वेतन 60,000 रुपये, स्कॉर्पियो और अर्टिगा, दोनों की 30,000 रुपये EMI, होटल में 30,000 रुपये किराया और खुद को सरकारी अधिकारी दिखाने के लिये निजी गाड़ियों पर ‘सरकारी कार्य’ लिखवाना उसकी फितरत हो गई। जब वह किसी स्कूल, होटल या कार्यक्रम में पहुंचता तो उसके आगे-पीछे गनरों का काफिला चलता। लोग सोचते, “अरे ये तो बड़ा अधिकारी है।” इसी भरोसे में उसकी ठगी का नेटवर्क और गहरा होता गया। उसकी निजी जिंदगी भी किसी फिल्मी खलनायक जैसी निकली। पुलिस के अनुसार, उसकी एक पत्नी और दो बच्चे, चार प्रेमिकायें, तीन गोरखपुर की और एक सीतामढ़ी की और इनमें तीन गर्भवती है। महंगे मोबाइल, ज्वैलरी, कैश, ललित इन सब पर पानी की तरह पैसे बहा रहा था। हर रिश्ता, एक नया मुखौटा। गुजरे पांच महीनों से वह परिवार और साले के साथ यही मकान ठिकाना बनाकर ठगी का नेटवर्क चला रहा था, ऑनलाइन भी, ऑफलाइन भी। वह कई स्कूलों में ‘निरीक्षण’ के नाम पर पहुंच चुका था। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान भी दो गाड़ियां और गनर लेकर पहुंच गया था।

किराए पर गनर, मैनेजर और महंगी गाड़ियां
एसपी सिटी के अनुसार ललित हमेशा 10-12 गनरों के साथ चलता था। प्रत्येक को वह 30 हजार रुपये मासिक देता था। इसके अलावा उसने एक मैनेजर रखा था, जिसे 60 हजार रुपये महीने मिलते थे। उसके पास स्कॉर्पियो और अर्टिगा दो लग्जरी वाहन थे, जिनकी 30-30 हजार रुपये ईएमआई हर महीने जमा करता था। गोरखपुर के होटलों में वह 30 हजार रुपये मासिक रूम रेंट खर्च करता था। यहीं नहीं सरकारी अधिकारी जैसी छवि बनाने के लिए वह सरकारी कार्य पर लिखी निजी गाड़ियों का इस्तेमाल करता था। जहां भी जाता, गनरों की टोली और स्टाफ लेकर पहुंचता, जिससे लोग उसे असली आईएएस समझ लेते थे।

यहीं वो अपार्टमेंट है, जिसमें गौरव कुमार किराए पर रहता था। इसके मालिक बलरामपुर में रहते हैं।3 BHK का अपार्टमेंट, थाने से सिर्फ 500 मीटर दूर

गोरखपुर पुलिस ने 10 दिसंबर को गौरव कुमार सिंह को अरेस्ट किया। जालसाजी में उसके साथी अभिषेक कुमार और परमानंद गुप्ता भी गिरफ्त में आ गए। गोरखपुर के जिस झुंगिया कॉलोनी में गौरव रहता था, NATION EXPRESS वहां पहुंचा। गौरव का 3 BHK फ्लैट गुलरिहा थाने से सिर्फ 500 मीटर दूर था। ये अपार्टमेंट उसने 20 हजार रुपए महीने किराए पर लिया था। इस मकान के मालिक बलरामपुर में रहते हैं। पुलिस ने उन्हें भी गोरखपुर बुलाया है।

दफ्तर में पत्नी बैठती थी, 10-12 लोगों का स्टाफ था

झुंगियां बाजार स्थित गौरव के दफ्तर में उसकी पत्नी पूजा कुमारी भी बैठती थी। वहां 10-12 बॉडीगार्ड और स्टाफ के रूप में तैनात रहते थे। यह भव्य सेटअप देखकर लोग विश्वास में आ गए थे।

एसपी सिटी ने बताया कि एक IAS अधिकारी का सेटअप बनाने के लिए वह लाखों का खर्च उठा रहा था। इसके लिए वह अपने चंगुल में फंसने वाले कारोबारियों से पैसा वसूलता था।

  • 10-12 गनर रखता था। हर गनर को 30 हजार रुपए महीने की सैलरी देता था।
  • एक मैनेजर लेकर चलता था। उसकी 60 हजार रुपए महीना सैलरी थी।
  • उसके पास एक स्कॉर्पियों और अर्टिगा कार थी। 30-30 हजार रुपए की ईएमआई भर रहा था।

पुलिस मोबाइल चेक कर रही थी, गर्लफ्रेंड ने लगाया स्टेट्स

गोरखपुर पुलिस ने गौरव को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। मोबाइल चेक करते समय उसकी एक गर्लफ्रेंड ने गौरव की फोटो स्टेटस पर लगाकर लिखा- मिस यू हैंडसम…। 5 महीने पहले गौरव ने अपना पुराना सिम और मोबाइल में ढेर सारा रिकॉर्ड डिलीट कर दिया था। इधर 6 महीने पहले उसने एक नया मोबाइल और सिम लिया था। इस वजह से पुलिस को उसके पुराने रिकार्ड मोबाइल में नहीं मिल पाए।

पुलिस ने गौरव और उसके सहयोगी अभिषेक को पकड़ा था।गर्लफ्रेंड के बयान होगा, पत्नी की भूमिका की जांच शुरू

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि गौरव के पास से लेटरपैड और कई मोबाइल नंबर मिले हैं। जिनकी कॉल डिटेल निकलवाई जा रही। मोबाइल से ही गर्लफ्रेंड की बात भी सामने आई है। उनका भी बयान लिया जाएगा।

गाड़ियों के हूटर बजाते हुए चलता था

गौरव 2 गाड़ियों से चलता था। इसमें एक इनोवा में वह खुद बैठता था। दूसरी में सुरक्षा गार्ड बैठते थे। कहीं भी टारगेट कर देहात क्षेत्र में वह किसी भी विभाग के ऑफिस में निरीक्षण करने पहुंच जाता था। हूटर बजाते हुए गाड़ियां पहुंचती थीं। तब ऑफिस में बैठे कर्मचारी उसको वैसे ही ट्रीट करते थे, जैसे कोई बड़ा अधिकारी उनके बीच पहुंच गया हो।

4 गर्लफ्रेंड, 3 प्रेग्नेंट और SDM को थप्पड़... गोरखपुर में पकड़े गए फर्जी  IAS के चौंकाने वाले कारनामे - YouTubeSDM को जड़ दिया था थप्पड़

जांच में ये भी पता चला है कि फर्जी IAS गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर रौब झाड़ने के लिए किसी भी हद तक चला जाता है. एक बार बिहार के भागलपुर जिले के एक गांव का दौरा करने के दौरान असली SDM ने उसके बैच और रैंक को लेकर सवाल पूछ लिया. इस पर वह इतना गुस्सा हो गया कि उसने असली SDM को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया. असली SDM भी इतना घबरा गए कि इसकी शिकायत करने की भी हिम्मत नहीं कर पाए.

फर्जी IAS ने की करोड़ों की ठगी, 4 गर्लफ्रेंड बनाकर 3 को किया प्रेग्नेंट,  SDM को जड़ा थप्पड़

गौरव अपना प्रोटोकॉल मेनटेन करने के लिए 5 लाख रुपए महीने खर्चा करता था. यही नहीं अपनी टीम के साथ इनोवा गाड़ी में लाल और नीली बत्ती लगाकर गांव में घूमा करता था. पुलिस को गौरव के पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं. मोबाइल में गौरव की चार गर्लफ्रेंड के चैट मिले हैं. इसे IAS समझकर वो बात करती थीं. हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से तीन प्रेग्नेंट हैं. गौरव ने बिहार के एक लड़की से शादी भी की है. वह अपने साले अभिषेक की मदद से सोशल मीडिया पर अपने आपको IAS अफसर पेश करता था.

1 साल अंडरग्राउंड रहा, लड़की भगाकर शादी की

पुलिस को गौरव ने बताया- अंडरग्राउंड रहने के दौरान 3 साल पहले मैंने बिहार की ही एक लड़की से प्यार का ड्रामा किया। उसको लेकर घर से भाग गया। उससे एक मंदिर में शादी भी कर ली। अब मुझे पैसों की जरूरत थी। इसलिए अपने साले अभिषेक की मदद से लोगों को नौकरी दिलाने और सरकारी ठेका दिलाने का ऑफर देकर रुपए ऐंठने लगा।

गौरव ने बताया- अभिषेक ने सॉफ्टवेयर की पढ़ाई की थी। सीतामढ़ी में उसकी जान-पहचान भी अच्छी थी। उसकी मदद से मैंने IAS का फर्जी आईडी तैयार किया। एक नेम-प्लेट भी बनवाई। पहले अभिषेक कुछ जालसाजों की मदद से ये सारे डॉक्यूमेंट बनवाता था। इसके लिए हमें रुपए खर्च करने पड़ते थे।

फिर 1 साल पहले AI लॉन्च होने के बाद अखबार की कतरन से लेकर सारे डॉक्यूमेंट ऑनलाइन तैयार करने लगे। इसमें समय भी कम लग रहा था और फंसने के चांस भी कम थे। अभिषेक कुमार और उसका दोस्त परमानंद गुप्ता सोशल मीडिया और यूपी-बिहार के अलग-अलग ग्रुपों में गौरव कुमार सिंह को बतौर IAS पेश करने लगे। इस प्रमोशन के जरिए ही उन्हें बिल्डर और कारोबारियों से काम मिलने लगे।

Report By :- ZEBA KHAN, NATIONAL DESK, NATION EXPRESS, गोरखपुर (UTTAR PARDESH)

Leave A Reply

Your email address will not be published.

GA4|256711309