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BIG BREAKING : गृह सचिव राजीव अरुण एक्का को हटाया गया

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

झारखंड सरकार ने गृह सचिव राजीव अरुण एक्का को उनके पद से हटा दिया है अब उन्हें पंचायती राज विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है गौरतलब है कि बाबूलाल मरांडी के आरोपों के बाद झारखंड सरकार ने यह फैसला लिया है आपको बताते चलें के  भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने गृह, आपदा प्रबंधन, कारा के सचिव राजीव अरूण एक्का को तत्काल हटाए जाने की मांग राज्य सरकार से की है. पार्टी कार्यालय में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एक फुटेज जारी करते हुए कहा कि पिछले दिनों ईडी की रडार पर आए दलाल विशाल चौधरी के कार्यालय में बैठकर सीएम के प्रधान सचिव और गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग के सचिव सरकारी फाइल डील कर रहे हैं.

चौधरी के कार्यालय की कोई महिला स्टाफ उनके पास खडी़ होकर फाइल दिखा रही. इस दौरान विशाल की आवाज गूंज रही है जिसमें पैसे आने नहीं की बात सुनाई दे रही है. इतने महत्वपूर्ण पदाधिकारी का एक दलाल के कार्यालय में बैठकर सरकारी फाइलों की डील करना शर्मनाक है. बाबूलाल ने सीएम को तत्काल अपने प्रधान सचिव को हटाने, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा गिरफ्तार किए जाने की मांग की.

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राज्यपाल से भी आग्रह

Jharkhand: बाबूलाल मरांडी का प्रधान सचिव अरुण एक्का पर बड़ा आरोप

बाबूलाल ने कहा कि भाजपा इस मामले में उपलब्ध वीडियो के साथ राज्यपाल से भी मिलेगी. मामले की गंभीरता को देखते इसकी विस्तृत और निष्पक्ष जाँच कराने की अपील उनसे होगी. सीबीआई जांच के लिए भी आग्रह होगा. इसके अलावा इडी से भी मामले की गंभीरता को देखते और भी सघन जांच करने का अनुरोध होगा.

आदिवासी सीएम दिखाएं ईमानदारी

पूर्व सीएम ने कहा कि हेमंत सोरेन बार बार खुद को ट्राइबल सीएम होने की दुहाई देते हैं. पर अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश उन्हें सवालों के घेरे में खडी़ करती है. उनकी सुरक्षा में लगे जवानों का हथियार एके-47 एक अन्य दलाल प्रेम प्रकाश के घर से बरामद होने के बाद दोषियों पर कोई कार्रवाई अबतक नहीं हुई है. पूजा सिंघल जैसे अफसर के खिलाफ राज्य की जांच एजेंसियों को परमिशन नहीं दी गई. बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव भी अपने समय में फाइलों को इधर उधर घुमाते रहे. अंततः इसका खामियाजा उन्हें भुगतान पडा़. सत्ता किसी की जागीर नहीं.  जिस तरह के कुकर्म सामने आ रहे हैं, सीएम को त्वरित एक्शन लेना चाहिए. अन्यथा लालू वाला हाल संभव है. आदिवासी सीएम के नाम पर वे कलंक साबित होंगे. राजीव अरुण एक्का के मामले में अब सरकार एक्शन ले वर्ना सारे मामले में उनकी संलिप्तता मानी जाएगी.

Report By :- ADITI PATHAK, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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