HEALTH DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI
- कर्नाटक से दो, गुजरात और महाराष्ट्र से ओमीक्रोन का एक-एक केस
- आज दिल्ली में भी ओमीक्रोन संक्रमित मरीज की पुष्टि, आइसोलेटेड है
- दुनिया के कई हिस्सों में ओमीक्रोन के चलते लॉकडाउन जैसे हैं हालात
- भारत में लॉकडाउन की संभावना न के बराबर, दूसरी लहर में भी नहीं था
दुनियाभर में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन बहुत तेजी से फैल रहा है। WHO के मुताबिक अब तक यह वेरिएंट 77 देशों में फैल चुका है। ओमिक्रोन वेरिएंट दूसरे वेरिएंट की तुलना में ज्यादा रफ्तार के साथ लोगों में फैल रहा है।
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इस संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सभी देश एहतियात के तौर पर लॉकडाउन लगाने से लेकर टेस्टिंग बढ़ाने तक तमाम कोशिशें कर रहे है। वहीं कोरोना-19 रणनीति पर नीदरलैंड को सलाह देने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रोन से बचने के लिए देश को पूर्ण लॉक्डाउन करना होगा।
बीते शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री ह्यूगो डी जोंग ने कैबिनेट बैठक के बाद वहां के पत्रकारों से बातचीत की । उन्होंने कहा कि सरकार ओमिक्रोन वेरिएंट के बढ़ते प्रसार को लेकर चिंता में है। ड्यूगो डी जोंग ने कहा कि अपनी तरफ से मैं कुछ नहीं कहूंगा लेकिन सरकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह का पालन करेगी। बता दें कि नीदरलैंड के पीएम मार्क रुट की सरकार आज शनिवार को स्वास्थ्य विषेशज्ञों के साथ एक बैठक करने वाली है। इस बैठक में ओमिक्रोन की चेन को किस तरह से तोड़ा जाए इस पर निर्णय लिया जाएगा।
पहले भी लॉकडाउन लगाने को लेकर हो चुका है विरोध
बता दें कि नवंबर में नीदरलैंड में कोरोना वायरस से जुड़े प्रतिबंधो के विरोध में लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। इस विरोध के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कई नागरिक घायल हो गए थे। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब यहां कोरोना वायरस से जुड़े प्रतिबंधों के विरोध में प्रदर्शन हुआ हो। इससे पहले जनवरी में भी पूर्ण लॉकडाउन का विरोध करते हुए लोगों ने प्रदर्शन किया था।
लॉकडाउन को आखिरी उपाय समझें: WHO
भारत समेत पूरी दुनिया ने लॉकडाउन के चलते तगड़ा आर्थिक नुकसान सहा है। यही वजह है कि ज्यादातर देश उस दौर की तरफ लौटना नहीं चाहते। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी ताकीद की है कि ओमीक्रोन के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन को ‘आखिरी हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। एक बयान में WHO ने शनिवार को कहा कि यह वेरिएंट भारत समेत 24 से ज्यादा देशों में पहुंच चुका है।
Report By :- ANUJA AWASTHI, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI