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मनीष टोप्पो के पदस्थापन के बाद जिले में लॉ ऑर्डर की स्थिति में काफी सुधार हुआ था ,अपराधी की लगातार घर-पकड़ से जिले में सुशासन कायम हो चुका था l
बुधवार को जहां राज्य के बदले राजनीतिक घटनाक्रम में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी वहीं देर शाम पुलिस मुख्यालय से उनके गृह जिले में पदस्थापित एसपी मनीष टोप्पो को हटाकर जमशेदपुर के सिटी एसपी मुकेश लुनायत को जिले का नया एसपी नियुक्त कर दिया गया है इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, बतौर सरायकेला एसपी मनीष टोप्पो का कार्यकाल लगभग 4:30 महीने का रहा, लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उनका पदस्थापन हुआ था, यूं कहे तो मनीष टोप्पो का कार्यकाल सबसे कम अवधि का रहा,
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अब सवाल यह उठ रहा है कि एक तरफ बुधवार को दिनभर चंपई सोरेन सरकार पर संकट के बदले मंडरा रहे थे दूसरी तरफ कौन था जो एसपी का ट्रांसफर पोस्टिंग करवा रहा था और क्यों ? आखिर किसके इशारे पर एसपी को हटाया गया आखिर क्या गलती थी मनीष टोप्पो की ?

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो करीब एक हफ्ते पहले सरायकेला एसपी ने कुछ थानेदारों के ट्रांसफर से संबंधित आदेश जारी किए थे जिसे आनन फानन में विलोपित कर दिया गया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएमओ में बैठे सीएम के खास के इशारे पर कुछ थानेदारों को बदलने का टास्क एसपी को दिया गया था और ऐन वक्त पर यह बात लीक हो गया और आनन फानन में चिट्ठी विलुपित कर दिया, इसको लेकर सीएमओ में काफी खलबली मची थी सूत्र बताते हैं कि जमशेदपुर सिटी एसपी मुकेश लुनायत को भी सरायकेला एसपी बनने को लेकर सीएम के करीबी का काफी दबाव था बुधवार को बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सीएमओ में बैठा सीएम का खास सिपाह सालार सक्रिय हो गया और अपने पहुंचे और रसूख का लाभ उठाते हुए आनन फानन में जिले के एसपी के ट्रांसफर से संबंधित आदेश जारी करवाने में सफल रहा, वैसे राज्य में अब सत्ता परिवर्तन हो चुका है पूर्व सीएम चंपई सोरेन के सिपहसालार की भूमिका की जांच को लेकर सियासी गलियारा सक्रिय हो चुका है, आने वाले दिनों में यह भी संभव है कि फिर से एसपी मनीष टोप्पो को दूसरे जिले का एसपी बनाकर भेजा जा सकता है और वहीं उम्मीद जताई जा रही है की पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के खास पर गाज गिरना तय है !
मनीष टोप्पो के पदस्थापन के बाद जिले में लॉ ऑर्डर की स्थिति में काफी सुधार हुआ था

ज्ञात हो कि SP मनीष टोप्पो के पदस्थापन के बाद जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ था ,अपराधी की लगातार घर-पकड़ से जिले में सुशासन कायम हो चुका था l अवैध बालू, स्क्रैप का कारोबार भी लगभग समाप्त हो चुका थाl फिर किस कारण पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो का ट्रांसफर अचानक हुआ यह पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है? सूत्र बताते हैं कि जिले के पुलिस अधीक्षक किसी भी दबाव में काम करने को तैयार नहीं थे. झारखंड के पुलिस अफसर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण के पूर्व अचानक सरायकेला-खरसावां पुलिस अधीक्षक को स्थानांतरित कर दिया गया l पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो के स्थानांतरित होने की चर्चा से अवैध बालू, स्क्रैप कारोबारी की चांदी होने की चर्चा है
Report By :- SONALI SINGH, SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI